<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>कारोबार &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
	<atom:link href="https://ujjawalprabhat.com/business-news/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://ujjawalprabhat.com/business-news/</link>
	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
	<lastBuildDate>Fri, 15 May 2026 11:33:45 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2022/12/Ujjawal-Round-Corner.png</url>
	<title>कारोबार &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
	<link>https://ujjawalprabhat.com/business-news/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>AI की मदद से हैक हुआ लेटेस्ट M5 चिप वाला Mac</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/ai-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%a6%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%86-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-m5/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 11:33:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[apple]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=949273</guid>

					<description><![CDATA[<img width="715" height="422" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkhjk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/ai-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%a6%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%86-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-m5/">AI की मदद से हैक हुआ लेटेस्ट M5 चिप वाला Mac</a></p>
<p>&#160;Apple हमेशा से अपने डेटा और डिवाइस सिक्योरिटी के लिए जाना जाता रहा है। हालांकि, अब कंपनी की इस साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक साइबर सिक्योरिटी स्टार्टअप ने दावा किया है कि उसने एक एडवांस AI मॉडल की मदद से macOS की सुरक्षा में बड़ी खामियां ढूंढ निकाली हैं। कैलिफ (Calif) नाम &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="715" height="422" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkhjk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/ai-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%a6%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%86-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-m5/">AI की मदद से हैक हुआ लेटेस्ट M5 चिप वाला Mac</a></p>

<p>&nbsp;Apple हमेशा से अपने डेटा और डिवाइस सिक्योरिटी के लिए जाना जाता रहा है। हालांकि, अब कंपनी की इस साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक साइबर सिक्योरिटी स्टार्टअप ने दावा किया है कि उसने एक एडवांस AI मॉडल की मदद से macOS की सुरक्षा में बड़ी खामियां ढूंढ निकाली हैं। कैलिफ (Calif) नाम की इस कंपनी के मुताबिक, उनके रिसर्चर्स ने एक हफ्ते से भी कम समय में Apple के लेटेस्ट M5 चिप सिक्योरिटी सिस्टम में सेंध लगाने वाला एक &#8216;वर्किंग एक्सप्लॉइट&#8217; तैयार कर लिया है। कंपनी ने बताया कि Anthropic के &#8216;Mythos Preview&#8217; AI मॉडल ने इस प्रोग्राम को बनाने में मदद की। कैलिफ ने अपनी ये रिपोर्ट एपल के साथ शेयर कर दी है और रिपोर्ट्स के मुताबिक, एपल अब इन दावों का रिव्यू कर रहा है और संभावित सिक्योरिटी कमजोरियों के लिए रिपोर्ट की गई कमियों की जांच कर रहा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">AI ने तोड़ी Apple की सिक्योरिटी लेयर</h2>



<p>पालो ऑल्टो-बेस्ड रिसर्च फर्म कैलिफ ने बताया कि उन्होंने एप्पल के &#8216;मेमोरी इंटीग्रिटी एनफोर्समेंट&#8217; (MIE) में खामी का फायदा उठाया है। MIE एक हार्डवेयर-बेस्ड सिक्योरिटी फीचर है जो मेमोरी करप्शन अटैक्स को रोकने का काम करता है। कंपनी ने अपने एक्सप्लॉइट को पब्लिकली पहले ऐसे macOS कर्नेल मेमोरी करप्शन अटैक के रूप में डिस्क्राइब किया है जो M5 हार्डवेयर पर MIE प्रोटेक्शन को बायपास करने में कैपेबल है।</p>



<p>कैलिफ ये भी दावा करता है कि वह ऑफिशियली एकमात्र कंपनी है जिसने पहला पब्लिकली जाना जाने वाला प्रोग्राम बनाया है जो macOS पर अटैक कर सकता है और इसमें वास्तविक डेंट लगा सकता है या एप्पल के M5 चिप्स पर MIE सिक्योरिटी प्रोटेक्शन को पार करते हुए कर्नेल मेमोरी को मैनिपुलेट कर सकता है।</p>



