GST की मार झेल रहे लोगों के लिए आई बड़ी खबर, नुकसान नहीं होगा…फायदा ही फायदा

- in कारोबार

इंडियन रेलवे सामान को लोगों तक जल्दी पहुंचाने के लिए दो परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इन योजनाओं के सिरे चढ़ने से न केवल मालगाड़ियों की रफ्तार तेज होगी, बल्कि कारोबार को भी बूम मिलेगा। अभी कारोबारियों का माल अपने गंतव्य तक पहुंचने में कई दिन लग जाते हैं, क्योंकि मालगाड़ियों को रोककर अन्य मेल ट्रेनों को पहले निकालने में तवज्जो दी जाती है। मगर अब मालगाड़ियों की लाइनें भी अलग होंगी और इनकी स्पीड भी बढ़ेगी।GST की मार झेल रहे लोगों के लिए आई बड़ी खबर, नुकसान नहीं होगा...फायदा ही फायदा

रेल फ्लाईओवर्स
रेलवे की ओर से तीन बड़े रेल फ्लाईओवर तैयार किए जा रहे हैं। इन फ्लाईओवरों की लंबाई 13 से 14 किलोमीटर होंगे। रेलवे के डेडिकेटिड फ्रेट कोरिडोर प्रोजेक्ट के तहत डीएफसीसीएल द्वारा इन्हें तैयार किया जा रहा है। डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर (ओपी एंड बीडी) राजेश नवहाल ने बताया कि इस सेक्शन में कई बड़े जंक्शन स्टेशन हैं, जहां रेलगाड़ियों का रश बहुत ज्यादा रहता है और वहां से कई रूट अन्य राज्यों को भी निकलते हैं। इसीलिए इन रेल फ्लाईओवर्स का निर्माण करवाया जा रहा है, ताकि मालगाड़ियां स्टेशनों के बाहर से ही गुजर जाएं

दिसंबर 2020 से पहले इन फ्लाईओवर्स का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत पहला रेल फ्लाईओवर दुखेड़ी से अंबाला रेलवे स्टेशन (दूरी करीब 7 किमी.) के बीच बनेगा। कई किलोमीटर लंबा ये रेल फ्लाईओवर अंबाला-दिल्ली हाइवे के भी ऊपर से गुजरेगा। उससे आगे रेलवे कालोनी और आर्मी एरिया से होते हुए ये कालीपलटन पुल के पास मिलेगा। यहां आर्मी की भी कुछ जगह एक्वायर की गई है।

दूसरा फ्लाईओवर पंजाब के शंभू स्टेशन से राजपुरा स्टेशन (दूरी करीब 10 किमी) के बीच व तीसरा फ्लाईओवर सरहिंद स्टेशन से मंडीगोबिंदगढ़ स्टेशन के बीच(दूरी करीब 9 किमी.) तैयार होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत चूंकि मालगाड़ियों के लिए अलग से फ्रेट कोरिडोर तैयार किया जा रहा है, इसलिए मालगाड़ियां भी 1500 मीटर तक लंबी और अत्यधिक क्षमता की होंगी। उस लिहाज से रेल फ्लाईओवर्स भी अत्यधिक क्षमता वाले तैयार किए जा रहे हैं।

रेलवे ओवर व अंडर ब्रिज भी तैयार होंगे
इस प्रोजेक्ट के तहत वेस्टर्न यूपी, हरियाणा और पंजाब के विभिन्न सेक्शन में फ्रेट कोरिडोर के लिए कई रेलवे ओवर ब्रिज व अंडर ब्रिज भी तैयार होंगे। इसके अंतर्गत वेस्टर्न तलहेड़ी-पिलखनी में 6 रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी), पिलखनी-सहानेवाल सेक्शन में 5 आरयूबी, हरियाणा में 24 आरयूबी व पंजाब में 28 आरयूबी व 1 आरओबी तैयार किए जाएंगें। राज्य सरकारों ने इसके लिए स्वीकृति दे दी है और रेलवे ने जगह भी एक्वायर कर ली है।

