<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>कारोबार &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
	<atom:link href="https://ujjawalprabhat.com/business-news/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://ujjawalprabhat.com/business-news/</link>
	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles.</description>
	<lastBuildDate>Tue, 16 Jun 2026 11:53:15 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2022/12/Ujjawal-Round-Corner.png</url>
	<title>कारोबार &#060; Ujjawal Prabhat | उज्जवल प्रभात</title>
	<link>https://ujjawalprabhat.com/business-news/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>ईरान-US डील से इन शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी, ब्रोकरेज ने बताया कारण</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-us-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%86/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:53:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[ब्रोकरेज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=953521</guid>

					<description><![CDATA[<img width="1089" height="628" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/7-65.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/7-65.jpg 1089w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/7-65-768x443.jpg 768w" sizes="(max-width: 1089px) 100vw, 1089px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-us-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%86/">ईरान-US डील से इन शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी, ब्रोकरेज ने बताया कारण</a></p>
<p>ईरान और अमेरिका (Iran-US Deal) में शांति समझौता होने से 16 जून को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs), गैस ट्रांसमिशन फर्म और LNG इंपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखी गई। दरअसल, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने से क्रूड ऑयल, &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="1089" height="628" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/7-65.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/7-65.jpg 1089w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/7-65-768x443.jpg 768w" sizes="(max-width: 1089px) 100vw, 1089px" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-us-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%86/">ईरान-US डील से इन शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी, ब्रोकरेज ने बताया कारण</a></p>

<p>ईरान और अमेरिका (Iran-US Deal) में शांति समझौता होने से 16 जून को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs), गैस ट्रांसमिशन फर्म और LNG इंपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखी गई। दरअसल, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने से क्रूड ऑयल, LPG और लॉजिस्टिक्स की लागत कम हो सकती है, जिससे डाउनस्ट्रीम ऑयल और गैस कंपनियों की कमाई की संभावनाओं में सुधार हो सकता है।</p>



<p>मंगलवार के कारोबारी सत्र में ONGC, पेट्रोनेट LNG, BPCL, ऑयल इंडिया, GAIL और HPCL के शेयर 2 फीसदी तक की बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.1 प्रतिशत ऊपर रहा, जिसने बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई थी।</p>



<p><strong>क्या कहती है नोमुरा की रिपोर्ट?<br /></strong>नोमुरा का कहना है कि US-ईरान के बीच शुरुआती शांति समझौते के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने से OMCs, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स और पेट्रोनेट LNG को सबसे ज़्यादा फ़ायदा होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि जैसे-जैसे इस अहम समुद्री रास्ते से शिपिंग ट्रैफ़िक धीरे-धीरे शुरू होगा और जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम कम होंगे, कच्चे तेल की कीमतें नरम पड़ेंगी।</p>



<p>नोमुरा के अनुसार, मीडियम से लॉन्ग टर्म में कच्चे तेल की कीमतें $70 प्रति बैरल के आसपास स्थिर हो सकती हैं। ब्रोकरेज ने कहा कि अगर ईरान पर लगे प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं और ईरानी कच्चे तेल की सप्लाई ग्लोबल मार्केट में फिर से शुरू होती है, तो कीमतें और गिर सकती हैं। इसमें कहा गया है कि भारतीय OMCs को कम इनपुट लागत, LPG पर कम अंडर-रिकवरी और ढुलाई के खर्च में कमी से फायदा हो सकता है।</p>



<p><strong>BPCL और IOC पर खरीदी की राय<br /></strong>ब्रोकरेज ने BPCL और IOC के लिए &#8220;बाय&#8221; रेटिंग दी है, और इनके लिए टारगेट प्राइस क्रमशः ₹365 और ₹180 तय किए हैं। HPCL के लिए इसने &#8220;न्यूट्रल&#8221; रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹440 रखा है।</p>



<p>कच्चे तेल की कीमतें कम होने से डाउनस्ट्रीम कंपनियों को फ़ायदा हो सकता है, लेकिन नोमुरा ने चेतावनी दी है कि ONGC और ऑयल इंडिया जैसे अपस्ट्रीम प्रोड्यूसर्स पर कच्चे तेल की कम कीमतों का सबसे बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि उन्हें कम कमाई होगी।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गाय के दूध में ₹31 और भैंस के दूध में ₹14 बढ़ी MSP</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%a7-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e2%82%b931-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:35:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[दुग्ध उत्पादक संघ]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=953428</guid>