<p>कैलिफ के मुताबिक, इस एक्सप्लॉइट ने ऑपरेटिंग सिस्टम के रिस्ट्रिक्टेड हिस्सों तक पहुंचने के लिए दो सॉफ्टवेयर बग्स और कई अटैक टेक्निक्स को आपस में लिंक किया है। कंपनी ने कहा कि अगर इस अटैक को दूसरे एक्सप्लॉइट्स के साथ पेयर कर दिया जाए, तो ये अंततः हैकर्स को Mac डिवाइस का कंट्रोल लेने की इजाजत दे सकता है।</p>



<p>अपने ब्लॉग पोस्ट में कैलिफ ने समझाया कि ये प्रोजेक्ट कितनी तेजी से आगे बढ़ा। रिसर्चर ब्रूस डांग ने कथित तौर पर 25 अप्रैल को ये बग्स ढूंढे थे, जबकि साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट डियोन ब्लाज़ाकिस 27 अप्रैल को कंपनी से जुड़े। कैलिफ ने कहा कि जोश मेन ने फिर जरूरी टूल्स डेवलप किए, जिससे 1 मई तक एक वर्किंग एक्सप्लॉइट तैयार हो गया।</p>



<p>कंपनी ने एंथ्रोपिक के &#8216;Mythos Preview&#8217; मॉडल को जाने-माने एक्सप्लॉइट कैटेगरीज में पैटर्न पहचानने में मदद करने के लिए क्रेडिट दिया है। हालांकि, कैलिफ के चीफ एग्जीक्यूटिव थाई डुओंग ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि इसमें इंसानी एक्सपर्ट्स का रोल सबसे अहम रहा क्योंकि एपल का MIE सिस्टम पूरी तरह से नया था।</p>



<h2 class="wp-block-heading">Apple को दी गई जानकारी</h2>



<p>Apple ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को कन्फर्म किया है कि वह कैलिफ की रिपोर्ट का रिव्यू कर रहा है। कंपनी के एक स्पोक्सपर्सन ने आउटलेट को बताया, ‘सिक्योरिटी हमारी टॉप प्रायोरिटी है और हम संभावित कमजोरियों की रिपोर्ट को बहुत गंभीरता से लेते हैं।’</p>



<p>कैलिफ ने कहा कि उसने अपनी 55 पन्नों की फाइंडिंग्स सीधे क्यूपर्टिनो, कैलिफोर्निया में एक मीटिंग के दौरान एपल को पेश की हैं। कंपनी का प्लान है कि एपल द्वारा कमियों को दूर करने के बाद वह टेक्निकल डिटेल्स पब्लिकली रिलीज करेगी। इस बीच, ये मामला उन बढ़ती चिंताओं को जोड़ रहा है कि कैसे एडवांस AI सिस्टम आने वाले समय में साइबर सिक्योरिटी थ्रेट्स को नया रूप दे सकते हैं।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गौतम अदाणी और भतीजे सागर घूसखोरी का दाग मिटाने के लिए  अमेरिका को देंगे 1727037000 रुपये</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a4%ae-%e0%a4%85%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%98/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 11:26:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[गौतम अदाणी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=949270</guid>

					<description><![CDATA[<img width="804" height="393" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/079uio.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/079uio.jpg 804w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/079uio-768x375.jpg 768w" sizes="(max-width: 804px) 100vw, 804px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a4%ae-%e0%a4%85%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%98/">गौतम अदाणी और भतीजे सागर घूसखोरी का दाग मिटाने के लिए  अमेरिका को देंगे 1727037000 रुपये</a></p>
<p>भारत के दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के ऊपर अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज ने रिश्वत देकर प्रोजेक्ट हासिल करने के आरोप लगाए थे। अब इस केस में एक नया मोड़ आ गया है। रिपोर्ट के अनुसार गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी US SEC द्वारा लाए गए एक सिक्योरिटी धोखाधड़ी मामले &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="804" height="393" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/079uio.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/079uio.jpg 804w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/079uio-768x375.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 804px) 100vw, 804px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a4%ae-%e0%a4%85%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%98/">गौतम अदाणी और भतीजे सागर घूसखोरी का दाग मिटाने के लिए  अमेरिका को देंगे 1727037000 रुपये</a></p>

