बागेश्वर: सड़क बंद होने से एक दर्जन गांव से टूटा संपर्क, बद से बत्तर हुआ लोगों का जीवन

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बागेश्वर के कपकोट तहसील के कई गांवों की सड़कें अभी तक सुचारु नहीं हो पाई है। ये गांव अभी भी तहसील मुख्यालय से अलग-थलग पड़े हुए हैं। इन गांवों में ग्रामीणों को ताजी तो दूर खराब सब्जियां भी नहीं मिल पा रही हैं। आटा, चावल दाल समेत जरूरी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। पिंडर और रामगंगा घाटी में संचार सेवा भी चरमराई हुई है। 

मानसून की पहली बारिश से आठ जुलाई को लीती-गोगिना सड़क पणढुंगा, मुनार-सूपी-तरसाल सड़क बावे बैंड के समीप और कपकोट-कर्मी सड़क शरण से आगे बंद हो गई थी। सड़कें  बंद होने से पिंडर, सरयू और रामगंगा घाटी की ओर जाने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बड़े इलाके में अब जरूरी सामान की कमी होने लगी हैं।

खच्चरों की पीठ में लादकर आने वाले आटा, चावल, दाल समेत अन्य जरूरी सामान के दाम आसमान छू रहे हैं। लोगों को सब्जियां नहीं मिल रही हैं। निर्माणाधीन शरण-तोली-बघर सड़क पर भारी मात्रा में मलबा भरने से वहां बघर और ढोक्टीगांव को जाने वालों को  पहाड़ी पर उगी झाड़ियों को पकड़कर जाना पड़ रहा है। मुनार-सूपी-तरसाल सड़क बंद होने से इस मार्ग पर पांच जीपें, लीती-गोगिना सड़क के बंद होने से गोगिना में एक दर्जन जीपें फंसी हुई है। 

सड़कें बंद होने से वाहन चालकों और मालिकों के सामने भुखमरी की नौबत आने लगी है।  कपकोट विधायक बलवंत भौर्याल ने कहा कि बारिश से बंद मुनार-सूपी और लीती सड़कों का जायजा ले लिया है। प्रभावित गांवों का शीघ्र भ्रमण किया जाएगा। कपकोट के उपजिलाधिकारी रवींद्र बिष्ट ने बताया मल्ला और बिचल्ला दानपुर के गोदामों में खाद्यान्न का सितंबर माह तक का भंडारण है। 

बंद सड़कें व अलग-थलग पड़े गांव 
लीती-गोगिना सड़क के बंद होने से हाम्टी कापड़ी, रातिरकेठी, मर्ल्खाडुंगर्चा, गोगिना और कीमू गांव,  कपकोट-कर्मी सड़क बंद होने से कर्मी और दोबाड़ गांव,  मुनार-सूपी सड़क के बंद होने से सूपी, रिखाड़ी, हरकोट, धुरकोट, तलाई, तरसाल, बैछम, झूनी और खल्झूनी गांव अलग-थलग पड़े हैं।

मोबाइल फोन टावरों से नहीं आ रहे सिग्नल 
मल्ला दानपुर के धूर और लीती में लगे मोबाइल टावरों से सिग्नल नहीं हैं। धूर  जनरेटर के जरिये दिन सिर्फ तीन घंटे ही चल रहा है। लीती में लगा मोबाइल फोन टावर गत एक पखवाड़े से बंद पड़ा है। बीएसनएल के जेटीओ सीएस लोहनी ने बताया कि लीती का टावर बिजली की आपूर्ति न होने से प्रभावित है।

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