					<description><![CDATA[<img width="591" height="407" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/ioypoy.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%a7-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e2%82%b931-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6/">गाय के दूध में ₹31 और भैंस के दूध में ₹14 बढ़ी MSP</a></p>
<p>हमारे देश की बड़ी आबादी दूध के कारोबार से जुड़ी है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर छोटे डेयरी कारोबारी होते हैं। अब हिमाचल प्रदेश सरकार ने छोटे दूध व्यापारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (Milkfed) ने खरीद प्रक्रिया में बदलाव करते हुए, हर एक डेयरी उत्पादक &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="591" height="407" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/ioypoy.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%a7-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e2%82%b931-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6/">गाय के दूध में ₹31 और भैंस के दूध में ₹14 बढ़ी MSP</a></p>

<p>हमारे देश की बड़ी आबादी दूध के कारोबार से जुड़ी है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर छोटे डेयरी कारोबारी होते हैं। अब हिमाचल प्रदेश सरकार ने छोटे दूध व्यापारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (Milkfed) ने खरीद प्रक्रिया में बदलाव करते हुए, हर एक डेयरी उत्पादक से रोजाना 20 लीटर दूध खरीद की सीमा तय करने का फैसला किया है।</p>



<p><strong>किसे होगा फायदा?<br /></strong>हिमाचल प्रदेश में मिल्कफेड की ओर से सभी दूध उत्पादकों से 20 लीटर दूध खरीदने की सीमा तय की गई है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि छोटे डेयरी फार्मर्स को लाभ देने के लिए ये प्लान बनाया गया है, 20 लीटर खरीद सीमा तय करने की बात पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि, सरकार की ओर से बढ़ाई गई MSP का लाभ केवल बड़े डेयरी फार्मर्स तक सीमित ना रह जाए इसलिए ये फैसला लिया गया है।</p>



<p><strong>दूध में बढ़ाई गई तगड़ी MSP<br /></strong>सरकार के इस फैसले के साथ ही प्रवक्ता ने जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश में लगातार दूध उत्पादकों को फायदा पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की ओर से गाय और भैंस के दूध में मिलने वाली MSP पर भी ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। हिमाचल प्रदेश में गाय के दूध की MSP ₹32 से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह भैंस के दूध में MSP ₹47 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर हो गई है।</p>



<p><strong>दूध कलेक्शन में भी हुई बढ़ोतरी<br /></strong>प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में लगातार दूध उत्पादन करने वाले किसानों और पशुपालकों को सपोर्ट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ रही दूध की कीमतों के कारण पिछले दो सालों में सहकारी प्रणाली में भाग लेने वाले डेयरी फार्मर्स की संख्या 28,645 से बढ़कर 42,500 हो गई है। वहीं बीते 2 सालों में दूध के कलेक्शन में भी तेजी आई है, रोजाना 1.57 लाख लीटर दूध कलेक्शन से बढ़कर 2.20 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने बताया विकसित भारत का मास्टरप्लान</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:33:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[नीति आयोग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=953425</guid>

					<description><![CDATA[<img width="632" height="412" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/yio.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af/">नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने बताया विकसित भारत का मास्टरप्लान</a></p>
<p>नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने सोमवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के निजीकरण की प्रक्रिया को फिर से गति देने की आवश्यकता है, क्योंकि यह भारत के आर्थिक सुधारों का अभिन्न अंग है। पनगढ़िया ने सरकार के विनिवेश कार्यक्रम को तेज करने के &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="632" height="412" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/yio.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af/">नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने बताया विकसित भारत का मास्टरप्लान</a></p>

<p>नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने सोमवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के निजीकरण की प्रक्रिया को फिर से गति देने की आवश्यकता है, क्योंकि यह भारत के आर्थिक सुधारों का अभिन्न अंग है। पनगढ़िया ने सरकार के विनिवेश कार्यक्रम को तेज करने के लिए एक स्वतंत्र निजीकरण मंत्रालय (Indian Economy Reforms) गठित करने की भी वकालत की। उनका कहना है कि विनिवेश विभाग निजीकरण की रफ्तार बनाए रखने में सफल नहीं रहा है।</p>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p>उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि राजकोषीय दबावों की परवाह किए बिना पीएसयू और अधिकतर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण हमारे आर्थिक सुधारों का अभिन्न अंग है।’’ पनगढ़िया ने कहा कि पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद पीएसयू और बैंकों का निजीकरण जारी रहना चाहिए।</p>
</blockquote>