<p>भारत के दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के ऊपर अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज ने रिश्वत देकर प्रोजेक्ट हासिल करने के आरोप लगाए थे। अब इस केस में एक नया मोड़ आ गया है। रिपोर्ट के अनुसार गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी US SEC द्वारा लाए गए एक सिक्योरिटी धोखाधड़ी मामले को निपटाने के लिए कुल $18 मिलियन का सिविल जुर्माना देने पर सहमति जताई है।</p>



<p>आसान शब्दों में कहें तो अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज द्वारा लगाए गए रिश्वत (US SEC Adani bribery case) के आरोपों से बरी होने के लिए गौतम अदाणी और उनके भतीजे अमेरिका को 18 मिलियन डॉलर (भारतीय रुपये में लगभग 172 करोड़ रुपये देने के लिए सहमत हो गए हैं। लेकिन अभी कोर्ट का फैसला आना बाकी है।</p>



<p>14 मई, 2026 को न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के US डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में जमा की गई सहमति याचिकाओं के तहत, गौतम अदाणी ने $6 मिलियन और सागर अडानी ने $12 मिलियन का भुगतान करने पर सहमति दी है। हालांकि, ये समझौते कोर्ट की मंजूरी के अधीन हैं। यानी अभी इस समझौते को कोर्ट से मंजूरी मिलना भी जरूरी है।</p>



<p><strong>अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज ने क्या आरोप लगाए थे?<br /></strong>अमेरिकी सिक्योरिटी एक्सचेंज ने नवंबर 2024 में एक शिकायत में आरोप लगाया था कि अदाणी समूह के चेयरमैन और अदाणी ग्रीन एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने सौर ऊर्जा का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारत सरकार के अधिकारियों को कथित तौर पर लगभग 265 मिलियन डॉलर (आज के हिसाब से भारतीय रुपये में लगभग 2.5 हजार करोड़ रुपये) की रिश्वत दी थी।</p>



<p>US SEC ने आरोपों में कहा था कि इन सौर ऊर्जा कॉन्ट्रैक्ट से आने वाले 20 सालों में 2 बिलियन डॉलर (लगभग 19 हजार करोड़ रुपये) की कमाई का अनुमान था।</p>



<p>अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इस योजना को निवेशकों से छिपाकर रखा गया था, जबकि अदाणी ग्रीन एनर्जी ने सितंबर 2021 में एक बॉन्ड ऑफरिंग की थी, जिससे $750 मिलियन जुटाए गए थे। इसमें से लगभग $175 मिलियन अमेरिकी निवेशकों से आए थे।</p>



<p>अदाणी ग्रीन एनर्जी ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि 15 मई, 2026 को न्यूयॉर्क की एक अदालत के समक्ष अंतिम फैसले के लिए अपना अनुरोध दायर किया है। अंतिम फैसले का इंतजार है।</p>



<p>कंपनी ने यह भी साफ किया कि वह इन कार्यवाही का हिस्सा नहीं है और उसके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं। SEC समझौते की खबर के बाद अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 1.8 प्रतिशत और अडानी ग्रीन के शेयर 0.6 प्रतिशत चढ़ गए।</p>



<p><strong>अदाणी ने आरोपों को न तो स्वीकार किया और न ही अस्वीकार<br /></strong>एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा- &#8220;US SEC, गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने 15 मई, 2026 (भारतीय समयानुसार) / 14 मई, 2026 (न्यूयॉर्क समयानुसार) को US Eastern District NY Court के समक्ष, आपसी सहमति से, प्रस्तावित अंतिम फैसले के साथ-साथ अंतिम फैसला जारी करने का अनुरोध दायर किया है। गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने अन्य बातों के साथ-साथ, सिविल शिकायत में लगाए गए आरोपों को स्वीकार या अस्वीकार किए बिना अंतिम फैसला जारी करने पर सहमति दी है। साथ ही, गौतम अदाणी और सागर अदाणी ने क्रमश 6 मिलियन USD और 12 मिलियन USD का सिविल जुर्माना अदा करने पर भी सहमति जताई है। US Eastern District NY Court के अंतिम फैसले का इंतजार है।&#8221;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>₹2726168610000 का घाटा, भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखा ईरान युद्ध का असर</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e2%82%b92726168610000-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 11:24:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय अर्थव्यवस्था]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=949267</guid>

