अमौसी एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, बाल-बाल बचे 298 यात्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी स्थित अमौसी एयरपोर्ट पर आज बड़ा हादसा उस वक्त टल गया, जब सऊदी एयरलाइंस का विमान एसवी 895 उड़ान भरने के लिए तैयार था। अचानक तकनीकी खराबी के कारण उड़ान भरने से पहले ही पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाना पड़ा। विमान में 298 यात्री सवार थे।अमौसी एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, बाल-बाल बचे 298 यात्री

वहीं दिल्ली, पटना, मुंबई से आ रहे छह विमान दिल्ली को डायवर्ट कर दिए, जबकि लखनऊ से मुंबई और दिल्ली जाने वाले आठ विमान अपने निर्धारित समय से उड़ान नहीं भर सके। इसके कारण हजारों यात्री लखनऊ एयरपोर्ट पर देर रात तक फंसे रहे। प्रशासन ने दावा किया है कि विमान में सवार यात्री सुरक्षित हैं और विमानों का संचालन रन-वे क्लीयर होने के बाद शुरू कर दिया जाएगा।

छह विमानों को दिल्ली में उतारा गया

एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से शाम 5:30 बजे सऊदी एयरलाइंस का विमान लखनऊ से रियाद के लिए उड़ान भरने वाला था, तभी तकनीकी खराबी आ गई। विमान को रन-वे से हटाने में ग्राउंड स्टाफ को कई घंटे लग गए। सूत्रों के मुताबिक शाम 5:30 खराब हुए विमान को शाम सात बजे तक हटाया नहीं जा सका था। एयरलाइंस के मुताबिक पहले 298 यात्रियों को विमान से उतारा गया फिर इतने उनका लगेज उतारा गया।

अभी-अभी: पंचकूला को जलवाने वाले आदित्य इंसां पर एक लाख इनाम

फिर विमान को टोचन कर टैक्सी एरिया पहुंचाने में घंटों लग गए, इस कारण लखनऊ आने वाली छह विमानों को दिल्ली में उतारा गया। यात्रियों को विमान से उतरने नहीं दिया गया। लखनऊ से उड़ाने भरने वाले विमानों को उड़ान भरने से पहले ही एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक तीन विमान के यात्रियों को शेड्यूल होल्डिंग एरिया में रोका गया है, जबकि रात आठ बजे तक लखनऊ से उड़ान भरने वाले विमानों के यात्रियों को वेटिंग एरिया में रोका गया है। 

यात्रियों को होटल में रोका

सऊदी एयरलाइंस के अधिकारियों ने बताया कि विमान में आई तकनीकी गड़बड़ी को दुरुस्त करने में चार से पांच घंटे लग जाएंगे। जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती तब तक एयरलाइंस ने सभी यात्रियों को निजी होटल में रोकने का दावा किया है। 

 
Patanjali Advertisement Campaign

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

इन गलतियों से हुई केरल की त्रासदी, 7 साल पहले ही मिली थी चेतावनी

केरल में मानसून के दौरान अन्य राज्यों की