फ्रेट कॉरिडोर
डीएफसीसी के डिप्टी मैनेजर राजेश नवहाल ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत फ्रेट कॉरिडोर बनाए जाने हैं, ईस्टर्न और वेस्टर्न कोरिडोर पर। ईस्टर्न कोरिडोर में पंजाब के लुधियाना वाया हरियाणा से पश्चिमी बंगाल के डानकुनी (ग्रेटर कोलकाता) के बीच 1856 किमी लंबा फ्रेट कोरिडोर तैयार किया जाना है। इस प्रोजेक्ट में पंजाब, हरियाणा, यूपी समेत अन्य राज्य शामिल है, जबकि वेस्टर्न डेडीकेटिड कोरिडोर के अंतर्गत मुबंई से दादरी (गौतमबुद्धनगर) तक 1504 किमी लंबा मालगाड़ियों के लिए अलग से फ्रेट कोरिडोर (5 फीट 6 इंच की ब्रॉडगेज लाइन) तैयार की जा रही है।

100 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी मालगाड़ियां
प्रोजेक्ट के तहत मालगाड़िया अब ट्रैक पर 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से दौड़ने को तैयार हैं। अभी वर्तमान में रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ियों की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतर रफ्तार से चल रही है, लेकिन अब इनकी रफ्तार बढ़ने वाली है। इसके अलावा रेल ट्रैकों पर मालड़ियों की मौजूदा औसत रफ्तार 26 किलोमीटर प्रति घंटे को बढ़ाकर 70 किलोमीटर प्रति घंटा किए जाने का भी लक्ष्य रखा गया है।

1500 मीटर लंबी होंगी मालगाड़ियां
वेस्टर्न यूपी, हरियाणा और पंजाब सेक्शन में पहली बार 1500 मीटर लंबी मालगाड़िया रेल फ्लाईओवर पर चलेंगी। ये मालगाडिय़ां इस सेक्शन के बड़े रेलवे स्टेशनों को बिना छुए ही बाहर ही बाहर से गुजरेंगी और मेल ट्रेनों का शेड्यूल को बिल्कुल भी डिस्टर्ब नहीं करेंगी। मालगाड़ियों में जहां 25 से 40 वैगन एक्सट्रा लगेंगे, वहीं इनका इंजन भी अत्यधिक क्षमता का होगा। अभी मालगाड़ियों में 80 तक वैगन होते हैं, लेकिन अब वैगनों की संख्या 110 से 120 तक होगी।

स्टेशनों पर डेढ़ किमी लंबी होगी लूप लाइन
ईस्टर्न डेडीकेटिड कोरिडोर के अंतर्गत सहारनपुर से लेकर लुधियाना तक कुल 14 स्टेशन तैयार हो रहे हैं सहारनपुर सेक्शन में न्यू पिलखनी, हरियाणा सेक्शन में न्यू अंबालासिटी, न्यू दुखेड़ी, न्यू केसरी, न्यू बराड़ा, न्यू दराजपुर, न्यू कलानौर, न्यू जगाधरी वर्कशॉप व पंजाब सेक्शन में न्यू चावापहल, न्यू खन्ना, न्यू मंडी गोबिंदगढ़, न्यू सरहिंद, न्यू सराय बंजारा, न्यू शंभू स्टेशन शामिल है। सभी स्टेशनों की लूपलाइन भी 1500 मीटर की तैयार होंगी, अभी तक लूपलाइन 686 मीटर तक ही रहती है। ईस्टर्न सेक्शन में मालगाडिय़ां गति से गुजरे इसके लिए 91 रेलवे ओवर व अंडर ब्रिज तैयार किए जा रहे हैं।

ये होगा फायदा
इस प्रोजेक्ट से न केवल रेलवे को फायदा होगा, कारोबारियों के मुनाफे को भी गति मिलेगी। जहां रेलवे का कारोबार बढ़ेगा, वहीं हरियाणा और पंजाब के उद्योगों को भी रफ्तार मिलेगी। उद्यमियों का माल अपने गंतव्यों तक समय पर पहुंच सकेगा। दोनों ही परियोजनाएं हरियाणा क्षेत्र से होकर गुजर रही हैं।

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