Breaking : केजीएमयू में अंतिम वर्ष के सभी रेजीडेंट्स डॉक्टर्स की सेवायें जारी रहेंगी, एसआर भी देते रहेंगे सेवायें

-आपदा को अवसर में बदलने का आह्वान करते हुए भरा रेजीडेंट्स डॉक्‍टरों में जोश

-होम आईसोलेशन में चल रहे कुलपति ले.ज.डॉ बिपिन पुरी का 27 मिनट का असरदार सम्‍बोधन  

-सम्‍बोधन में संस्‍थान के मुखिया के साथ ही अभिभावक की भूमिका भी निभायी

ले.ज. डॉ बिपिन पुरी

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय (केजीएमयू) के कुलपति ले.ज. डॉ बिपिन पुरी ने संस्‍थान के रेजीडेंट्स डॉक्‍टरों को संस्‍थान की रीढ़ की हड्डी बताते हुए आह्वान किया है कि कोविड महामारी के इस दौर में उनके लिए यह एक परीक्षा की घड़ी है, जिसमें उन्‍हें अपनी, अपने परिवार की सुरक्षा को बनाये रखते हुए मरीजों की सेवा करनी है। उन्‍होंने कहा है इस महामारी को आपदा न मानकर कुछ कर गुजरने का अवसर मानें और इतिहास लिख दें, ताकि हमेशा लोग केजीएमयू को, आपको इस महामारी के प्रबंधन के लिए याद करें न कि आपदा के लिए। उन्‍होंने कहा है कि प्रदेश सरकार ने यह फैसला किया है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत वे सभी जूनियर रेजीडेंट्स जिन्‍होंने अपनी तीसरे साल की परीक्षाएं पूरी कर ली हैं, उनकी सेवायें पूर्व की भांति अनिवार्य रूप से केजीएमयू में ही जारी रहेंगी, सिर्फ जो रेजी‍डेंट्स स्‍टेट मेडिकल सर्विसेज के हैं, या फि‍र वह डीएम, एमसीएच जैसी उच्‍च शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, तो उनके जाने पर पाबंदी नहीं है। इसके अतिरिक्‍त सीनियर रेजीडेंट्स जिनका कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनकी सेवाओं को भी विस्‍तार दिया जायेगा।

कोरोना पॉजिटिव होने के बाद होम आईसोलेशन में चल रहे कुलपति ने पूरी ऊर्जा के साथ बिना किसी परेशानी के यू ट्यूब के माध्‍यम से 27 मिनट के अपने सम्‍बोधन में रेजीडेंट्स डॉक्‍टर्स की तारीफ भी की, उनकी हौसलाफजाई भी की, उनका समाज के प्रति, संस्‍थान के प्रति महत्‍व भी बताया और साथ ही उनके प्रति अपनी फि‍क्र का अहसास कराते हुए उनको लापरवाही न बरतने की चेतावनी देते हुए हिदायतें भी दीं।

कुलपति ने रेजीडेंट्स से कहा कि आप लोग ही वह पहले व्‍यक्ति होते हैं जो यहां आने वालों के सम्‍पर्क में आते हैं, इसलिए संस्‍थान की छवि का काफी दारोमदार आप लोगों पर निर्भर करता है। उन्‍होंने कहा कि वर्तमान में जो कोरोना महामारी है इसे डर न मानकर बड़ा अवसर मानना चाहिये जिसमें हम कुछ करके दिखा सकते हैं, इस तरह की महामारी शताब्दियों में एक बार आती है, बहुत सी ऐसी उपलब्धियां हैं जिन्‍हें जीवन में एक बार करने का अवसर मिलता है।

मैं समझता हूं आपका दर्द

कुलपति ने कहा कि मैं समझ सकता हूं कि पीपीई किट में कार्य करने में बहुत असुविधा होती है, मैं इसकी कमी और इसकी खराब गुणवत्‍ता के बारे में भी जानता हूं, इस बारे में मैं पहले ही उच्‍चाधिकारियों को सूचित कर चुका हूं। इन चुनौतियों का सामना करते हुए आपको अपने कर्तव्‍य का पालन करना है। उन्‍होंने कहा कि अपने शरीर विशेषकर ऊपरी चेहरे के हिस्‍से को संक्रमण से अवश्‍य बचायें, क्‍योंकि आंख, कान, नाक ऐसे अंग हैं जिनकी सुरक्षा बहुत आवश्‍यक है। उन्‍होंने कहा कि प्रॉपर मास्‍क, गॉगल्‍स, फेस शील्‍ड जैसे सुरक्षा उपकरणों को लगाने में कोताही न करें।

