9 साल के मिट्टी फेशियल से दूर होगा ताज का पीलापन

taj-mahal-sunsetआगरा (30 सितंबर):इक शहंशाह ने बनवा कर हसीं ताजमहल सारी दुनिया को मुहब्बत की निशानी दी है…जी हां, ताज का तसुव्वर ही कुछ ऐसा है। जो इसे देखता है, देखता ही रह जाता है। लेकिन वक्त के थपेड़े सहते सहते इस ताज का रंग अब पीला पड़ता जा रहा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में आरटीआई के हवाले से मिली जानकारी में बताया गया है कि अगर ताज महल की रासायनिक सफाई (मडपैक थेरेपी) की जाए तो इस प्रक्रिया को पूरे होने में नौ साल का वक्त लगेगा। भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) को ताज की संगमरमर की ऊपरी सतह के पीलेपन को साफ़ करने के लिए इतना वक्त लगेगा।

पर्यावरण पर संसद की स्थाई समिति (पीएससी) ने अप्रैल में एएसआई को ताज की मरम्मत के लिए अन्तरिम कार्य योजना बनाकर सौंपने के लिए कहा था। आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि अगर प्रदूषण का स्तर कम नहीं होता तो यह मडपैक थेरेपी हर 6-7 साल के बाद दोहरानी होगी।

पीएससी के साथ एएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में इस बात को स्वीकारा गया कि वायु प्रदूषण के कारण जिसमें सस्पेंडेड पर्टीकुलेट मैटर (एसपीएम) की वजह से ताज का वास्तविक रंग बदलता जा रहा है। जिससे ताज की चमक जा रही है।

आरटीआई के जवाब में कहा गया, कि मिट्टी से ढंकने की विधि से इस समय संगमरमर की सतह से हानिकारक जमा कणों को निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसे विधि को सुरक्षित माना जाता है। इसमें न्यूनतम केमिकल का इस्तेमाल होता है और कोई मैकेनिकल प्रयास नहीं करना होता।

एक वरिष्ठ एएसआई ने बताया कि यह पहली बार होगा कि ताज की चारों मीनारों और गुंबद पर इस मड पैक थेरेपी का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्य गुम्बद को ही साफ करने में कम से कम एक साल लग जाएगा। इसी तरह चार मीनारों को साफ करने के लिए प्रत्येक के लिए 10 महीने लगेंगे। इस काम के अप्रत्याशित स्थगन के लिए 12 महीने का समय निर्धारित किया गया है।

इस योजना में ताज की आंतरिक सतह को साफ करना शामिल नहीं किया गया है। इसकी वजह है कि इस काम के लिए मचान बनाने और इसके साथ यात्रियों की आवाजाही में काफी परेशानी होगी। इस आरटीआई के जवाब में यह भी कहा गया है कि इन संरक्षण प्रयासों पर निगरानी रखने के साथ में वैज्ञानिक अध्ययन और शोध भी किया जाएगा। इससे वर्तमान ट्रीटमेंट विधि में सुधार करने के साथ ही नए बेहतर संरक्षण तरीकों का पता लगाया जा सकेगा।

 
 
 
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