अफगानिस्तान को डेब्यू टेस्ट जीतने के लिए बदलना पड़ेगा टीम इंडिया का इतिहास

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नई दिल्ली. अफगानिस्तान की क्रिकेट के लिए 14 जून की तारीख बेहद खास है. इसी तारीख से टेस्ट क्रिकेट में उसका पर्दापण हुआ है. टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने वाली अफगानिस्तान 12वीं टीम है तो वहीं चौथी ऐसी टीम है जिसका डेब्यू क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट में भारत के खिलाफ हो रहा है. अफगानिस्तान से पहले 1952 में पाकिस्तान, 1992 में जिम्बाब्वे और साल 2000 में बांग्लादेश टीम इंडिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू कर चुके हैं. भारत के टेस्ट क्रिकेट में कदम रखने के बाद से सिर्फ श्रीलंका और और आयरलैंड ही दो ऐसी टीमें रही जिन्होंने उसके खिलाफ अपना डेब्यू टेस्ट नहीं खेला है.अफगानिस्तान को डेब्यू टेस्ट जीतने के लिए बदलना पड़ेगा टीम इंडिया का इतिहास

अफगानिस्तान को तोड़ना होगा ‘चक्रव्यूह’

अब बड़ा सवाल ये है कि क्या अफगानिस्तान अपने डेब्यू टेस्ट को जीत पाएगा. क्योंकि, अगर ऐसा करना है तो फिर उसे टीम इंडिया के इतिहास को ही बदलना पड़ेगा. भारतीय टीम का ये वो इतिहास है जिसके पन्नों में उसे लिए हार शब्द की जगह नहीं है. कहने का मतलब ये कि भारत ने अफगानिस्तान से पहले जिन तीन डेब्यूडेंट टीमों के खिलाफ टेस्ट मैच खेला है उन सबमें उसमें या तो बड़ी जीत मिली है या फिर टेस्ट ड्रॉ हुआ है.

टीम इंडिया का ट्रैक रिकॉर्ड

अब जरा ये आंकड़े देखिए. 1952 में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया. इस मुकाबले को भारत ने पारी और 70 रन के बड़े अंतर से जीता. 1992 में जिम्बाब्वे ने भारत के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला. ये मुकाबला ड्रॉ रहा. साल 2000 में बांग्लादेश की टीम भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट का अपना पहला मैच खेलने मैदान पर उतरी, जिसमें उसे 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा.

बदलो इतिहास, जीत मिलेगी खास!

ऐसे में सवाल है कि क्या अफगानिस्तान डेब्यूडेंट टीमों के खिलाफ भारत के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड को बदल पाएगा. क्योंकि, अगर नहीं बदल सका तो फिर ऐतिहासिक टेस्ट में उसे हार से दो-चार होना पड़ेगा.

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