					<description><![CDATA[<img width="792" height="453" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj.jpg 792w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj-768x439.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e2%82%b92726168610000-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af/">₹2726168610000 का घाटा, भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखा ईरान युद्ध का असर</a></p>
<p>पश्चिम एशिया (West Asia Crisis) में जारी सैन्य संघर्ष और उससे उपजे ऊर्जा संकट का असर भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) पर देखने को मिल रहा है। दरअसल, भारत का व्यापार घाटा (Indias Trade Deficit) अप्रैल में बढ़कर 28.38 अरब डॉलर (2 लाख 72 हजार करोड़ से ज्यादा) हो गया, जबकि मार्च में यह 20.67 &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="792" height="453" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj.jpg 792w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/67iugkj-768x439.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 792px) 100vw, 792px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e2%82%b92726168610000-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af/">₹2726168610000 का घाटा, भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखा ईरान युद्ध का असर</a></p>

<p>पश्चिम एशिया (West Asia Crisis) में जारी सैन्य संघर्ष और उससे उपजे ऊर्जा संकट का असर भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) पर देखने को मिल रहा है। दरअसल, भारत का व्यापार घाटा (Indias Trade Deficit) अप्रैल में बढ़कर 28.38 अरब डॉलर (2 लाख 72 हजार करोड़ से ज्यादा) हो गया, जबकि मार्च में यह 20.67 अरब डॉलर था। आयात और निर्यात दोनों में वृद्धि के कारण यह वृद्धि हुई।</p>



<p>आयात 71.94 अरब डॉलर रहा, जो पिछले महीने के 59.59 अरब डॉलर से अधिक है। वहीं, अप्रैल में माल निर्यात 43.56 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले महीने यह 38.92 अरब डॉलर था। हालांकि, वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल में माल निर्यात में वार्षिक आधार पर 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक मासिक वृद्धि में से एक है।</p>



<p><strong>आयात-निर्यात के आंकड़े<br /></strong>अप्रैल में माल निर्यात 43.56 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले महीने यह 38.92 अरब डॉलर था। वहीं, आयात 71.94 अरब डॉलर रहा, जो पिछले महीने के 59.59 अरब डॉलर से अधिक है।</p>



<p>हालांकि, वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल में सालाना आधार पर माल निर्यात में 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे अधिक मासिक वृद्धि में से एक है।</p>



<p>वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम और पोल्ट्री निर्यात के प्रमुख चालक रहे हैं, जबकि पश्चिम एशिया को होने वाले निर्यात में अप्रैल में पिछले वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। अग्रवाल ने आगे कहा कि पश्चिम एशिया से आयात में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अप्रैल में 30 प्रतिशत कम हो गया है।</p>



<p><strong>क्या होता है व्यापार घाटा?<br /></strong>व्यापार घाटा तब होता है जब कोई देश विदेशों से जो सामान खरीदता है (आयात/Imports), उसकी कीमत विदेशों में बेचे गए सामान (निर्यात/Exports) से ज्यादा होती है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Ola Electric से आई बड़ी खबर, बोर्ड ने दी ₹2000 करोड़ के निवेश की मंजूरी</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/ola-electric-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%80/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 11:15:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[Ola Electric]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=949264</guid>

					<description><![CDATA[<img width="806" height="443" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/giuot.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/giuot.jpg 806w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/giuot-768x422.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 806px) 100vw, 806px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/ola-electric-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%80/">Ola Electric से आई बड़ी खबर, बोर्ड ने दी ₹2000 करोड़ के निवेश की मंजूरी</a></p>
<p>Ola Electric Mobility Limited से बड़ी खबर आई है। दरअसल, कंपनी के बोर्ड ने पूर्ण स्वामित्व वाली 2 सहायक कंपनियों में 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी है। ये दोनों कंपनियां हैं-ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और ओला सेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड। ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने इसकी जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग में &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="806" height="443" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/giuot.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/giuot.jpg 806w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/giuot-768x422.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 806px) 100vw, 806px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/ola-electric-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%80/">Ola Electric से आई बड़ी खबर, बोर्ड ने दी ₹2000 करोड़ के निवेश की मंजूरी</a></p>