<p>उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत-2047 दृष्टिकोण के तहत अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए हमें पीएसयू और पीएसबी के निजीकरण कार्यक्रम को पुनर्जीवित करना होगा।’’ पनगढ़िया के नीति आयोग में उपाध्यक्ष रहने के दौरान पीएसयू के विनिवेश की अवधारणा को आगे बढ़ाया था। नीति आयोग का निजीकरण कार्यक्रम वर्ष 2016 में शुरू किया गया था। यह पूछे जाने पर कि क्या छह-सात प्रतिशत की उच्च आर्थिक वृद्धि दर वाले देश (भारत) से पूंजी का बाहर जाना उन्हें असामान्य लगता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा</h2>



<p>पनगढ़िया ने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। यह वित्त वर्ष 2023-24 के 71.3 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 80.6 अरब डॉलर और 2025-26 में 94.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया। उन्होंने कहा, ‘‘स्पष्ट है कि विदेशी निवेशक भारत में निवेश की दीर्घकालिक उत्पादकता को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं।’’</p>



<p>वर्तमान में कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पनगढ़िया ने कहा कि विदेशी निवेशक किसी भी वर्ष में अपने पूर्व निवेश का एक हिस्सा वापस निकालते हैं। सोलहवें वित्त आयोग के चेयरमैन पनगढ़िया ने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारतीय कंपनियों का विदेशों में निवेश भी बढ़ा है, जिसके कारण देश से कुछ पूंजी बाहर गई है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) की निकासी भी काफी अधिक रही है, जिससे डॉलर का बहिर्वाह बढ़ा है। पनगढ़िया ने कहा, ‘‘सभी संकेत बताते हैं कि भारतीय शेयरों का मूल्यांकन अत्यधिक ऊंचा हो गया था, जिससे निकासी तेज हुई। हालांकि अब मूल्यांकन में सुधार हो चुका है।’’</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत में 4 कंपनियों की लिस्टिंग के बीच लंदन में Vedanta का बड़ा कदम</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-4-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 12:07:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[Vedanta]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=953176</guid>

					<description><![CDATA[<img width="630" height="405" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/JKLFJH.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-4-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d/">भारत में 4 कंपनियों की लिस्टिंग के बीच लंदन में Vedanta का बड़ा कदम</a></p>
<p>अनिल अग्रवाल की वेदांता की चार कंपनियों की लिस्टिंग सोमवार यानी 15 जून को होनी है। इससे पहले 1 मई को वेदांता का डीमर्जर (Vedanta Demerger) प्लान लागू हुआ था। वेदांता से अलग हुई चार नई कंपनियों की भारतीय बाजार में लिस्टिंग होने से एक दिन पहले लंदन में वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) ने एक &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="630" height="405" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/JKLFJH.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-4-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d/">भारत में 4 कंपनियों की लिस्टिंग के बीच लंदन में Vedanta का बड़ा कदम</a></p>

<p>अनिल अग्रवाल की वेदांता की चार कंपनियों की लिस्टिंग सोमवार यानी 15 जून को होनी है। इससे पहले 1 मई को वेदांता का डीमर्जर (Vedanta Demerger) प्लान लागू हुआ था। वेदांता से अलग हुई चार नई कंपनियों की भारतीय बाजार में लिस्टिंग होने से एक दिन पहले लंदन में वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) ने एक बड़ा कदम उठाया है।</p>



<p>दरअसल, लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड वेदांता रिसोर्सेज ने 3.6 अरब डॉलर का बॉन्ड बायबैक शुरू किया है, जो उसके 5.4 अरब डॉलर के रीफाइनेंसिंग प्लान का पहला स्टेप है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि इस ऑफर का मकसद नए बॉन्ड जारी करने और बॉन्ड व लोन को रीफाइनेंस करने से पहले मौजूदा बॉन्ड को वापस खरीदना, लागत कम करना और मैच्योरिटी की अवधि बढ़ाना है।</p>



<p><strong>23 जून तक के लिए हैं वेदांता का बॉन्ड बायबैक ऑफर<br /></strong>वेदांता रिसोर्सेज का यह 3.6 अरब डॉलर का बॉन्ड बायबैक ऑफर 23 जून तक चलेगा। कंपनी लंदन, बोस्टन और न्यूयॉर्क में निवेशकों से नए बॉन्ड के बारे में बातचीत भी कर रही है।</p>



<p>रिपोर्ट्स के अनुसार वेदांता को $300 मिलियन तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है क्योंकि उसके बॉन्ड फेस वैल्यू से ज्यादा पर ट्रेड कर रहे हैं, लेकिन उसे भरोसा है कि इस कदम से उधार लेने की लागत में लगभग 3% की कमी आएगी और पैसे की बचत होगी।</p>



