आरआईएमसी में बोले सीडीएस- सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनाएं उन्नत तकनीकी

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज का दौरा कर प्रतिष्ठित सैन्य कर्मियों को तैयार करने के लिए आरआईएमसी की प्रशंसा की। उन्होंने छात्रों से संवाद कर अनुशासन, अखंडता एवं राष्ट्र सेवा के मूल्यों का महत्व समझाया। उन्होंने आधुनिक शिक्षा को सैन्य परंपराओं के साथ एकीकृत करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को सराहते हुए कहा कि कैडेट भविष्य की चुनौतियों के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित हों।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में दौरा कर भारतीय सशस्त्र बलों के भविष्य के नेतृत्व को आकार देने में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा। इस दौरान जनरल चौहान का पूरे सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया गया। आरआईएमसी के कमांडेंट, संकाय तथा कैडेटों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। भ्रमण के दौरान जनरल अनिल चौहान ने कैडेटों और संकाय के साथ बातचीत की। उन्होंने संस्थान में प्रशिक्षण, शैक्षणिक पाठ्यक्रम और नेतृत्व विकास कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने वर्तमान समय में युद्ध की बदलती स्थितियों का उल्लेख कर कैडेटों से भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी प्रगति, रणनीतिक सोच व अनुकूलनशीलता को अपनाने का आग्रह किया। सीडीएस ने सोमनाथ संसाधन केंद्र और संग्रहालय का भी दौरा किया, जो आरआईएमसी के समृद्ध इतिहास तथा राष्ट्र के लिए इसके प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के योगदान को प्रदर्शित करता है। उन्होंने विभिन्न सैन्य अभियानों में आरआईएमसी से प्रशिक्षित अधिकारियों की भूमिका की भी चर्चा की। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने उनके प्रदर्शन और साहसिक कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने परिसर में एक पौधा भी लगाया।

सीडीएस ने किया बियोंड द बैटल फील्ड पुस्तक का विमोचन
युद्ध की प्रवृत्ति और स्वरूप लगातार बदल रहा है। यह हमारे लिए बहुआयामी चुनौती होगी। हमें इसके लिए तैयार रहना होगा। देखने में आ रहा है कि हम प्रत्यक्ष युद्ध के साथ अप्रत्यक्ष चुनौतियों का भी सामना कर रहे हैं। काइनेटिक से नॉन काइनेटिक वॉरफेयर की ओर बढ़ रहे हैं। नवीनतम तकनीकी के युग में युद्ध का स्वरूप भी बदल रहा है। भारतीय सेना इसके लिए पूरी तरह तैयार है। बुधवार को यह उद्बोधन सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने क्लेमेंटटाउन के रंजीत सिंह सभागार में पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में दिए। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य चीजें हमें युद्ध में बेहतर निर्णय लेने में मदद करेंगी।

बुधवार को सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने क्लेमेंटटाउन के रंजीत सिंह सभागार में लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार की दो पुस्तकें बियोंड द बैटल फील्ड और शालिनी पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार की पुस्तक बियोंड द बैटल फील्ड भविष्य में सैन्य नेतृत्व में मदद करेगी। ये ना केवल रणनीति बनाने के लिए बल्कि समझने और सहानुभूतिपूर्ण, नैतिक और उद्देश्यपूर्ण बनने के लिए भी मदद करेगी। लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार ने दो विभिन्न विषयों को मिलाकर एक उत्कृष्ट कृति बनाई है। यह भारतीय सशस्त्र बलों के लिए भविष्य में नेतृत्व के लिए मार्गदर्शक प्रकाश बन सकता है। उन्होंने शालिनी पुस्तक पर चर्चा करते हुए कहा कि शालिनी एक बहुत ही गरिमामयी और नैतिक महिला थीं। कहा, इन दोनों पुस्तकों का देहरादून में विमोचन होना विशेष महत्व रखता है। कहा कि सैन्य नेतृत्व सबसे कठिन और जटिल परिस्थितियों में अभ्यास किया जाता है। सैन्य नेतृत्व में विफलता के परिणाम बहुत भारी हो सकते हैं और राष्ट्रों के इतिहास को बदल सकते हैं।

वेदों और शास्त्रों से प्रेरणा लेने की प्रकिया है आध्यात्मिकता
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि आध्यात्मिकता हमारे प्राचीन वेदों और शास्त्रों से प्रेरणा लेने की प्रक्रिया है, लेकिन नेतृत्व आध्यात्मिकता से एक अलग चीज है। एक नेता आध्यात्मिक नेता भी हो सकता है। ये बात जनरल अजय सिंह ने कही है और स्वयं इसका अभ्यास किया है। कहा कि आज जब हम प्रबंधन और अन्य तकनीकों में नेतृत्व के बारे में खोज रहे है तो यह सब पहले से ही हमारे प्राचीन ग्रंथों में लिखा हुआ है।

नेतृत्व के लिए बात करने के लिए दून से बेहतर कोई स्थान नहीं : सीडीएस
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि नेतृत्व के बारे में बात करने के लिए देहरादून से बेहतर कोई अन्य स्थान नहीं हो सकता है, क्योंकि यहां भारतीय सैन्य अकादमी स्थित है जहां हम भारतीय सेना के लिए नेतृत्व तैयार करते हैं। इसके साथ ही यहां राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज भी है जहां तीनों सेवाओं के लिए एक कैडेट के रूप में माना जाता है। देहरादून उत्तराखंड की राजधानी है जिसे देवभूमि के नाम से जाना जाता है। कहा कि यह वास्तव में पूरे देश की एक प्रकार की आध्यात्मिक राजधानी है, जहां हमें हरिद्वार जैसे स्थान मिलते है।

अध्यात्म क्षेत्र और सैन्य नेतृत्व के बीच संबंध की खोज करती है पुस्तक : अजय सिंह
लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार ने पुस्तक बियोंड द बैटल फील्ड पर चर्चा करते हुए कहा कि यह पुस्तक अध्यात्म के क्षेत्र और भारतीय सैन्य नेतृत्व के बीच एक अनोखे और अज्ञात संबंध की खोज करती है। अध्यात्मिकता ने सदैव हमारे मानस और व्यवहार को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही पुस्तक भारतीय सैन्य नेतृत्व में अध्यात्मिकता की परिवर्तनकारी शक्ति का अन्वेषण करती है। कहा कि इस पुस्तक में उन्होंने अध्यात्मिकता और सैन्य नेतृत्व के अपने निजी जीवन के अनुभवों को शामिल किया है और भारतीय सैन्य नेतृत्व के लिए इसके महत्व और क्षमता को लेकर प्रकाश डाला है।

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