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बिहार: तीन आरओबी निर्माण के बाद भी नहीं मिली जाम से निजात

पटना। पटना सिटी में जाम की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले सिख श्रद्धालुओं को भी जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। चंद मिनटों की दूरी तय करने में घंटों लग जाते हैं। सुबह-शाम तो स्थिति काफी गंभीर हो जाती है।

बिहार: तीन आरओबी निर्माण के बाद भी नहीं मिली जाम से निजातपटना सिटी क्षेत्र के लोग प्रतिदिन काम के लिए सचिवालय, समाहरणालय, सदर अनुमंडल समेत अन्य विभागों एवं प्रतिष्ठानों में आते-जाते हैं। सिटी के जाम में फंसने पर लोगों की रूह कांप जाती है। जाम की गंभीर समस्या को कम करने के लिए तीन आरओबी का निर्माण तो किया गया, लेकिन समस्या कम नहीं हो सकी।

अशोक राजपथ पर रेंगती है जिंदगी

अनुमंडल क्षेत्र के चौक शिकारपुर, कुम्हरार एवं अगमकुआं में रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण हुआ। उम्मीद की जा रही थी कि इससे अशोक राजपथ पर जाम की समस्या इन पुलों से कम होगी। पटना साहिब स्टेशन, श्री गुरुगोविंद सिंह पथ तथा एनएच को जोडऩे वाले चौक शिकारपुर आरओबी से लोगों को राहत मिली। गांधी सेतु के रास्ते बिस्कोमान गोलंबर पहुंचने वालों का कुम्हरार रोड तथा ओल्ड बाईपास से गायघाट पहुंचना कुम्हरार आरओबी से आसान हो गया। एनएमसीएच मार्ग, तुलसी मंडी तथा एनएच पर अगमकुआं आरओबी तक जाने में लोगों को राहत मिली। परंतु अशोक राजपथ की जाम समस्या कम नहीं हुई। वर्तमान में भी सुबह से लेकर रात तक इस मार्ग पर जिंदगी रेंग रही है।

सैदपुर रामपुर नाला पर सड़क बनने से ही हल होगी समस्या

हर दिन जाम की समस्या झेल रहे पटना सिटी वासियों का कहना है कि अशोक राजपथ का बेहतर विकल्प है सैदपुर रामपुर नाला रोड। करीब अस्सी फीट चौड़े इस नाला को भूमिगत कर तथा उत्तर-दक्षिण की सड़क को इसमें शामिल कर फोर लेन सड़क का निर्माण कराया जा सकता है। सरकार भी इस दिशा में प्रयत्नशील है। इस सड़क के बनने के बाद ही अशोक राजपथ की जाम समस्या हल हो सकेगी। फिलहाल इस नाले के दोनों किनारे की सड़क पर अवैध कब्जा है। संकीर्ण और बदहाल हुए इस मार्ग पर चलना लोगों एवं वाहनों के लिए खतरनाक है।

अशोक राजपथ पर एलिवेटेड पुल बनाने की मांग

अशोक राजपथ के जाम में फंसने के कारण मरीजों को पीएमसीएच तक ले जाने में हर दिन समस्या होती है। पटना विश्वविद्यालय, दरभंगा हाउस, खुदा बख्श उर्दू लाइब्रेरी, साईंस कॉलेज, एनआइटी आदि शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में जाम बाधक बनता है। इसी क्षेत्र के हजारों लॉज में लाखों की तादाद में प्रदेशभर के छात्र-छात्राएं रहते हैं। गांधी मैदान से लेकर एनआइटी मोड़ तक करीब दो किलोमीटर लंबा एलिवेटेड पुल बनाने की मांग उठने लगी है। यहां तक आसानी से पहुंचने के बाद लोग भी महेन्द्रू से अशोक राजपथ के रास्ते पटना सिटी भी आसानी से पहुंच सकेंगे।

टेंपो का परिचालन बंद कर रिंग बस सेवा शुरू करने की मांग

गांधी मैदान से लेकर दीदारगंज तक के अशोक राजपथ की लाइफ लाइन कहलाता है टेंपो। इस मार्ग पर पांच हजार से अधिक टेंपो का परिचालन हर दिन होता है। अतिक्रमण के कारण संकीर्ण हुए इस मार्ग पर इतनी अधिक संख्या में टेंपो तथा अन्य वाहनों के बेतरतीब परिचालन से जाम की समस्या उत्पन्न होती है। इस मार्ग से जुड़े लोगों का कहना है कि अशोक राजपथ पर टेंपो व अन्य निजी वाहनों का परिचालन रोक कर कई छोटी बसें निर्धारित अंतराल पर चलाई जाए तो जाम से राहत मिलेगी। किराया के साथ ध्वनि और वायु प्रदूषण भी कम हो जाएगा।

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