एक बार इंकार के बाद अब जस्टिन ट्रूडो से अमृतसर में मिलेंगे अमरिंदर सिंह

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सात दिन की भारत यात्रा पर हैं। बुधवार को वह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात करेंगे। कनाडा में रहने वाले सिख समुदाय जस्टिन को प्यार से जस्टिन सिंह बुलाते हैं। उनसे मिलने को पहले अमरिंदर सिंह ने मना कर दिया था हालांकि अब वे मान गए हैं। ट्रूडो ने ट्वीट कर कहा कि बुधवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से अमृतसर में मुलाकात को लेकर आशान्वित हूं। मुझे उम्मीद है कि इस मुलाकात से भारत-कनाडा के व्यापारिक संबंधों के साथ-साथ दोनों देशों के लोगों के आपसी रिश्तों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पहली बार भारत की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे हैं। मगर उनकी यह यात्रा न तो मीडिया में सुर्खियां बन रही हैं और न ही उनके दौरे को लेकर सरकार की तरफ से कोई बहुत ज्यादा गर्मजोशी दिख रही है। ट्रूडो परिवार के साथ बुधवार को स्वर्ण मंदिर जाने वाले हैं और इसके बाद अमृतसर में ही कैप्टन से उनकी मुलाकात तय हुई है। पिछले साल ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब दौरे पर आए कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन से मिलने से इनकार कर दिया था। कैप्टन ने हरजीत सज्जन पर खालिस्तान समर्थकों के लिए सहानुभूति रखने का आरोप लगाया था।एक बार इंकार के बाद अब जस्टिन ट्रूडो से अमृतसर में मिलेंगे अमरिंदर सिंह

साल 2016 में जब अमरिंदर सिंह पंजाब कांग्रेस कमिटी के चीफ हुआ करते थे तो उन्हें कनाडा में अप्रवासी भारतीयों से मिलने से रोका गया था। इस पर कैप्टन ने विरोध जताते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री को कड़े शब्दों में चिट्ठी भी लिखी थी। कनाडा की घरेलू राजनीति में वहां के भारतीय समुदाय की मजबूत भागीदारी है और इसमें ज्यादातर लोग सिख हैं। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जस्टिन ट्रूडो की कैबिनेट में चार सिख मंत्री हैं।

सरकार के एक सूत्र ने बताया कि ट्रूडो के साथ पीएम मोदी शुक्रवार को मुलाकात करेंगे और यह एजेंडा ओपन है। सूत्र ने बताया- हम अपेक्षा करते हैं भारतीय पक्ष की चिंताओं और संवेदनाओं को उचित रूप से व्यक्त किया जाएगा। शुक्रवार को वह पीएम से द्वीपक्षीय वार्ता करेंगे। ट्रूडो की भारत यात्रा से पहले कनाडा के रक्षामंत्री सज्जन सिंह ने कहा था कि उनकी सरकार संगठित भारत की पक्षधर हैं। उन्होंने पंजाब के मुख्यंत्री के दावों को निराधार और आपत्तिजनक करार दिया था।

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