12 में से ये 4 राशियां कहलाती हैं सबसे ज्यादा भाग्यशाली, नाम का पहला अक्षर खोलता है राज

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ज्योतिष शास्त्र की मानें तो जन्म के समय चंद्र जिस राशि में रहता है वही उस व्यक्ति की नाम राशि कहलाती है. इसे चंद्र राशि के नाम से भी जाना जाता है. चंद्र राशि के अनुसार सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग नाम अक्षर बताए गए हैं. नाम का पहला अक्षर व्यक्ति की राशि बताता है और उससे उसके भविष्य और स्वभाव की जानकारी प्राप्त की जा सकती है. नाम के पहले अक्षर से बताया जा सकता है कि व्यक्ति का स्वभाव कैसा है और उसका आने वाला भविष्य कैसा होगा. सभी लोग एक ही स्वभाव और एक ही भविष्य के साथ नहीं पैदा होते. सबका अपना एक पास्ट, प्रजेंट और फ्यूचर होता है.12 में से ये 4 राशियां कहलाती हैं सबसे ज्यादा भाग्यशाली, नाम का पहला अक्षर खोलता है राज

लेकिन कुछ राशियां ऐसी होती हैं जो अन्य राशियों से ज्यादा ताकतवर और भाग्यशाली मानी जाती हैं. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार 4 राशियां ऐसी होती हैं जो बिलकुल अलग होती हैं. ये राशियां बाकी राशियों से खास होती हैं. कौन सी हैं वो राशियां आईये जानते हैं.

मेष राशि (नाम अक्षर- चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

मेष राशि राशि चक्र की पहली राशि होती है. इस राशि का स्वामी मंगल को माना जाता है. मंगल ग्रहों का सेनापति है. इस वजह से इस राशि वाले जातकों में लीडरशिप क्वालिटी बहुत ज्यादा होती है. इनमें नेतृत्व करने की अद्भुत क्षमता होती है. अपनी इसी क्षमता के कारण इन्हें अन्य राशियों से ताकतवर समझा जाता है. मंगल इनकी मदद करता है. ये लोग बहुत मेहनती होते हैं और अपनी मेहनत के साथ ही नेतृत्व क्षमता के कारण सफल होते हैं. इस राशि के जातक बहुत भाग्यशाली कहलाते हैं. भाग्य हमेशा इनका साथ देता है.

वृश्चिक राशि (नाम अक्षर- तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

इस राशि का भी स्वामी मंगल होता है. मंगल की वजह से इस राशि के जातकों की गिनती साहसी लोगों में होती है. इस राशि के लोग कार्य को अपने हाथ में लेने से नहीं डरते. जोखिम से जोखिम भरा काम लेने में इन्हें हिचकिचाहट नहीं होती. ये लोग जो भी काम करते हैं पूरी ईमानदारी से करते हैं. अपने मेहनत के बलबूते ये बाकी राशियों से ज्यादा ताकतवर बन जाते हैं. इन लोगों को अच्छा योजनाकार कहा जाता है. ये कोई भी योजना बिलकुल परफेक्ट प्लानिंग के साथ बनाते हैं. अपनी अच्छी योजनाओं के कारण ये सफल भी होते हैं.

मकर राशि (नाम अक्षर- भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

ग्रहों की बात करें तो शनि का स्थान सबसे अलग होता है. शनि को ग्रहों का न्यायधीश कहा जाता है. मकर राशि का स्वामी शनि ही है. इसलिए मकर राशि के लोगों पर शनिदेव अपनी विशेष कृपा बनाये रखते हैं. इस राशि के लोगों में आत्मविश्वास की कमी नहीं होती. ये आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं. शनि से इन्हें अच्छी नेतृत्व की क्षमता मिलती है. ये लोग बहुत मेहनती होते हैं और आत्मविश्वास के बल पर हर काम में सफलता हासिल करते हैं.

कुंभ राशि (नाम अक्षर- गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

कुंभ राशि राशि चक्र की ग्यारहवीं राशि है. इस राशि का स्वामी भी शनि ही है. शनि को कर्मफल दाता भी कहते हैं. मतलब यही ग्रह हमें हमारे कर्मों का फल प्रदान करता है. कुंभ राशि के लोगों को ईमानदारी से काम करने पर शनि का भरपूर साथ मिलता है और वह अपने कार्य क्षेत्र में उच्च शिखर तक पहुंचते हैं. कुंभ राशि वाले कोई भी काम बहुत सोच समझ कर करते हैं. इसी नेचर की वजह से वह सही योजना बनाने में सफल होते हैं. ये लोग बुद्धिमान होते हैं और कोई भी काम बहुत जल्दी समझ लेते हैं. इस वजह से यह बाकी राशियों से ज्यादा ताकतवर माने जाते हैं.

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