अब बिना रजिस्ट्रेशन कराये नहीं कर सकेंगे व्यावसायिक इस्तेमाल

लखनऊ। निकट भविष्य में प्रदेश में बिना प्राधिकार प्रमाणपत्र प्राप्त किये और डिस्ट्रिक्ट ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराये बगैर भूजल का व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए दोहन नहीं किया जा सकेगा। लगातार गिरते जा रहे भूजल के अंधाधुंध दोहन को रोकने के लिए लघु सिंचाई विभाग ने उप्र ग्राउंड वाटर (मैनेजमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट का प्रारूप तैयार कर लिया है जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।अब बिना रजिस्ट्रेशन कराये नहीं कर सकेंगे व्यावसायिक इस्तेमाल

यह होगी सजा

यदि कोई ड्रिलिंग एजेंसी या भूजल का व्यावसायिक उपयोगकर्ता पहली बार एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करेगा तो उसे दो लाख से पांच लाख रुपये तक जुर्माना या छह माह से एक साल तक का कारावास या दोनों भुगताना होगा। दोबारा ऐसा करने पर उसे पूर्व की भांति कारावास के अलावा पहली बार अदा किये गए जुर्माने की दोगुनी राशि देनी होगी। उसका प्राधिकार पत्र भी निरस्त कर दिया जाएगा। नोटिफाइड एरिया में एक्ट का उल्लंघन करने पर एक से तीन साल तक कारावास और दस लाख रुपये तक जुर्माना होगा। भूजल को प्रदूषित करने पर भी कड़ा दंड मिलेगा।

कई स्तरों पर कमेटियां

एक्ट के तहत भूजल संरक्षण और ग्राउंड वाटर सेक्योरिटी प्लान तैयार करने के लिए ग्राम पंंचायत, ब्लॉक, शहरी क्षेत्र और जिला स्तर पर कमेटी/काउंसिल बनेंगी। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान, ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक प्रमुख, नगर क्षेत्र में संबंधित निकाय प्रमुख और जिला स्तर पर डीएम संबंधित कमेटी/काउंसिल के अध्यक्ष होंगे। वहीं राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उप्र स्टेट ग्राउंड वाटर एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी गठित की जाएगी जो किसी अतिदोहित क्षेत्र को नोटिफाइड एरिया घोषित करने का सुझाव राज्य सरकार को दे सकती है।

रजिस्ट्रेशन बिना दोहन नहीं

नोटिफाइड और गैर-नोटिफाइड एरिया में भूजल का भारी मात्रा में इस्तेमाल करने वाले या व्यावसायिक, औद्योगिक व इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रयोजन से उपयोग करने वालों को डिस्ट्रिक्ट ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यदि वे बिना रजिस्ट्रेशन के भूजल दोहन करते पाये गए तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही होगी। गैर नोटिफाइड एरिया में बल्क इस्तेमाल के लिए भूजल निकालने की खातिर रजिस्ट्रेशन से पहले डिस्ट्रिक्ट ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट काउंसिल से प्राधिकार/अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। प्राधिकार प्राप्त करने वाला भूजल को किसी और को व्यावसायिक लाभ के लिए बेच नहीं सकता है। न ही किसी और उद्देश्य के लिए इस्तेमाल कर सकता है। प्राधिकार पत्र का बेजा इस्तेमाल करने पर उसे रद कर दिया जाएगा। 

देनी होगी फीस

नोटिफाइड और गैर नोटिफाइड एरिया में भूजल का भारी मात्रा में या व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों को वार्षिक फीस भी देनी होगी। यह फीस दोहित भूजल की मात्रा पर आधारित होगी और वाटर सेस के अतिरिक्त होगी। भूजल दोहन की सीमा उप्र स्टेट ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी द्वारा तय की जाएगी। 

यहां कर सकेंगे शिकायत

किसी जिले में भूजल के प्रबंधन, संरक्षण, अतिदोहन या प्रदूषण से संबंधित शिकायत जिलाधिकारी से की जा सकेगी जो जिला भूजल शिकायत निवारण अधिकारी भी होंगे। इनके निर्णय के खिलाफ मंडलायुक्त और फिर स्टेट ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी से अपील की जा सकती है।

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