<p>Ola Electric Mobility Limited से बड़ी खबर आई है। दरअसल, कंपनी के बोर्ड ने पूर्ण स्वामित्व वाली 2 सहायक कंपनियों में 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी है। ये दोनों कंपनियां हैं-ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और ओला सेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड। ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने इसकी जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग में दी।</p>



<p>अब ओला की दो कंपनियों को Ola Cell Technologies Private Limited (OCT) और Ola Electric Technologies Private Limited (OET) 2 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे दोनों कंपनियों को अपने टार्गेट पूरे करने में मदद मिलेगी। इस रणनीतिक निवेश का उद्देश्य दोनों इकाइयों की व्यावसायिक जरूरतों को मजबूत करना है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कंपलसरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स के जरिए जुटाई जाएगी रकम</h2>



<p>यह फंड &#8216;कंपलसरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स&#8217; (Compulsory Convertible Preference Shares) जारी करके जुटाई जाएगी, और उम्मीद है कि यह निवेश 14 मई, 2027 को या उससे पहले पूरा हो जाएगा।</p>



<p>Ola Electric Mobility Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 15 मई, 2026 को हुई अपनी बैठक में इस फैसले को अंतिम रूप दिया। इस निवेश को इसकी दो मुख्य सहायक कंपनियों के मौजूदा कामकाज और विकास की पहलों को समर्थन देने के लिए तैयार किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके पास अपनी-अपनी इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर विकसित करने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन उपलब्ध हों।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या काम करती हैं ओला की ये दो कंपनियां</h2>



<p>ओला की ओला सेल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड बैटरियों/सेलों के निर्माण, प्रसंस्करण, संयोजन, निर्यात, बिक्री, मरम्मत और मार्केटिंग के बिजनेस में है। वहीं, ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड इलेक्ट्रिक वाहनों की वैल्यू चेन में सेवाएं प्रदान करने, तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और आपूर्ति के बिजनेस में है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>टाटा-मारूति नहीं, बिड़ला की ये कंपनी थी देश की पहली कार निर्माता, आजादी से 5 साल पहले स्थापना</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 11:07:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[टाटा-मारूति]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=949258</guid>

					<description><![CDATA[<img width="790" height="382" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkl.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkl.jpg 790w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkl-768x371.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95/">टाटा-मारूति नहीं, बिड़ला की ये कंपनी थी देश की पहली कार निर्माता, आजादी से 5 साल पहले स्थापना</a></p>
<p>आज भारत दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजारों में से एक है। भारतीय सड़कों पर बजट हैचबैक से लेकर लग्जरी SUV तक, दर्जनों विदेशी और देसी ब्रांड्स की कारें दौड़ रही हैं। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि भारत की पहली कार कंपनी (First Car Company In India) कौन सी थी? इसका जवाब हमें &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="790" height="382" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkl.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkl.jpg 790w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/05/jkl-768x371.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95/">टाटा-मारूति नहीं, बिड़ला की ये कंपनी थी देश की पहली कार निर्माता, आजादी से 5 साल पहले स्थापना</a></p>

<p>आज भारत दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजारों में से एक है। भारतीय सड़कों पर बजट हैचबैक से लेकर लग्जरी SUV तक, दर्जनों विदेशी और देसी ब्रांड्स की कारें दौड़ रही हैं। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि भारत की पहली कार कंपनी (First Car Company In India) कौन सी थी? इसका जवाब हमें इतिहास के उस दौर में ले जाता है जब भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने की दहलीज पर था और कुछ दूरदर्शी उद्योगपतियों ने देश में ही कार बनाने का साहस दिखाया था। आइए जानते हैं देश की इस पहली ऑटोमोबाइल कंपनी के इतिहास और सफर के बारे में।</p>



