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आज 100 कि.मी. की रफ्तार से आ सकता है तूफान, मेट्रो होगी प्रभावित, डरे नहीं…!

नई दिल्ली। मौसम विभाग का दावा है कि मंगलवार को दोपहर बाद 50-60 कि.मी. से लेकर 100 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलेगी। हालांकि विभाग का कहना है कि इस आंधी से डरें नहीं, न ही दहशत फैलाएं। विभाग का कहना है यह एक सामान्‍य प्राकृतिक घटना है, इससे सचेत और सतर्क रहें।आज 100 कि.मी. की रफ्तार से आ सकता है तूफान, मेट्रो होगी प्रभावित, डरे नहीं...!

विभाग का कहना है कि प्री मानसून सीजन में आंधी और बारिश एक सामान्य गतिविधि है। दरअसल, सोलर हीटिंग और हवा मेें अधिक नमी से ऐसी स्थिति का निर्माण हो रहा है।  सोशल साइट्स पर चल रही तमाम अफवाहों के बीच मौसम विशेषज्ञों ने मंगलवार को आने वाले आंधी-तूफान को सामान्य करार दिया है।

चूंकि हवाओं में नमी है, इसलिए बाद में तेज बारिश होने की भी संभावना है। लेकिन इसका प्रभाव सभी जगह एक सा नहीं रहेगा। पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह मजबूत रहेगा जबकि दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में अपेक्षाकृत हल्का रहेगा। यहां आंधी की गति 50 से 60 कि.मी. प्रति घंटे तक की ही रहेगी। बारिश भी कहीं हल्की और कहीं ठीक-ठाक होगी। आंधी का रूख पश्चिम से पूर्व दिशा की तरफ रहेगा। डा श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसी आंधी और बारिश दिल्ली- एनसीआर के लिए नई नहीं है। लिहाजा तनाव की कोई बात नहीं है।

प्री मानसून सीजन में ऐसी गतिविधियां हर साल होती हैं। इसलिए सिर्फ सतर्क रहें और दहशत न फैलाएं। जब आंधी आए तो घर या दफ्तर में ही रहें। दिल्ली एनसीआर में तो वैसे भी आंधी-बारिश की गहनता अधिक नहीं रहेगी। जागरण से बातचीत में प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र, दिल्ली के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इस आंधी तूफान और बारिश की मुख्य वजह जम्मू कश्मीर और हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना है। साथ ही उत्तर- पश्चिमी राजस्थान में चक्रवाती हवा चलना भी है। यह दोनों ही मौसम की सामान्य गतिविधि हैं और इस सीजन में हर साल होती हैं। हालांकि, इस साल सोलर हीटिंग बढ़ने और हवा में नमी ज्यादा होने से बार बार ऐसी स्थिति बन रही है।

तेज आंधी से कुछ जगह पेड़ अवश्य गिर सकते हैं और होर्डिंग्स वगैरह भी गिरते ही रहते हैं। इससे अधिक कुछ नहीं। यही वजह है कि मौसम विभाग की ओर से स्कूल बंद करने की भी सिफारिश नहीं की गई है। वहीं स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत कहते हैं कि बीते सप्ताह का आंधी तूफान इसलिए विनाशकारी रहा क्योंकि एक साथ कई कारक जुड़ गए थे।

मजबूत पश्चिमी विक्षोभ तो था ही, ऊपरी हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र भी बन गया था। राजस्थान में चक्रवाती हवाएं भी जोरों पर थी और बादल भी 15 से 20 फीट की ऊंचाई वाले बन गए थे। इसीलिए कुछेक राज्यों में जानमाल का नुकसान भी हुआ। लेकिन इस बार इस पश्चिमी विक्षोभ की गहनता कम है और कोई बड़ा कारक भी साथ नहीं है। 

दिल्‍ली सरकार ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा तेज आंधी और बारिश की चेतावनी के मददेनजर दिल्ली सरकार ने भी सभी जिलों में तलाशी और बचाव दलों को मुस्तैद कर दिया है। सरकार के राजस्व विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। जल बोर्ड, बिजली कंपनियों, लोक निर्माण विभाग और नगर निगम से भी कहा गया है कि कहीं आग लगने, बिजली की तारें टूटने, पेड़ गिरने और किसी रूप में सड़क या मार्ग बाधित होने पर तुरंत उसे सुचारू करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

संभावित आंधी को लेकर मुख्य सचिव ने बुलाई आपात बैठक

दिल्ली में संभावित तेज हवा को देखते हुए सोमवार को मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने देर शाम उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई। इस बैठक में दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम, राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, दिल्ली की तीनों बिजली कंपनियां, सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, गृह विभाग सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि संभावित आंधी से होने वाली दुर्घटना को देखते हुए आठ मई को दोपहर बाद के सभी स्कूल बंद रहेंगे। इसके अलावा सभी विभाग अपने स्तर पर पूरी तैयारी करके रखें। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को कहा कि दिल्ली भर में जागरूता के लिए संदेश दिया जाए। उन्होंने कहा कि पूरी दिल्ली में अलर्ट जारी कर दिया जाए तथा कंट्रोल रूम अलर्ट पर रखने को कहा है।

तेज आई आंधी तो नहीं  होगा मेट्रो का परिचालन

मौसम विभाग द्वारा तेज आंधी और बारिश की चेतावनी के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) भी सतर्क हो गया। डीएमआरसी ने कहा कि यदि मंगलवार को तेज आंधी आई तो मेट्रो का परिचालन रोक दिया जाएगा। आंधी थमने के बाद ही परिचालन दोबारा शुरू किया जाएगा। यदि हवा की गति 70-90 किलोमीटर प्रति घंटे रही तो मेट्रो का परिचालन सामान्य रहेगा।

डीएमआरसी का कहना है कि 70-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने पर मेट्रो अपने सामान्य गति से चलेगी। इस दौरान एलिवेटेड लाइनों के प्लेटफार्म पर प्रवेश करते समय में मेट्रो की गति कम होगी और मेट्रो ट्रेनें 40 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे कम रफ्तार में प्लेटफार्म पर प्रवेश करेंगी। यदि हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रही तो मेट्रो ट्रेनों को प्लेटफार्म पर रोक दिया जाएगा। साथ ही कोई भी मेट्रो ट्रेने 15 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार में प्लेटफार्म पर प्रवेश नहीं करेगी। ऐसी स्थिति में आंधी थमने व हवा की गति लगातार पांच मिनट तक 85 किलोमीटर प्रति घंटे से कम होने पर दोबारा मेट्रो का परिचालन सामान्य रूप से किया जाएगा।

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