3 मई 2018 दिन गुरुवार का राशिफल एवं पञ्चाङ्ग, जानें आज किसपर प्रसन्न होंगे बृहस्पति देव

आप सभी का मंगल हो

आज का पञ्चाङ्ग

3 मई दिन गुरुवार
ऋतु-बसंत
माह-ज्येष्ठ
पक्ष-कृष्ण
सूर्य-उत्तरायण
सूर्योदय-05:29
सूर्यास्त-06:31
राहूकाल (अशुभमुहूर्त) दोपहर 01:30 से 03:00
दिशाशूल-दक्षिण
शुभदिशा-उत्तर
अमृतमुहूर्त-01:50 से 03:20 तक

आज का राशिफल

मेष:– आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से आपको अनूठी अनुभूति कराने वाला रहेगा। आपको गूढ़ और रहस्यमय विद्याओं तथा सम्बंधित बातों का विशेष आकर्षण रहेगा। आज आध्यात्मिक सिद्धी मिलने का भी योग है। वाणी तथा नफरत की भावना पर संयम रखें। नए कार्य का प्रारंभ न करें और हो सके तो प्रवास स्थगित करें।
राशिरत्न:-मूँगा

राशिफल एवं पञ्चाङ्ग

वृषभ :आज आपको गृहस्थजीवन में सुख का अनुभव होगा। परिवारजन तथा निकट के स्नेहीजनों के साथ प्रसन्न वातावरण में भोजन का आनंद ले सकेंगे, साथ में छोटे प्रवास का आयोजन भी कर सकेंगे। विदेश में स्थित सम्बंधियो के समाचार से मन प्रफुल्लित होगा। लक्ष्मी जी की आकस्मिक कृपा आप पर हो सकती है।
राशिरत्न:-हीरा,ओपल

मिथुन: आज का दिन आपके लिए शुभ फलदायी है। घर में शांति और आनंद का वातावरण बना रहेगा। आपके अधूरे कार्य संपन्न होंगे इससे आपको यश और कीर्ति मिलेगी। आर्थिक लाभ भी मिलेगा। खर्च की मात्रा बढ़ सकती है, परंतु खर्च निरर्थक नहीं जाएगा। शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा स्वभाव में क्रोध की मात्रा बढ़ सकती है। परंतु वाणी पर संयम रखें।
राशिरत्न:-पन्ना

कर्क :आज आपका शारीरिक तथा मानसिक आरोग्य अच्छा नहीं रहेगा। शारीरिक रूप से पेट की पीड़ा रहेगी और मानसिक रूप से चिंता, उद्वेग रहेंगे। आकस्मिक खर्च होगा। वाद-विवाद को टालें। प्रवास तथा नए कार्य का प्रारंभ टालें।
राशिरत्न:-मोती

सिंह : आज आप घर में स्वजनों के साथ गलतफहमी से मन उदास रह सकता है। माता के साथ मनमुटाव होगा तथा स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। सरकारी तथा संपत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण पत्रों पर सही या मुहर लगाने में सावधानी रखें।
राशिरत्न:-माणिक्य

कन्या:-आज किसी भी कार्य में सोच-समझ करे। भाई-बहनों के साथ प्यारभरा संबंध बना रहेगा। मित्रों, स्वजनों के साथ मुलाकात होगी। प्रत्येक कार्य में सफलता मिलने की संभावना है। आर्थिक लाभ की संभावना भी अधिक है। समाज में मान-सम्मान मिलेगा।
राशिरत्न:-पन्ना

तुला : आज आपका मनोबल कमजोर रहेगा। इसलिए किसी निर्णय पर आना कठिन हो सकता है। नए कार्य तथा महत्वपूर्ण निर्णय आज न लें। परिवारजनों के साथ वाद-विवाद न हो इसलिए जबान पर संयम रखें। हठिलापन छोड़कर समाधानकारी रवैया अपनाने की सलाह देते हैं।
राशिरत्न:-हीरा,ओपल

