पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के मानस पुत्र की मांग को लेकर अधिवक्ता ने दाखिल की याचिका

हरदोई। हरदोई जिले के अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम चांदापुर निवासी व उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ में कार्य कर रहे अधिवक्ता संजीव द्ववेदी ने भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के जीवन पर लिखित अटल दृष्टि खंड काव्य में लिखी है। उनका कहना है कि वह बाजपेयी के मानस पुत्र हैं। इसके लिए कई बार श्री बाजपेयी व पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से मिले लेकिन जब वहां सफलता नहीं मिली तो सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर मानस पुत्र घोषित करने की गुहार लगाई है।पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के मानस पुत्र की मांग को लेकर अधिवक्ता ने दाखिल की याचिका

उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने वैसे तो कई लेख लिये हैं। लेकिन एक खंड काव्य अटल दृष्टि पटल के नाम से लिखा है। जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी  बाजपेयी के व्यक्तित्व का पूरा वर्णन है। उन्होंने बताया कि नारद पुराण, स्कन्ध पुराण व श्रीमद् भागवत पुराण में मानस पुत्र का उल्लेख है। देवर्षि नारद भी ब्रम्हा जी के मानस पुत्र थे। उसकी प्रकार वह भी मानस पुत्र के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री सेवा करना चाहते हैं।

इसके लिए वह वह 2016 से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी व पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से भी कई बार मिल चुके हैं। जब उन लोगों ने उनकी मांग को नहीं माना तब सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। रिट पिटीशन नंबर 22493 वर्ष 2018 है। उन्होंने बताया कि मानस पुत्र अर्थांत मन संबंधी या मन से उत्पन्न। पुत्र प्राय: तनय, तनुज या आत्मज होते हैं। शरीर से संबद्ध या उत्पन्न होते हैं। किन्तु कई बार हमारा किसी के प्रति इतना लगाव हाेता है कि शारीरिक पुत्र न होते हुए भी किसी व्यक्ति विशेष के विचारों के अत्यंत अनुगामी या अनुपालक होते हैं।

वह मानस पुत्र कहे जा सकते हैं। उनका कहना है कि वह भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी बाजपेयी के मानस पुत्र हैं। इसकी घोषणा अदालत से कराने के लिए सुप्रीमकोर्ट में गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि वह मानस पुत्र के रूप में श्री  बाजपेयी की सेवा करने के साथ ही उनके राष्ट्रवाद का विस्तार करने के लिए भी काम करना चाहते हैं।  

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