होटल खोलने की तैयारी में अखिलेश यादव, तो मुलायम ने लाइब्रेरी के लिए मांगी अनुमति

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हेरिटेज होटल खोलने की तैयारी में हैं तो उनके पिता सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने अपने आवास पर लाइब्रेरी खोलने की अनुमति मांगी है। जिसके लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण गुपचुप में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया चल रही है। नक्शा पास हुआ तो विक्रमादित्यमार्ग पर बने अखिलेश यादव के आवास व मुलायम के पर हेरिटेज होटल व लाइब्रेरी खुलेगी। हालांकि, अभी तक सपा की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।होटल खोलने की तैयारी में अखिलेश यादव, तो मुलायम ने लाइब्रेरी के लिए मांगी अनुमति

यूपी की इन दो सियासी शख्सियतों के ‘सपनों’ की खबर मीडिया में लीक होने से इस पर चर्चा हो रही है। दरअसल, लखनऊ विकास प्राधिकरण में जमा हुए मानचित्र के मुताबिक सांसद डिंपल यादव और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 1-ए विक्रमादित्य मार्ग पर बने भवन को हेरिटेज होटल में बदलना चाहते हैं। इसका नाम होगा हिबिस्कस हेरिटेज। हिबिस्कस फूल की प्रजाति है। गुड़हल का फूल हिबिस्कस रोजा साइनेनसिस इसी कुल का फूल होता है। बहरहाल इसके लिए मानचित्र भी एलडीए में जमा कर दिया गया है। वहीं, मुलायम सिंह यादव के 2- विक्रमादित्य मार्ग पर बने भवन में वाचनालय के लिए अनुमति मांगी गई है।

अब इन विभागों की अनुमति का इंतजार
एलडीए ने नगर निगम, जलकल, राज्य संपत्ति विभाग, नजूल अधिकारी एलडीए और एडीजी सुरक्षा से निर्माण की अनुमति देने और मानचित्र स्वीकृत करने के लिए एनओसी मांगी है। मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से एलडीए के अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

पर एक मुश्किल ये भी: 7 मीटर से अधिक ऊंचे भवन की अनुमति नहीं

एलडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि विक्रमादित्य मार्ग हाई सिक्योरिटी जोन में आता है। ऐसे में यहां सात मीटर से अधिक ऊंचाई के निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। सात मीटर ऊंचाई में अधिकतम दो मंजिला निर्माण की अनुमति ही मिल पाएगी। हेरिटेज होटल के लिए तो मूल निर्माण से छेड़छाड़ की अनुमति नहीं होगी।

एनओसी मिली तो पास हो जाएगा नक्शा
यूपी पर्यटन नीति, 2018 के मुताबिक हेरिटेज होटल की अनुमति 1950 से पहले बने भवनों में दी जा सकती है। भवन का आर्किटेक्चर विरासत महत्व का होना चाहिए। भवन में कम से कम पांच कमरे होने चाहिए। हेरिटेज होटल के लिए लैंडयूज बदलने के लिए विकास प्राधिकरण कोई शुल्क चार्ज नहीं करेगा। वहीं आवासीय भवन में लाइब्रेरी या वाचनालय की अनुमति दी जा सकती है। यानी विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिला तो नक्शा पास होना तय है।

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