इस प्रोफेशन को अपनाकर आप कभी नहीं रहेंगे बेरोजगार

`सभी प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक रोगियों की देखभाल करने को ही नर्सिंग कहते हैं। नर्सिंग को प्रोफेशन के रूप में ख्याति महान नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल के कार्यों से मिली। इन्हीं दया की देवी को आधुनिक नर्सिंग प्रोफेशन का जनक माना जाता है। नर्स को मरीजों की लगातार देखभाल करनी होती है तथा डॉक्टर द्वारा दी गयी दवाओं को बताये गए समयानुसार देती हैं। ये मेडिकल डॉक्टरों व विशेषज्ञों की ऑपरेशन थियेटर तथा प्रयोगशाला में उपकरण इत्यादि संयोजित करने में सहायता भी करती हैं। नर्स उन रोगियों की भी सहायता करती हैं जो किसी कारणवश सामान्य ज़िंदगी नहीं जी सकते हैं तथा ये रोगियों को किसी लम्बी बीमारी की स्थिति में उनके पुनः सामान्य जीवन की तरफ लौटने में मदद करती हैं। इन सामान्य कार्यों के अलावा नर्स निम्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता भी हासिल कर सकती हैं: प्रसव, ह्रदय रोगों में देखभाल, इंटेंसिव केयर, विकलांग तथा बच्चों की देखभाल इत्यादि।

नर्स केवल बीमार लोगों की देखभाल करने के बारे में ही नहीं है। नर्सों के लिए अन्य उपलब्ध अवसर भी हैं: शिक्षण, प्रशासन अनुसंधान से जुड़े जॉब। इस क्षेत्र का सबसे रोचक तथ्य है कि इसमें ज़्यादातर महिलाएं ही होती हैं हालांकि अब पुरुषों ने भी इस प्रोफेशन में रूचि दिखाना शुरू कर दिया है।

इस तरह बन सकते हैं नर्स

नर्स बनने के इच्छुक लोग विभिन्न स्तरों से इस की शुरूआत कर सकते हैं। आप सहायक नर्स मिडवाइफ/हेल्थ वर्कर (एएनएम) कोर्स से शुरू कर सकते हैं। इस डिप्लोमा कोर्स की अवधि डेढ़ वर्ष है तथा न्यूनतम योग्यता है- दसवीं पास। इसके अलावा आप जनरल नर्स मिडवाइफरी (जीएनएम) कोर्स भी कर सकते हैं जो की साढ़े तीन वर्षो का होता है तथा इसके लिए न्यूनतम योग्यता है – 40 प्रतिशत अंकों के साथ भौतिक, रासायनिक एवं जीव विज्ञान में बारहवीं उत्तीर्ण।

एएनएम व जीएनएम के अलावा देश भर में फैले हुए विभिन्न नर्सिंग स्कूलों व कॉलेजों से नर्सिंग में स्नातक भी किया जा सकता है। इसके लिए न्यूनतम योग्यता है- 45 प्रतिशत अंकों के साथ अंग्रेज़ी, भौतिक, रासायनिक एवं जीव विज्ञान में बारहवीं उत्तीर्ण तथा आयु कम से कम 17 वर्ष। बीएससी नर्सिंग (बेसिक के पश्चात) पाठ्यक्रम के लिए आप दो वर्ष के रेगुलर कोर्स या त्रिवर्षीय दूरस्थ शिक्षा वाले पाठ्यक्रम में से किसी एक को चुन सकते हैं।रेगुलर कोर्स के लिए जहां न्यूनतम योग्यता है- 10+2+जीएनएम, वहीं दूरस्थ शिक्षा से यह कोर्स करने के लिए न्यूनतम योग्यता है- 10+2+जीएनएम+ दो वर्ष का अनुभव। यह पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग कोर्स ही आधुनिक माना जाता है।

भारतीय रक्षा सेवाओं द्वारा संचालित बीएससी (नर्सिंग) कोर्स के लिए 17 से 24 वर्ष की महिलाओं का चयन किया जाता है। यहाँ भी न्यूनतम योग्यता भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान तथा अंग्रेज़ी विषयों में 45 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं है। प्रार्थी को एक लिखित परीक्षा भी पास करनी होती है। उसे शारीरिक रूप से भी फिट रहना चाहिए. चयनित लोगों को रक्षा सेवाओं के लिए पांच वर्ष का अनुबंध करना होता है।

किसी भी आयुर्विज्ञान संस्थान में नौकरी प्राप्त करने के लिए जीएनएम अथवा बीएससी ही पर्याप्त होता है। प्रत्येक राज्य में नर्सों को रजिस्टर करने वाली अलग-अलग संगठन होते हैं। शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात आप अपने राज्य की नर्सिंग काउंसिल में अपना पंजीकरण करा सकते है। पंजीयन आपको जॉब प्राप्त करने में सहायता करता है।

यूं करें शुरुआत

यदि आप नर्सिंग को ही अपना प्रोफेशन बनाना चाहते हैं तो 10वीं के बाद ही एएनएम कोर्स के लिए आवेदन करना बेहतर रहेगा अन्यथा आप स्कूलिंग करने के उपरान्त जीएनएम या बीएससी कोर्स कर सकते हैं।

रोजगार के अवसर

नर्स कभी भी बेरोजगार नहीं रहतीं हैं। इन्हें आसानी से सरकारी अथवा निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, अनाथाश्रम, वृद्धाश्रम, आरोग्य निवास, विभिन्न अन्य उद्योगों एवं रक्षा सेवाओं में नौकरी मिल जाती है। इनके लिए इन्डियन रेड-क्रॉस सोसाइटी, इन्डियन नर्सिंग काउंसिल, स्टेट नर्सिंग काउन्सिल्स तथा अन्य नर्सिंग संस्थानों में भी कई अवसर हैं। यहाँ तक कि एएनएम कोर्स के बाद ही इन्हें सारे देश में फैले हुए प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों पर प्राथमिक स्वास्थय सेवक के रूप में नौकरी मिल जाती है।

नर्सें मेडिकल कॉलेज व नर्सिंग स्कूलों में शिक्षण कार्य के अलावा प्रशासनिक कार्य भी कर सकती हैं। उद्यमी लोग अपना खुद का नर्सिंग ब्यूरो शुरू कर सकते हैं तथा अपनी शर्तों पर काम कर सकते हैं।

देश में ही उपलब्ध अपार अवसरों के अलावा नर्सें बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश भी जा सकती हैं जिसके लिए उन्हें अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग प्रमाणपत्र प्राप्त करना होता है तथा सम्बंधित देश में प्रवास की कुछ शर्तों का पालन करना होता है।

वेतनमान

इस क्षेत्र में शुरूआती तौर पर आपको 7 से 17 हज़ार रूपये तक मासिक वेतन मिल सकता है। मिड-लेवल पदों पर नर्सें 18 से 37 हज़ार रूपये प्राप्त कर लेती हैं। अधिक अनुभवी नर्सों को 48 से 72 हज़ार रूपये तक भी मासिक वेतन के रूप में मिल सकते हैं। यूएस, कनाडा, इंग्लैण्ड व मध्य-पूर्व के देशों में रोज़गार पाने वाली नर्सों को इससे भी अधिक वेतन मिलता है।

 
 
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