<p>जिन इन्वेस्टर्स को कैपिटल गेन हो रहा है, उनके लिए बिना प्रीमियम पाए अपनी सिक्योरिटीज को कंपनी को वापस बेचना मुश्किल है। वेदांता रिसोर्सेज यह बायबैक अपने कर्ज को लंबे समय में मैनेज करने में आसान और सस्ता बनाने की बड़ी योजना के तहत कर रही है।</p>



<p><strong>ये ग्लोबल बैंक वेदांता रिसोर्सेज की कर रहे हैं मदद<br /></strong>कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी और रेटिंग अपग्रेड जैसी हालिया अच्छी बातों से रीफाइनेंसिंग आसान हो रही है। सिटीग्रुप, जेपी मॉर्गन और बार्कलेज जैसे ग्लोबल बैंक इस कोशिश में मदद कर रहे हैं, जबकि वेदांता अलग से $1.8 बिलियन के लोन का भुगतान भी कर रही है।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Hero की निवेश वाली Ather Energy जुटाएगी ₹2500 करोड़ का फंड, मिल गई मंजूरी</title>
		<link>https://ujjawalprabhat.com/hero-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-ather-energy-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%80-%e2%82%b92500/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Data]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 12:04:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://ujjawalprabhat.com/?p=953173</guid>

					<description><![CDATA[<img width="718" height="332" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/JHKGKJHHHHHHHHHHHHHHH.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/hero-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-ather-energy-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%80-%e2%82%b92500/">Hero की निवेश वाली Ather Energy जुटाएगी ₹2500 करोड़ का फंड, मिल गई मंजूरी</a></p>
<p>भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार की दिग्गज कंपनी एथर एनर्जी लिमिटेड (Ather Energy Limited) ने भविष्य की विस्तार योजनाओं को गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को हुई बैठक में 2,500 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी &#8230;</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="718" height="332" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2026/06/JHKGKJHHHHHHHHHHHHHHH.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="https://ujjawalprabhat.com/hero-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-ather-energy-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%80-%e2%82%b92500/">Hero की निवेश वाली Ather Energy जुटाएगी ₹2500 करोड़ का फंड, मिल गई मंजूरी</a></p>

<p>भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार की दिग्गज कंपनी एथर एनर्जी लिमिटेड (Ather Energy Limited) ने भविष्य की विस्तार योजनाओं को गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शुक्रवार, 12 जून 2026 को हुई बैठक में 2,500 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।</p>



<p>एथर एनर्जी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस भारी निवेश से कंपनी को बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने में मदद मिलेगी। एथर के फंज जुटाने के कदम ओला के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है।</p>



<p>क्योंकि एक समय दो पहिया ईवी (EV Two-Wheeler) में ओला का बोलबाला था। आज ओला का मार्केट शेयर करीब 9 फीसदी तक आ गया है। वहीं, एथर का मार्केट शेयर 16.5% है। एथर के पीछे हीरो मोटोकॉर्प का हाथ है। हीरो ने एथर में बड़ा निवेश कर रखा है।</p>



<p><strong>फंड जुटाने की पूरी योजना<br /></strong>कंपनी ने अपनी फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि यह फंड दो मुख्य हिस्सों में जुटाया जाएगा:</p>



<p>QIP के जरिए ₹1,500 करोड़: कंपनी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के माध्यम से एक या अधिक किस्तों में 1,500 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयर जारी करेगी।<br />अन्य माध्यमों से ₹1,000 करोड़: इसके अलावा, कंपनी इक्विटी शेयर, फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (FCCBs), प्रेफरेंशियल इश्यू या राइट्स इश्यू जैसे माध्यमों से अतिरिक्त 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।</p>



<p><strong>फंड रेज कमेटी का गठन<br /></strong>बोर्ड ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक &#8216;फंड रेज कमेटी&#8217; (Fund Raise Committee) का गठन किया है। यह कमेटी फंड जुटाने से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेने और नियमों के पालन की निगरानी करेगी।</p>



<p>एथर एनर्जी ने बताया कि इस प्रस्ताव के लिए शेयरधारकों की मंजूरी पोस्टल बैलेट (ई-वोटिंग) के माध्यम से ली जाएगी। इसके लिए जल्द ही एक विशेष नोटिस जारी किया जाएगा। बोर्ड की यह बैठक शाम 6:00 बजे शुरू हुई थी और रात 9:30 बजे संपन्न हुई।</p>
<p>आप पढ़ रहे हैं : UjjawalPrabhat.Com</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: ujjawalprabhat.com @ 2026-06-16 20:17:32 by W3 Total Cache
-->