जर्मनी में उठी बलूचिस्‍तान को अलग करने की मांग

रविवार को जर्मनी के सबसे बड़े शहर म्यूनिच में बलोच रिपब्‍ल‍िकन पार्टी ने एक विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में बलोच रिपब्‍ल‍िकन पार्टी ने ना केवल पाकिस्‍तान के खिलाफ नारे लगाए, बल्‍क‍ि चीन की मदद से बलूचिस्‍तान में बन रहे आर्थ‍िक गलियारे CPEC का भी विरोध किया. प्रदर्शनकारियों ने बलूचिस्‍तान को पाकिस्‍तान से अलग करने की मांग भी उठाई

दरअसल, आतंकवाद को बढ़ावा और पनाह देने वाले पाकिस्‍तान के साथ मिलकर चीन बलूचिस्‍तान में 50 अरब डॉलर की लागत में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) बना रहा है.
सीपीईसी एक ऐसा नेटवर्क है, जो पूरी तरह से पाकिस्तान में तैयार किया जा रहा है, और यह चीन की झीनजियांग प्रांत से पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर बंदरगाह को जोड़ेगा. ऐसा होने की सूरत में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर तक चीन की पहुंच हो जाएगी.

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पाकिस्‍तान में चीन के बढ़ते दखल का बलूचिस्‍तान में हमेशा विरोध होता रहा है. जर्मनी के म्‍यूनिच शहर में बलूच रिपब्‍ल‍िकन पार्टी के सैंकड़ों लोग सड़कों पर उतरे हैं और वे बलूचिस्तान की आजादी की मांग कर रहे हैं. पाकिस्‍तान से बलूचिस्‍तान की आजादी को लेकर विश्‍व के कई देशो में इससे पहले भी विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है. इससे पहले लंदन में पाक दूतावास के बाहर भी विरोध किया गया था.

बता दें कि आतंकियों को पनाह देने और बलूचिस्‍तान के मुद्दे पर पाकिस्‍तान वैश्‍व‍िक स्‍तर पर घिरता जा रहा है. बलूचिस्तान पूरे पाकिस्तानी प्रांत का 44% हिस्सा है. जो कि खनिज के क्षेत्र में समृद्ध है. पाकिस्तान चरमपंथी गुटों और अलगाववादी गुटों पर नियंत्रण रखने के नाम पर यहां के लोगों पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है, जिसका बलूचिस्‍तान हमेशा विरोध करता रहा है.

 
 
 

 

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