कुछ ऐसे अटल बिहारी वाजपेयी की एक ‘सलाह’ ने टीम इंडिया को दिलाई थी पाकिस्तान में जीत

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नई दिल्ली. भारत-पाक क्रिकेट संबंधों पर आज बेशक राजनीतिक ताला लग गया हो. लेकिन, अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में ऐसा नहीं था. पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने के अटल जी के पहल को ध्यान में रखकर साल 2004 में टीम इंडिया को एक फुल फ्लेज सीरीज खेलने को लेकर पाकिस्तान दौरे पर भेजा गया. टीम इंडिया ने ये दौरा सौरव गांगुली की कप्तानी में किया था. इस दौरे पर जाने से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री ने गांगुली एडं कंपनी को मिलने के लिए बुलाया और टीम के कप्तान गांगुली को एक बल्ला दिया, जिस पर लिखा था- खेल ही नहीं दिल भी जीतकर आइएगा. शुभकामनाएं.

पाकिस्तान में जीते वनडे और टेस्ट सीरीज

तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की इस सलाह का पाकिस्तान में असर भी दिखा. गांगुली की अगवाई में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को पहले वनडे सीरीज में 3-2 से हराया और फिर टेस्ट सीरीज पर 2-1 से कब्जा किया. वनडे सीरीज में पाकिस्तान की ओर से इंजमाम-उल-हक 340 रन बनाकर सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे थे तो वहीं भारत की ओर से राहुल द्रविड़ ने सबसे ज्यादा 248 रन बनाए. गेंदबाजी में पाकिस्तान के मोहम्मद सामी ने 11 विकेट चटकाए तो भारत के इरफान पठान ने 8 विकेट लिए थे.

सहवाग बने थे ‘मुल्तान के सुल्तान’

पाकिस्तान के इसी ऐतिहासिक दौरे पर टेस्ट सीरीज का पहला मैच मुल्तान में खेला गया था, जहां 309 रन की बेमिसाल पारी खेलने के बाद वीरेंद्र सहवाग को मुल्तान के सुल्तान का तमगा भी मिला. वीरेन्द्र सहवाग टेस्ट सीरीज में 438 रन के साथ टॉप स्कोरर रहे थे वहीं कुंबले ने सबसे ज्यादा 15 विकेट चटकाए थे. बता दें कि भारतीय टीम के इस दौरे पर जाने से पहले खूब विरोध किया गया था लेकिन जब टीम जीतकर पाकिस्तान से लौटी तो हर क्रिकेट फैंस के चेहरे पर खुशी की लहर थी.

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