कोरोना वायरस को लेकर बड़ा खुलासा, चीनी डॉक्टर ने कहा-हमें चुप रहने की मिली थी धमकी

चीन के वुहान से ही कोरोना वायरस फैला था. ये बात है करीब 15 दिसंबर 2019 के आसपास की जब इस जानलेवा वायरस से जुड़ा पहला मामला वुहान में सामने आया था. डॉक्टरों ने पता भी कर लिया था कि ये वायरस अलग है, जानलेवा है और ये बहुत तेजी से फैलेगा लेकिन चीन की सरकार और अधिकारियों ने डॉक्टरों को कुछ भी बोलने से मना कर दिया था. अगर उसी समय वुहान के इन डॉक्टरों की चीन सुन लेता तो ये वायरस इतना नहीं फैलता.

वुहान से फैले कोरोना वायरस की वजह से अब तक पूरी दुनिया में 122,926 लोग संक्रमित हैं. 4595 लोगों की मौत हो चुकी है. वुहान में जिस डॉक्टर ने सबसे पहले इस वायरस की बात की उनकी मौत हो गई. कुछ लोग लापता हो गए. आइए जानते हैं कोविड 19 कोरोनावायरस को खोजने वाले डॉक्टरों में से एक आई फेन का चीन के खिलाफ बड़ा खुलासा. 

वुहान की डॉक्टर आई फेन ने कहा मेरे कई साथी इस बीमारी से ग्रसित लोगों का इलाज करते वक्त मर गए. लेकिन दिसंबर में जब हमने इस वायरस के बारे में आला सरकारी अधिकारियों को बताया तो हमें चुप रहने को कहा गया था.

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डॉ. आई फेन ने चीनी की मैगजीन रेनवू को एक इंटरव्यू में ये सारी बातें बताईं. डॉ. फेन वुहान सेंट्रल हॉस्पिटल में आपातकालीन विभाग की निदेशक हैं.  डॉ. फेन ने बताया कि उन्हें धमकाया गया था कि अगर आप इस वायरस के बारे में किसी से भी बात करेंगी तो अंजाम बेहद बुरा होगा. उनके साथी और इस मामले को सोशल मीडिया पर उठाने वाले डॉक्टर ली वेनलियांग अभी जेल में हैं.

डॉ. फेन ने बताया कि मुझे यह पता होता कि यह वायरस इतने लोगों की जान ले लेगा तो मैं चुप नहीं बैठती. मैं पूरी दुनिया में ये बात सभी को बताती. जिस भी माध्यम से कह पाती मैं ये जानकारी सभी को देती. फिर चाहे मुझे कोई जेल में ही क्यों न डाल देता.  डॉ. फेन का यह इंटरव्यू रेनवू ने अपनी साइट से हटा दिया. चीन की सोशल मीडिया साइट्स पर से भी डॉ. फेन का इंटरव्यू गायब हो गया. लेकिन कुछ चीनी लोगों ने इसके स्क्रीनशॉट्स ले लिए थे.

अब डॉ. फेन का इंटरव्यू इमोजी और मोर्स कोड में बदलकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है. इसे प्रोड्यूसर टोनी लिन ने अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है.  डॉ. फेन ने बताया कि 30 दिसंबर को उन्हें कई मरीज एक जैसी बीमारी वाले लक्षण के साथ सामने दिखाई दिए. हमने जब उनकी लैब में जांच की तो पता चला कि उनके अंदर मौजूद वायरस सार्स कोरोनावायरस जैसा है.

डॉ. फेन ने रिपोर्ट की तस्वीर लेकर अपने सीनियर्स और सरकारी अधिकारियों को भेजी. शाम तक यह तस्वीर वुहान के सभी डॉक्टरों के पास पहुंच गई. डॉ. ली वेनलियांग ने इसे सोशल मीडिया पर डालकर दुनियाभर को बताया कि नया कोरोनावायरस फैल रहा है.  रात में अस्पताल प्रबंधन का मैसेज आया कि डॉ. फेन आप इस बीमारी के बारे में किसी को नहीं बताएंगी. दो दिन बाद उन्हें धमकी दी गई कि अगर आप ने इसके बारे में किसी को कुछ बताया तो अंजाम बेहद बुरा होगा. 

 

डॉ. फेन ने सभी सरकारी अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन को समझाने की कोशिश की लेकिन उनकी बात किसी ने नहीं सुनी. 21 जनवरी तक इमरजेंसी विभाग में हर 1523 मरीज से ज्यादा आने लगे थे. डॉ. फेन ने बताया कि मैं वो दिन नहीं भूल सकती जब एक बीमार बेटे की मौत के बाद डॉक्टर उसके पिता को डेथ सर्टिफिकेट दे रहे थे और वो बुजुर्ग डॉक्टरों की तरफ एकटक देखे जा रहा था.

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