36 साल बाद लाहौर जेल से होगी गजानंद की घर वापसी, खत्म होगा बूढ़ी आंखों का इंतजार

- in राष्ट्रीय

15 अगस्त से ठीक पहले देश और खासतौर पर जयपुर के एक परिवार के लिए नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय से एक अच्छी खबर आई है. पाकिस्तान की लाहौर जेल में 36 सालों से बंद गजानंद शर्मा की जल्द ही रिहाई हो जाएगी. 62 वर्षीय बूढ़ी आंखों का इंतजार भी अब खत्म होगा. वो आंखें जो गजानंद की पत्नी है और जयपुर में रहकर सिर्फ इस बात का इंतजार कर रही कि उनकी मौत से पहले एक बार पति को देख सकें. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आगामी 13 अगस्त को पाकिस्तान लाहौर जेल में बंद गजानंद शर्मा को रिहाई मिल सकती है.

गुरुवार को गजानंद शर्मा की पत्नी मखनी देवी, बेटा मुकेश ने केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह से मुलाकात की. गजानंद के परिवार के साथ जयपुर से भाजपा सांसद रामचरण बोहरा, हवामहल विधायक सुरेंद्र पारीक, भाजपा नेता राजेंद्र पारीक और स्नेहलता शर्मा भी मौजूद रहीं. सांसद रामचरण बोहरा और गजानंद के बेटे मुकेश ने खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने मुलाकात के बीच मखनी देवी से कहा कि गजानंद को स्वतंत्रता दिवस के पहले 13 अगस्त को पाक जेल से रिहाई मिल सकती है. इसके बाद तीन-चार दिन दूतावास की कार्रवाई पूरी करने में लगेंगे. गजानंद के भारत लौटते ही उनके परिजनों को सूचना दे दी जाएगी. 

विधायक सुरेंद्र पारीक ने बताया कि सांसद रामचरण बोहरा के सहयोग और पहल पर गजानंद शर्मा के परिवार की गुरुवार को केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह से मुलाकात तय हुई थी. गुरुवार अलसुबह वे फ्लाइट से नई दिल्ली पहुंचे। इसके बाद सुबह करीब साढ़े 10 बजे केंद्रीय विदेश मंत्रालय पहुंचे. जहां वीके सिंह ने मखनी देवी व उनके बेटे मुकेश से मुलाकात कर जल्द ही गजानंद के भारत वापसी की बात कही.

ऐसे पता चला की गजानंद है पाकिस्तान जेल में बंद 

जयपुर से करीब 36 साल पहले लापता हुए एक व्यक्ति के पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद होने का मामला सामने आया था. जयपुर जिले के सामोद थाना इलाके में गांव महारकलां के 65 वर्षीय निवासी गजानंद शर्मा की भारतीय राष्ट्रीयता के वेरिफिकेशन के संबंध में पाक जेल से दस्तावेज यहां आए थे. जिसके बाद एसपी जयपुर ग्रामीण कार्यालय से दस्तावेज सत्यापन के लिए सामोद थाना पुलिस को भेजे गए. जब पुलिस ने गजानंद के परिजनों को तलाश कर उनसे संपर्क किया और गजानंद के पाक जेल में होने की जानकारी दी जिसके बाद पूरा परिवार सदमे में आ गया था. 

हार्दिक पटेल को मिली बड़ी राहत, गुजरात HC ने 2015 दंगों के लिए सजा पर लगाई रोक

फोटो देख बेटे ने किया था दावा

पाक जेल के दस्तावेजों में गजानंद शर्मा की फोटो देखकर उनके छोटे बेटे मुकेश शर्मा ने दावा किया कि वो उनके पिता ही हैं. 36 साल बाद भी वह अपने पिता को पहचानने में भूल नहीं कर सकते हैं. जयपुर के नाहरगढ़ थाना इलाके में माउंट रोड पर फतेहराम का टीबा निवासी गजानंद शर्मा के परिवार में उनकी 62 वर्षीय पत्नी मखनी देवी, दो बेटे राकेश , मुकेश, बहुएं और पोते हैं. गजानंद की पत्नी मखनी देवी ने बताया कि उनके पति मजदूरी करते थे. वह अक्सर घर से बाहर ही रहते थे. कभी कभार घर आते फिर कई दिनों तक बाहर ही रहते थे. मखनी देवी ने बताया कि वर्ष 1982 में एक दिन उनके पति गजानंद घर से बिना बताए निकल गए. इसके बाद वह फिर लौटकर घर नहीं आए. उनकी तलाश में मखनी देवी अपने रिश्तेदारों के साथ कई जगहों पर भटकी. संभावित जगहों पर पति को तलाश किया लेकिन पता नहीं चला. तब वह ब्रह्मपुरी थाने भी गई थीं लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी और कुछ दिनों में गजानंद के आने की बात कहकर वापस भेज दिया. 

छोटे बेटे ने कहा- टूट गईं थी घरवालों की उम्मीदें

गजानंद के छोटे बेटे मुकेश शर्मा ने बताया कि पिताजी के घर लौटने की उम्मीदें खत्म सी हो गई थी. कुछ पता नहीं था कि पिताजी जिंदा है या फिर दुनिया में नहीं रहे. फिर भी परिवार ने आस नहीं छोड़ी और उन्हें जीवित मानते रहे. अचानक 7 मई को मुकेश को उनके ताऊ के बेटे राजेंद्र शर्मा ने फोन कर बताया कि गजानंद चाचाजी का पता चल गया है. वह पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद हैं. पाकिस्तान से उनकी राष्ट्रीयता की सत्यापन जांच के लिए दस्तावेज सामोद थाने में आए है. इस दौरान सामोद पुलिस गजानंद के बारे में जानकारी जुटाने महार कलां गांव पहुंची. तब स्थानीय बुजुर्गों ने गजानंद के जयपुर निवासी बड़े भाई के बारे में जानकारी दी. इसके बाद पुलिस ने गजानंद के परिवार से संपर्क कर जरुरी दस्तावेज लेकर थाने बुलाया. तब मुकेश और उनके परिजन 9 मई को सामोद थाने पहुंचे. वहां दस्तावेजों की सत्यापन जांच कर रहे एएसआई कैलाशचंद से मिलकर अपनी मां और खुद के दस्तावेज जमा करवाए.

 

मूलरूप से महारकलां गांव का रहने वाला है गजानंद का परिवार

मुकेश के मुताबिक मूल रुप से उनका परिवार गांव महारकलां, थाना सामोद का रहने वाला है, लेकिन वे बरसों पहले जयपुर आकर रहने लगे थे. मुकेश के मुताबिक पाकिस्तान से आए दस्तावेजों से पता नहीं चला कि वह कब से पाक जेल में बंद हैं और उनका क्या कसूर है. बुजुर्ग पत्नी मखनी देवी ने कहा कि अब तो एक बार उनके दर्शन कर लूं. यही मेरी आस है. यह कहते हुए मखनी देवी की आंखों से आंसू बह निकले.

इस बीच BJP प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने विदेश मंत्री को गजानंद की रिहाई के लिए पत्र लिखा था. परिवार ने राजस्थान के राज्यपाल से भी इस संबंध में गुहार लगाई थी. इन सभी प्रयासों से ही परिवार को अब आस बनी है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान जेल से रिहा होकर गजानंद अपने वतन, अपने घर लौटेंगे.

Patanjali Advertisement Campaign

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

‘अटल’ के रंग में रंग जाएगा देश, कई जगहों के बदले जाएंगे नाम

पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन