नई दिल्ली: बीजेपी और शिवसेना के बीच 25 साल से ज्यादा पुराना गठबंधन टूटना अब लगभग तय है. एक तरफ जहां अविश्वास प्रस्ताव के दौरान संसद में शिवसेना की गैरमौजूदगी के बाद अमित शाह ने मुंबई में अपने कार्यकर्ताओं से बंद कमरे में बैठक के दौरान उन्हें आने वाले चुनाव में अकेले लड़ने की तैयारी करने की नसीहत दी है तो वहीं दूसरी तरफ शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी अपने मुखपत्र सामना को दिए इंटरव्यू के जरिए अपना रुख साफ कर दिया कि उनकी पार्टी भी आने वाले चुनाव अपने बूते पर लड़ने के लिए तैयार है.इस बड़े कारण से 25 साल बाद BJP और शिवसेना का गठबंधन टूटना तय

दोनों के बीच खटास की शुरुआत साल 2014 में हुई जब गठबंधन का लगातार आश्वासन देने के बाद अमित शाह ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ऐन वक्त पर गठबंधन तोड़ने का फैसला लेकर शिवसेना को चौंका दिया. गठबंधन की उम्मीद लगाए बैठी शिवसेना को बिना किसी तैयारी के सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने पड़े. नतीजा यह हुआ कि महाराष्ट्र में बड़े भाई की भूमिका से शिवसेना अचानक छोटे भाई की भूमिका में आ गई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की 288 सीटों में से बीजेपी को 122 वहीं शिवसेना को मात्र 63 सीटें मिलीं. वहीं लोकसभा चुनाव 2014 में महाराष्ट्र की 48 सीटों में से शिवसेना को 18 और बीजेपी को 23 सीटें मिलीं. दोनों पार्टियों ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था.

इतना ही नहीं शिवसेना को दूसरी बार जिल्लत तब झेलनी पड़ी जब शिवसेना के पास दूसरी क्षेत्रीय पार्टियों के मुकाबले ज्यादा सांसद होने के बावजूद उसे केंद्र सरकार में कम मंत्री पद बांटे गए. इसी के बाद शिवसेना और बीजेपी ने राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया. और तब से लेकर अब तक दोनों पार्टियों के बीच की खींचतान लगातार बढ़ती ही जा रही है. ऐसे में ताजा समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि 2019 लोकसभा चुनाव में शिवसेना अपने वजूद की लड़ाई लड़ते हुए बीजेपी से अलग होकर खुद के दम पर चुनाव लड़ेगी.

बीजेपी के हिन्दुत्व पर शिवसेना का हमला 

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि गायों को बचाने के नाम पर अगर आप अपना ध्यान इस बात पर दे रहे हैं कि कोई गौमांस खा रहा है या नहीं, तो यह शर्मनाक है. यह हिन्दुत्व नहीं है.ठाकरे ने कहा, देश में जिस हिन्दुत्व के विचार का पालन किया जा रहा है, मैं उसे स्वीकार नहीं करता. हमारी महिलाएं असुरक्षित हैं और आप गायों को बचा रहे हैं. राष्ट्रवाद पर बहस के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधते हुऐ ठाकरे ने कहा कि भाजपा के पास यह फैसला करने का अधिकार नहीं है कि कौन राष्ट्रवादी हैं और कौन नहीं.