योगी आदित्यनाथ ने कहा- उत्तर प्रदेश में कुंभ से पहले ही गंगा में नहीं गिरेंगे गंदे नाले

हरिद्वार: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इलाहाबाद कुंभ से पहले ही गंगा में एक भी गंदे नाले को नहीं गिरने दिया जाएगा। निर्मल और अविरल गंगा का संदेश देते हुए योगी ने कहा कि इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर की समय सीमा तय की है। उत्तराखंड के साथ परिसंपत्तियों के विवाद पर उन्होंने कहा कि इससे संबंधित सभी मसले दो माह में हल कर लिए जाएंगे। कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में भी दोनों राज्य मिलकर काम करेंगे।योगी आदित्यनाथ ने कहा- उत्तर प्रदेश में कुंभ से पहले ही गंगा में नहीं गिरेंगे गंदे नाले

शनिवार को हरिद्वार पहुंचे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश पर्यटक आवास गृह की आधारशिला रखी। 100 कमरों वाले इस आवास गृह के निर्माण पर 41 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे पहले दोनों नेताओं ने हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि निर्मल और अविरल गंगा के लिए दोनों राज्यों की सरकारें मिलकर कार्य करेंगे।

चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकार्ड संख्या का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि इसमें भी उत्तर प्रदेश की सहभागिता अधिक है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के रिश्तों को प्रगाढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘गंगोत्री से निकलने वाली गंगा का सर्वाधिक प्रवाह का क्षेत्र उत्तर प्रदेश में है।’ उन्होंने कहा कि गंगा किनारे पर्यटन की संभावनाओं को साकार किया जाएगा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार करेंगे। 

समारोह को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ङ्क्षसह रावत ने कहा योगी एक सशक्त नेतृत्वकर्ता के तौर पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों ने परिसंपत्तियों के मामले को लटकाने का कार्य किया, लेकिन योगी ने एतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने वर्षा जल संचय पर जोर देते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों को और अधिक पानी दे सकेगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव और  सांसद रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित थे।

भागीरथ होगा उप्र पर्यटक आवास गृह का नाम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच लंबे समय तक विवाद का मुद्दा बने होटल अलकनंदा को वर्ष 2004 में अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार ने उत्तराखंड को देने का निर्णय लिया था, तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में चली गई। इससे मामला लटका। अब यह होटल को उत्तराखंड को सौंपा जा चुका है। इसके साथ बनने वाले पर्यटक आवास गृह को हम भागीरथ का नाम देते हैं। इसका निर्माण में भी उत्तराखंड की शैली झलकेगी। उन्होंने बदरीनाथ में भवन निर्माण की सहमति देने के लिए उत्तराखंड सरकार का आभार जताया। 

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