खुलासा: बीजेपी नेता का रिश्तेदार कॉल सेंटर की आड़ में PAK को दे रहा था सूचना

नई दिल्ली : बीजेपी नेता के एक रिश्तेदार पर गंभीर आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक यह शख्स भारत की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को भेजता था।

खुलासा: बीजेपी नेता का रिश्तेदार कॉल सेंटर की आड़ में PAK को दे रहे थे सूचना
इस मामले में मध्य प्रदेश ATS ने पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन सभी पर भारत की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को भेजने का आरोप है। एटीएस के अनुसार जितेंद्र ठाकुर और कुश पंडित नाम के दो व्यक्ति कॉल सेंटर का संचालन करते थे। दोनों मिलकर नौकरी और लॉटरी की आड़ में सूचनाओं का लेन-देन करते थे। 
जितेंद्र ठाकुर ग्वालियर के एक वार्ड की पार्षद वंदना सतीश यादव का रिश्तेदार बताया जा रहा है।वही, कुश पंडित और रितेश खुल्लर सहित अन्य संदिग्धों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। एटीएस ने संदिग्धों को ग्वालियर, सतना और भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों से गिरफ्तार किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एटीएस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पाकिस्तानी आईएसआई एजेंटों को देश में आर्मी के ऑपरेशन्स की जानकारी इकट्ठा करने में मदद करता था।
ये गिरोह सिम बॉक्स, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डाटा कार्ड और लेपटॉप के जरिए पेरेलर टेलीफोन एक्सचेंज चलाता था। पाकिस्तान के आईएसआई एजेंटों के कॉल्स को रूट कर स्थानीय नंबरों के जरिए देश की खुफिया जानकारी इकट्ठा करने में गिरोह मदद करता था। एटीएस ने इनके पास से मोबाइल फोन, कई कंपनियों की सिम कार्ड, सिम बाक्स, लेपटॉप, चाईनीज बॉक्स आदि बरामद किया है।
फिलहाल आधिकारिक तौर पर यह खुलासा नहीं किया गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर तक एटीएस प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका खुलासा करेगी। देशद्रोह और इंडियन टेलीग्राफ एक्ट में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के विदिशा में रहने वाले मुनव्वर सलीम के पीए फरहत को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने फरवरी 2016 में भोपाल से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संदिग्ध एजेंट अजहर इकबाल को गिरफ्तार किया था। 

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सितंबर 2016 में लखनऊ एटीएस ने आईएसआई एजेंट जमालुद्दीन महज को गिरफ्तार किया था। जमालुद्दीन ने भोपाल की एक नामी होटल में एक साल काम किया था। वायुसेना के बर्खास्त अधिकारी रंजीत केके ने दिल्ली पुलिस के सामने ये बात कबूल की है कि उसने ग्वालियर के महाराजपुरा वायुसेना स्टेशन पर संचालित 10-टेट्रा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में दस माह की ट्रेनिंग ली थी। इस दौरान उसने एयरबेस की रेकी की थी।

साभार: लाइव इंडिया लाइव
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