भाजपा समर्थित प्रदर्शनकारियों पर भाजपा सासंद और विधायक आपस में भिड़े

- in मध्यप्रदेश

सवर्णों द्वारा भारत बंद का असर देशभर में देखने को मिला। मध्यप्रदेश में समर्थित लोगों के प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा सांसद और विधायक आपस में भिड़ गए। रतलाम जिले के जावर में करणीसेना ने सांसद सुधीर गुप्ता को काले झंडे दिखाए और मुर्दाबाद के नारे लगाए। यह नजारा देखते ही वहां मौजूद उर्जा मंत्री पारस जैन उल्टे पैर लौट गए। वे वहां भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की 12 सितंबर को प्रस्तावित रैली के लिए सभा स्थल देखने गए थे। 

इस प्रदर्शन के लिए करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष जीवन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। लेकिन इस प्रदर्शन को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता और विधायक राजेंद्र पांडे में कहासुनी हो गई। गुप्ता ने पांडे से कहा कि जब ये प्रदर्शनकारियों में भाजपा समर्थित लोग भी शामिल हैं तो फिर आप और स्थानीय संगठन इन्हें समझा बुझाकर प्रदर्शन करने से रोक क्यों नहीं पाया। 

बता दें कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) (एससी/एसटी) अधिनियम 1989 के प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किए थे कि बिना जांच के मुकदमा नहीं दर्ज किया जाएगा। लेकिन मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अप्रभावी बनाने के लिए संसद में कानून पारित कर दिया। सवर्ण समाज को केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में 6 सितंबर को भारत बंद किया था। 

ग्वालियर में प्रदर्शनकारियों ने मंत्री, सांसदों के निवास पर धिक्कार पत्र चस्पा कर काले झंडे भी लगाए। ग्वालियर में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के जयविलास पैलेस पर काला झंडा लगाने के साथ ही धिक्कार पत्र चिपकाया गया। शिवराज सरकार में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और माया सिंह का नाम भी इसमें लिखा गया था। भाजपा के संभागीय और कांग्रेस के जिला कार्यालय के साथ ही केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और सांसद प्रभात झा के रेसकोर्स रोड स्थित निवास पर भी ऐसा ही हुआ। उधर, विदिशा में भाजपा विधायक कल्याण सिंह ठाकुर के घर पर प्रदर्शन हुआ। इस दौरान उनसे साथ में चलने की अपील की गई तो वह बोले- मैं पार्टी लाइन से बंधा हूं। 

इंदौर अपर कलेक्टर ने फेसबुक पर लिखी कविता – हां मैं दलित हूं

गुना में पुलिस ने जुलूस निकालने से रोका तो विवाद होने के बाद 23 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं आरोन में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच में झड़प हुई। हरदा में कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं आए तो सपाक्स ने कलेक्टरेट में भजन गाते हुए विरोध दर्ज कराया। 

शहडोल एसपी ने जानबूझकर पीटा : सपाक्स

सपाक्स के संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी ने कहा कि शहडोल में एसपी ने जानबूझकर एक-दो सिपाहियों के साथ लाठीचार्ज किया। इसके बाद वे गायब हो गए। बंद में हमारा समर्थन था, जो शांतिपूर्ण व मुकम्मल रहा। स्वप्रेरणा से लोग शामिल हुए। एसटी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन को जब तक वापस नहीं लिया जाता, सपाक्स का आंदोलन जारी रहेगा। 30 सितंबर को भोपाल में महारैली निकाली जाएगी। इसमें विभिन्न समाजों के लोग शामिल होंगे। 

अशोकनगर : शाढ़ौरा रेलवे स्टेशन की पटरियों पर प्रदर्शनकारी ट्रेनें रोकने के लिए खड़े हो गए। इस कारण साढ़े तीन घंटे तक रेल यातायात बंद रहा। 

इंदौर अपर कलेक्टर ने फेसबुक पर लिखी कविता – हां मैं दलित हूं

इंदौर अपर कलेक्टर कैलाश वानखेड़े ने अपनी सात साल पुरानी एक कविता फेसबुक पर गुरुवार को पोस्ट की। हां मैं दलित हूं, शीर्षक से यह कविता लिखी गई है। इस कविता के डलते ही कई कमेंट शुरू हो गए। हालांकि आंदोलन के दौरान इसे लिखने पर लोग सवाल भी खड़े करने लगे हैं। 

मध्य प्रदेश के आईजी इंटेलीजेंस मकरंद देउस्कर ने कहा कि अशोकनगर, गुना, भिंड, मुरैना, सतना और शहडोल में कुछ स्थिति बिगड़ी थी। अशोकनगर के शाढौरा में भीड़ द्वारा ट्रेन रोकी गई थी, उन्हें हटाया गया। शहडोल में पुलिस और भीड़ के बीच झड़प हुई थी। स्थिति को काबू के लिए भीड़ पर बल प्रयोग करना पड़ा। पूरे प्रदेश में बंद शांतिपूर्ण रहा है। कुछ जिलों में मामूली घटनाएं सामने आई हैं। बंद के दौरान कुछ गिरफ्तारियां भी हुई। इनमें से कुछ लोगों को मुचलके पर छोड़ा गया है। एक विधायक के बेटे को मुचलके पर छोड़ा गया है।’

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