<p><strong>भारत की पहली कार कंपनी कौन सी थी?<br /></strong>हिंदुस्तान मोटर्स (Hindustan Motors) भारत की पहली कार कंपनी थी, जिसकी शुरुआत देश को आजादी मिलने से भी पहले, साल 1942 में हुई थी। भारत के सबसे प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों में से एक, बिड़ला ग्रुप (Birla Group) ने इसकी नींव रखी थी।</p>



<p>कंपनी के आधिकारिक इतिहास के अनुसार, हिंदुस्तान मोटर्स लिमिटेड की स्थापना स्वतंत्रता पूर्व युग में गुजरात के पोर्ट ओखा में की गई थी। बाद में, 1948 में इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां से देश की सबसे आइकोनिक कार का उत्पादन शुरू हुआ।</p>



<p><strong>इस ऐतिहासिक कंपनी के संस्थापक कौन थे?<br /></strong>हिंदुस्तान मोटर्स मशहूर बिड़ला ग्रुप के बी.एम. बिड़ला (B.M. Birla) के दिमाग की उपज थी। 1942 में इस कंपनी को इस उद्देश्य के साथ स्थापित किया गया था कि भारत ऑटोमोबाइल उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।</p>



<p>यह वह समय था जब भारत पूरी तरह से आयातित कारों पर निर्भर था। ऐसे में कारों का स्थानीय निर्माण एक बेहद क्रांतिकारी विचार था। बिड़ला ग्रुप ने देश में परिवहन की बढ़ती जरूरतों को पहचाना और पहली कार कंपनी की मजबूत नींव रखी।</p>



<p><strong>देश की पहली स्वदेशी कार कौन सी थी?<br /></strong>जब भी हिंदुस्तान मोटर्स का जिक्र होता है, तो उस कार की बात होना लाजमी है जिसने लगभग 50 सालों तक भारतीय सड़कों पर राज किया &#8216;एंबेसडर&#8217; (Ambassador)। ब्रिटेन की &#8216;मॉरिस ऑक्सफोर्ड सीरीज III&#8217; (Morris Oxford Series III) पर आधारित इस कार का उत्पादन 1958 में शुरू हुआ था। यह पूरी तरह से भारत में निर्मित थी, इसलिए इसे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता था।</p>



<p>अपनी चौड़ी बॉडी, बड़े स्पेस और मजबूत बिल्ड क्वालिटी के कारण यह दशकों तक राजनेताओं, सरकारी अधिकारियों और भारतीय परिवारों की पहली पसंद बनी रही। इसे भारतीय सड़कों के हिसाब से ही तैयार किया गया था।</p>



<p><strong>आखिर हिंदुस्तान मोटर्स और &#8216;एंबेसडर&#8217; का क्या हुआ?<br /></strong>अपने शानदार और गौरवशाली इतिहास के बावजूद, उदारीकरण के बाद आए बदलावों और नई प्रतिस्पर्धा के सामने हिंदुस्तान मोटर्स टिक नहीं सकी। भारतीय बाजार में नई, ज्यादा माइलेज देने वाली और स्टाइलिश कारों की बाढ़ आ गई, जिससे एंबेसडर की मांग लगातार गिरती चली गई।</p>



<p>भारी नुकसान और ऑपरेशनल चुनौतियों के कारण 2014 में कंपनी ने भरे मन से एंबेसडर का उत्पादन बंद कर दिया। इस खबर ने उन कई भारतीयों को भावुक कर दिया था जिनकी यादें इस कार से जुड़ी थीं।</p>



<p>साल 2017 में, हिंदुस्तान मोटर्स ने एंबेसडर का ब्रांड नाम एक फ्रांसीसी मोटर समूह, ग्रुप पीएसए (Groupe PSA जिसे अब स्टेलेंटिस कहा जाता है) को लगभग ₹80 करोड़ में बेच दिया।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: ujjawalprabhat.com @ 2026-05-24 14:26:10 by W3 Total Cache
-->