अंधड़-बारिश और तूफान ने देशभर में मचाया तांडव, आकाशीय बिजली गिरने से 100 घरों हुए तबाह

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उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक रविवार को आई तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने से 50 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली-एनसीआर में 109 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली। हल्की बारिश भी हुई। इसके चलते राजधानी दिन में ही अंधेरे में डूब गई। इसमें बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित हुईं। रेल, मेट्रो और सड़क यातायात पर भी असर पड़ा।अंधड़-बारिश और तूफान ने देशभर में मचाया तांडव, आकाशीय बिजली गिरने से 100 घरों हुए तबाह

 

दिल्ली में शाम साढ़े 4 बजे आई आंधी में 250 से ज्यादा जगह पेड़ और 75 बिजली के खंभे गिर गए, जबकि 60 जगह दीवारें-छत गिरने की घटनाएं हुईं। राजधानी में अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 घायल हो गए। वहीं, यूपी में 26 लोगों के मारे जाने और 28 के घायल होने की सूचना है। हरियाणा के झज्जर में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज बारिश के बीच बिजली गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हुए। वहीं, पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 घायल हुए। मरने वालों में 4 बच्चे बाग में आम इकट्ठे करने के दौरान बिजली की चपेट में आ गए।

आकाशीय बिजली से आग
कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से मकान आग की चपेट में आ गए। उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित राजपुरा में आकाशीय बिजली ने कई घरों को अपनी चपेट ले लिया। जिसमें 100 से ज्यादा घर जलकर खाक हो गए। 

पूर्वी हवाओं ने कर लिया था दिल्ली का रुख

रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम 30.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग की मानें तो तापमान बढ़ने के साथ पूर्वी हवाओं ने दिल्ली का रुख कर लिया था। पश्चिमी विक्षोभ ने भी असर डाला। इसका मिलाजुला असर तूफान के रूप में सामने आया। इसके लिए मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था।

दो घंटे रहा असर, फिर पटरी पर लौटा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में हवा की रफ्तार 70-109 किमी प्रति घंटे रही। दिल्ली-एनसीआर में इसका असर करीब दो घंटे तक रहा। विभाग का मानना है कि सोमवार को हिमालयन रेंज में 50-70 किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इससे दिल्ली-एनसीआर में दोपहर बाद हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

तापमान में तेज उछाल बना वजह
मौसम विभाग में दिल्ली सर्कल के निदेशक डॉ. कुलदीप ने इस तूफान की तीन वजहें गिनाईं। कुलदीप का मानना है कि पिछले दिनों तापमान में तेज उछाल आया था। वहीं, पूर्वी हवाएं पहले से उत्तर प्रदेश से दिल्ली की तरफ बढ़ रही थीं। इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ ने भी असर डाला। सफदरजंग इलाके में सबसे तेज 109 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।

10 दिन में तीसरी बार आया तूफान

रविवार से पहले 9 मई को उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आए तूफान से 18 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 27 घायल हुए थे। वहीं, 10 दिन पहले आए तूफान का असर यूपी, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और पंजाब में पड़ा था। इसमें 134 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। सबसे ज्यादा 80 लोगों की मौत यूपी में हुई थी। 
पाकिस्तान में आंधी-बारिश से 15 की मौत
पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, और आदिवासी क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश के कारण 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 घायल हो गए। इनमें नौ की मौत रविवार को दीवार और छत गिरने से हुई। मरने वालों में अधिकतर ममोंद और खार तहसील के थे।

शनिवार शाम से बिगड़े मौसम के कारण पेशावर और उसके आसपास के इलाकों में पहले तेज आंधी आई, जिससे पेड़ उखड़ गए और कई मकानों की छतें व दीवारें गिर गईं। इसके बाद हुई भारी बारिश से बाढ़ के हालात पैदा हो गए। इसमें दस साल के बच्चे की डूबने से मौत हो गई। यह हादसे धूलभरी आंधी और भारी बारिश से अंधेरा छा जाने के चलते हुए। नौशेरा में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। 

 
 
 

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