केजीएमयू में बड़ी संख्‍या में संक्रमण होने पर जतायी चिंता

उन्‍होंने कहा कि आपको आश्‍चर्य होगा कि ऐसे चिकित्‍सा संस्‍थान भी हैं जहां एक भी व्‍यक्ति को संक्रमण नहीं हुआ जबकि मुझे यह जानकर दुख हुआ कि केजीएमयू में बड़ी संख्‍या में चिकित्‍सक व अन्‍य लोग संक्रमण का शिकार हो गये हैं, उन्‍होंने कहा कि इसका अर्थ यह है कि यहां बड़ी मात्रा में बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित लोगों का मिलना-जुलना हो रहा हैं, ऐसे में सुरक्षा के उपायों पर अमल करना बहुत आवश्‍यक है। उन्‍होंने कहा कि हॉस्‍टल, मेस आदि जगहों पर जहां रेजीडेंट्स एक-दूसरे के सम्‍पर्क में आते हैं, वहां भी यह सोचना, कि मैं तो बहुत फि‍ट हूं, मुझे कुछ नहीं होगा, गलत है। सोशल डिस्‍टेंसिंग, मास्‍क, सैनिटेशन अवश्‍य करें। घबरायें बिल्‍कुल नहीं, अपने खाने-पीने, सोने का ध्‍यान रखें, 7 से 8 घंटे की नींद अवश्‍य लें, इस दौरान मोबाइल से दूर रहें।

सभी में है इस समय तनाव

कुलपति ने कहा कि मौजूदा दौर में बहुत तनाव है, यह तनाव न सिर्फ डॉक्‍टर के लिए बल्कि मरीज व तीमारदारों के लिए भी है। उन्‍होंने कहा कि इस बात का ध्‍यान रखें कि मरीज की स्थिति के बारे में मरीज, उसके तीमारदार से बराबर कम्‍युनिकेशन बनाये रखें। मेरा मानना है कि आधी परेशानी कम्‍युनिकेशन करते रहने से दूर हो जाती है। अपनी ड्यूटी ऑफ होने पर आने वाले साथी को मरीज की स्थिति के बारे में अवश्‍य बता दें।

उन्‍होंने कहा कि रेजीडेंट्स को चाहिये कि वे अपने साथ के लोगों के साथ ही सीनियर साथियों के साथ अच्छे या बुरे अनुभव अनुभव जरूर शेयर करते रहें। उन्‍होंने कहा कि अपनी फैकल्‍टी का आदर करें, ये वे लोग हैं जो आपको विशेषज्ञ बना रहे हैं, इसके साथ ही अपने से जूनियर नर्स, टेक्‍नीशियंस, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके लिए जरूरी बातों को सिखायें।  

बदल दें लखनऊ की सूरत

उन्‍होंने कहा कि हम न सिर्फ विश्‍व, देश, राज्‍य, लखनऊ बल्कि केजीएमयू भी इतिहास के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहे है। इसका चुनौती पूर्वक सामना करें जो संस्‍थान आपको विशेषज्ञ बना रहा है, जो संस्‍थान आपको नाम, शोहरत दे रहा है, वह संस्‍थान याद करे कि हमारे इन रेजीडेंट्स ने महामारी के इस समय में बेहतर प्रबंधन कर लखनऊ की सूरत बदल दी।

लाइव प्रसारण के दौरान कुछ रेजीडेंट्स ने अपनी परेशानी बतायी तो उन्‍होंने कहा कि आपकी जो दिक्‍कतें है वह चीफ प्रॉक्टर, मुख्‍य चिकित्‍सा अधीक्षक, विभागाध्‍यक्ष आदि सक्षम अधिकारियों को दे दें, वे मुझ तक पहुंच जायेंगी और मैं यह सेना की प्रतिबद्धता की तरह वादा करता हूं कि आपकी एक भी समस्‍या लम्बित नहीं रहेगी।  

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