वृश्चिक : आज का दिन आपके लिए शुभ है। शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ आनंदपूर्वक समय बिताएंगे। स्वजनों से भेंट या उपहार मिल सकता है। शुभ समाचार मिलेंगे तथा आनंददायी प्रवास संभावित होगा।
राशिरत्न:-मूँगा

धनु : आज का दिन आपके लिए कठिनता भरा हो सकता है। परिवारजनों के साथ बहस होगी तथा दुख हो सकता है। वाणी पर संयम रखना पडे़गा। मन के आवेश पर अंकुश रखना पडे़गा। अकस्मात से संभलना होगा। शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। धन खर्च होगा।
राशिरत्न:-पुखराज

मकर :-आज मित्रों सम्बंधियों से की गई भेंट से आपका दिन आनंदपूर्ण बीतेगा। सामाजिक क्षेत्र, व्यापार तथा अन्य क्षेत्र में आपके लिए आज का दिन लाभदायी रहेगा। जीवनसाथी की खोज करनेवालों को सरलतापूर्वक सफलता मिलेगी। प्रवास-पर्यटन का योग है। घर में किसी शुभ प्रसंग की संभावना देखते हैं।
राशिरत्न:-नीलम

कुंभ : आज आपका दिन सानुकूल है। आपका हर कार्य सरलतापूर्वक संपन्न होगा जिस वजह से आप प्रसन्न रहेंगे। ऑफिस एवं व्यवसाय स्थल पर अनुकूल परिस्थिति का वातावरण रहेगा एवं बडी सफलता भी मिल सकती है। उच्च पदाधिकारीयों एवं बडे़-बुजुर्गों के आशीर्वाद आज आपके साथ रहेंगे, जिसके फलस्वरूप आप मानसिक तनाव से मुक्त रहेंगे। गृहस्थजीवन आनंददायी रहेगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
राशिरत्न:-नीलम

मीन :-आज मन में व्याकुलता एवं अशांति के अहसास के साथ आपके दिन का प्रारंभ होगा। शारीरिक रूप से आपको थकान का अनुभव होगा।संतान के विषय में चिंता सताएगी। व्यर्थ ही खर्च होगा। प्रतिस्पर्धियों के साथ वाद-विवाद टालिएगा। पेट सम्बंधित व्याधियों के योग हैं। भाग्य प्रतिकूल हो ऐसा प्रतीत होगा। मन में उठते नकारात्मक विचार आपके मन पर हावी न हो जाएं इसका विशेष ध्यान रखिएगा।
राशिरत्न:-पुखराज

आज के दिन का विशेष महत्व

1. आज बसंत ऋतु ज्येष्ठमाह कृष्णपक्ष तृतिया तिथि है।

प्रेरणा दाई चौपाई

रघुपति बिमुख जतन कर कोरी। कवन सकइ भव बंधन छोरी।।

अर्थ:-गोस्वामी तुलसीदास जी वर्णन करते हैं कि प्रभू श्री राम से विमुख हुवा जीव करोणों उपाय कर लें उसका सांसारिक बन्धन कोई छुड़ा नहीं सकता यदि किसी भी सम्प्रदाय ,जाति, परंपरा का व्यक्ति हो उसको बिना रघुनाथ जी के कायिक, वाचिक, मानसिक, सांसर्गिक चरण शरण मे आये कल्याण नहीं होना हैं।

“अस्तु प्रभु श्रीसीताराम जी की चरण सरण ग्रहण करना ही भव बन्धन से वार जाने का सहज आलम्ब है।”

।। इति शुभम् ।।

।।आचार्य स्वामी विवेकानन्द।।
।।ज्योतिर्विद व श्रीरामकथा व श्रीमद्भागवत कथा व्यास ।।
।।श्री अयोध्या धाम।।
संपर्क सूत्र-9044741252

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