आर्कटिक में गांव के किनारे पहुंचा 300 फुट ऊंचा बर्फ का पहाड़, हो सकता है जानमाल को खतरा

आर्कटिक में एक गांव के किनारे 300 फुट ऊंचा और 650 फुट चौड़ा बर्फ का पहाड़ बह कर पहुंच गया है। गांव वालों को डर है कि इस बर्फीले पहाड़ (आइसबर्ग) के पिघलने से उनका जानमाल को खतरा हो सकता है। इस आइसबर्ग का वजन करीब 1.1 करोड़ टन है। आइसबर्ग के पिघलने के डर से 33 लोग गांव छोड़कर चले गए हैं। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के जलवायु शोधकर्ता जोर्ग शेफर का कहना है कि बड़े आइसबर्ग आसानी से पिघलकर समुद्र में नहीं समाते। ये काफी उथल-पुथल मचाते हैं। 

आइसबर्ग के पिघलने से होने वाले नुकसान के डर से 33 लोगों ने छोड़ा गांव

गांव के एक पुलिस इंस्पेक्टर गीडियन क्विस्ट का कहना है कि लोगों की नावें खो चुकी हैं। वे मछली मारने या शिकार के लिए नहीं जा पा रहे। इंस्पेक्टर क्विस्ट का कहना है कि गांव के किनारे तक आइसबर्ग आना सामान्य बात है, लेकिन इतना बड़ा आइसबर्ग हमने पहले कभी नहीं देखा। इसमें दरारें और छेद हैं। स्थानीय काउंसिल के सदस्य ने ग्रीनलैंड रेडियो पर कहा कि गांववालों ने इससे पहले इतना बड़ा आइसबर्ग कभी नहीं देखा था।

एक दो दिन में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने भी इलाके में एक-दो दिन में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इससे इस आइसबर्ग के टूटने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, अफसरों को उम्मीद है कि हवाएं और समुद्र में आने वाला ज्वार आइसबर्ग को बहाकर गांव से दूर ले जाएगा।

पिछले साल आई थी सुनामी

पिछले साल ग्रीनलैंड के पश्चिमी तट पर गांव में सुनामी आ गई थी। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी। सुनामी आने की वजह से पास के पहाड़ से टूटकर बर्फ का बड़ा हिस्सा समुद्र में गिर गया था। प्रो. शेफर का कहना है कि ग्रीनलैंड की बर्फ में कमी हो रही है। इसके चलते आने वाले सालों में बड़ी संख्या में आइसबर्ग के समुद्र में आने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

भारत ने रोहिंग्याओं के लिए बांग्लादेश को राहत सामग्री प्रदान की

भारत ने हिंसा के कारण म्यामांर छोड़कर बांग्लादेश में शरणार्थी