हरियाणा के CM मनोहरलाल ने नीति आयोग की बैठक में विजन 2030 का रखा विजन….

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की पांचवीं बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विजन-2030 का मसौदा रखा। मुख्यमंत्री ने इसके तहत बताया कि वर्ष 2019-20 का जो प्रदेश का बजट होगा, उसको राष्ट्रीय सूचकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इसमें यह देखा जाएगा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए जिस अनुपात में धनराशि का प्रावधान किया गया है, वो जनता के लिए कितनी उपयोगी रही और उनकी एवज में क्या राशि वापस हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग से मुलाकात भी की।

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विजन-2030 को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विकास लक्ष्य समन्वय केंद्र और स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्त प्रबंधन संस्थान संचालित किया हुआ है। इसमें बजट आवंटन को संरेखित किया हुआ है। बजट के अंतर्गत प्रत्येक योजना के लिए राष्ट्रीय सूचकों के अनुरूप ‘आउटपुट-आउटकम फ्रेमवर्क’ भी प्रारंभ किया है, ताकि यह स्पष्ट झलक सके कि जनउपयोगी सुविधाओं की एवज में जनतआ से राशि के रूप में वापसी कितनी है। इसमें चरणबद्ध रूप से सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में सार्वजनिक खर्च को संरेखित करने के लिए बना एकीकृत ढांचा एक मुख्य आधार के रूप में कार्य करता है।

उन्होंने ईज आफ डूइंग में हरियाणा के बेहतर प्रदर्शन का भी जिक्र करते हुए कहा कि इसमें प्रदेश चौदहवें से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में नीति आयोग के साथ कार्य करने के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा राज्य खुले में शौचमुक्त व कैरोसिन के उपयोग से मुक्त राज्य बना है। कन्या भ्रूण हत्या को नियंत्रित किया गया है और हरियाणा में असंतुलित लिंगानुपात उल्लेखनीय रूप से संतुलित हुआ है। इन उपलब्धियों की दिशा में सरकार की प्राथमिकता अब अपने नागरिकों के लिए एक उच्चतम ईज ऑफ लीविंग इंडेक्स को निर्धारित किया जाना है।

मुख्यमंत्री ने वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली को क्रियान्वित करने की दिशा में प्रदेश के अग्रणी रहने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जल-सरंक्षण, जल पुनर्भरण, तालाबों के संरक्षण व जीर्णोद्धार, प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना व अन्य कार्यक्रमों के संदर्भ में राज्य सरकार का प्रगति विवरण प्रस्तुत किया।

उन्‍होंने कहा कि फसलों को सूखे से बचाने के लिए क्रियान्वित किए गए विभिन्न कार्यक्रमों व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की उपलब्धियों के संदर्भ में विवरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र को विकसित करने व वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना किए जाने की दिशा में किए गए नीतिगत परिवर्तनों व बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा दिए जाने की दिशा में उठाए गए कदमों का विवरण दिया।

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