पूरा क्षेत्र ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कचरा फेंकने का स्थान हो

शिक्षिका रश्मी ने कहा कि पूरा क्षेत्र ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कचरा फेंकने का स्थान हो. मुझे समझ नहीं आ रहा कि उन्होंने कचरा फेंकने के लिए उचित प्रबंध क्यों नहीं किए. छात्रों को कार्यक्रम के बाद केला, चिप्स सहित जलपान दिया गया था और कूड़ेदान ना होने के कारण उसका कूड़ा उन्होंने (छात्रों ने) इधर-उधर ही फेंक दिया था. प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने वर्ष 2022 तक प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का संकल्प भी लिया है.