200 वस्तुओं पर और घटा सकती है GST, अप्रैल तक होगा फैसला

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में करीब 200 और वस्तुओं पर कर का भार घट सकता है। इस बार 18, 12 और पांच फीसदी के स्लैब वाले सामानों की भी दरें घटाई जाएंगी। गौरतलब है कि बीते सप्ताह ही जीएसटी परिषद की गुवाहाटी में हुई बैठक में करीब पौने दो सौ वस्तुओं पर जीएसटी की दर को 28 फीसदी से घटाने का फैसला हुआ था।200 वस्तुओं पर और घटा सकती है GST, अप्रैल तक होगा फैसला
केंद्रीय वित्त मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जीएसटी के विभिन्न स्लैब में आने वाली वस्तुओं पर कर की दरों की समीक्षा चल रही है। इस बारे में उद्योग एवं कारोबार जगत के प्रतिनिधियों की तो प्रतिक्रिया ली ही जा रही है, राज्यों से भी फीडबैक आ रहे हैं। इन्हीं फीडबैक के आधार पर जीएसटी परिषद की आगामी बैठकों में फैसला लिया जाएगा।

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18, 12 व 5 फीसदी स्लैब में घटेगी दरें 

करीब 200 सामानों पर अभी और जीएसटी की दरें घटाने को मंथन हो रहा है। हालांकि इन वस्तुओं पर जीएसटी दर घटाने का फैसला आगामी अप्रैल तक हो पाएगा। अधिकारी के मुताबिक, इस बार 18 फीसदी, 12 फीसदी और पांच फीसदी वाले सामानों पर भी कर की दर घटाई जाएगी।

मतलब अभी जिन वस्तुओं पर 18 फीसदी की दर से कराधान हो रहा है, उसे घटा कर 12 फीसदी, 12 फीसदी के स्लैब वाले सामानों को पांच फीसदी और पांच फीसदी वाले सामानों को शून्य फीसदी के स्लैब में लाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह सिर्फ 28 फीसदी के स्लैब में आने वाले सामानों पर ही कर में कटौती की गई थी।

सीमेंट पर नहीं घटेगा जीएसटी

ढांचागत संरचना उद्योग द्वारा सीमेंट पर 28 फीसदी की दर से कम जीएसटी लगाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस पर जीएसटी घटाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है। जब सीमेंट पर जीएसटी निर्धारित किया जा रहा था, उस समय इस पर 31 फीसदी के आसपास कर लग रहा था।

इस पर पहले ही कर घटाया जा चुका है, इसलिए इसमें और कमी की गुंजाइश नहीं है। मंत्रालय ने अनुमान लगाया है कि यदि सीमेंट पर कर की दर 28 फीसदी से घटा कर 18 फीसदी कर दी जाए, तो सिर्फ इसी मद में हर साल 10,000 करोड़ रुपये का घाटा होगा।

अनुमान से अधिक कर वसूली से बढ़ा उत्साह

अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी मद में बीते अगस्त से अनुमान से ज्यादा कर वसूली हो रही है। कर वसूली के आंकड़ों को देखें, तो बीते जुलाई तक इसमें करीब 17,000 करोड़ रुपये का घाटा था, जो अगस्त में घटकर महज सात हजार करोड़ रुपये रह गया है। इसी वजह से कर की दरों में समीक्षा करने का उत्साह बढ़ा है।

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कालांतर में टैक्स स्लैब भी कम होंगे

अधिकारियों का यह भी कहना है कि टैक्स के स्लैब घटाने संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार चल रहा है। इस समय 28, 18, 12 और पांच फीसदी के दर से कर लगाए जा रहे हैं। इसे घटा कर तीन या दो स्लैब भी रखे जा सकते हैं। इस बारे में राज्यों से भी सलाह-मशविरा चल रहा है।

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