एक वरदान जो किसानों के लिए बन गया ‘श्राप’

- in Mainslide, बड़ी खबर

भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन भारत में ही सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या करते हैं, ये बात तो आप जानते ही होंगे. किन्तु शायद आप ये नहीं जानते होंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों की उन्नति के लिए जो योजनाएं चलाई जा रही है, कई अन्नदाताओं को उन योजनाओं के बारे में जानकारी ही नहीं है. जलवायु जोखिम प्रबंधन कंपनी वेदर रिस्क मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (डब्ल्यूआरएमएस) के एक सर्वे में यह खुलासा हुआ है. 

डब्ल्यूआरएमएस के सर्वे में कहा गया है कि भारतीय किसानों को अभी तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के बारे में जानकारी ही नहीं है, अब जब किसान इस योजना के बारे में जानते ही नहीं है तो इससे लाभ उठाने कि बात तो दूर रही. डब्ल्यूआरएमएस ने आठ राज्यों (उत्तर प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, नगालैंड, बिहार और महाराष्ट्र) में सर्वे किया था, जिसमे यह तथ्य सामने  सिर्फ 28.7 प्रतिशत को ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी है.’

पीएम मोदी द्वारा यह योजना 2016 में शुरू की गई थी, यह बीमा योजना जलवायु और अन्य जोखिमों से कृषि बीमा का एक बड़ा माध्यम है. यह योजना पिछली कृषि बीमा योजनाओं का सुधरा हुआ रूप है. इस योजना के अंतर्गत जोखिमों से फसल का बीमा भी किया जाता है, साथ ही योजना के तहत ऋण लेने वाले किसान को न केवल सब्सिडी वाली दरों पर बीमा दिया जाता है. सर्वे में बताया गया है कि कई किसान जानकारी होने के बाद भी योजना का लाभ नहीं ले पाते, क्योंकि उनके पास दस्तावेज नहीं है. इन सरकारी योजनाओं का अधिकतर लाभ बड़े किसान लेते हैं, वे सरकारी खेमे के भ्रष्ट बाबुओं की जेबें गर्म कर मोटा मुआवज़ा वसूल लेते हैं और जो धन बच जाता है, वो ग्राम सचिव से लेकर पटवारी, तहसीलदार तक सबको तृप्त करता है, गरीब किसानों के हिस्से में बचता है तो बस, क़र्ज़ और फांसी का फंदा. 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

आज का राशिफल और पंचांग: 25 सितंबर दिन मंगलवार, आज इन राशि वालों को बजरंगबली देंगे पूरा साथ…

।।आज का पञ्चाङ्ग।। आप सभी का मंगल हो 25