सेना खुद की चाहती है ‘मिनी एयर फोर्स’, हेलिकॉप्टरों की सरकार से कर रही है मांग

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भारतीय सेना ने अपनी ‘मिनी एयर फोर्स’ की पुरानी मांग की समीक्षा की है, जिसका वायु सेना अतीत में कड़ा विरोध कर चुकी है। सेना चाहती है कि उसे चॉपर्स के अलावा हेवी-ड्यूटी अटैक हेलिकॉप्टरों के तीन स्क्वॉड्रन मिलें, ताकि इसकी तीन प्राइमरी स्ट्राइक कोर दुश्मनों के इलाके में बख्तरबंद दस्ते को जल्दी पहुंचा सके।सेना खुद की चाहती है 'मिनी एयर फोर्स

आर्मी इस प्रक्रिया की शुरुआत में अमेरिका से 11 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों खरीदने के लिए सरकार को मनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, वायु सेना ऐसे 22 चॉपरों के लिए पहले ही 13,952 करोड़ रुपए का सौदा कर चुकी है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि शनिवार को रक्षा मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में होने वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) की बैठक में इस खरीद प्रस्ताव पर विचार हो सकता है।

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आर्मी इस खरीद के लिए जल्दबाजी दिखा रही है क्योंकि नियम के तहत अमेरिका को 28 सितंबर तक ही ऑर्डर दिया जा सकता है। ओरिजनल कॉन्ट्रैक्ट पर दस्तखत साल 2015 में इसी तारीख को हुए थे। इसके तहत जुलाई 2019 से भारतीय वायु सेना को 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति होनी है।

इनके अलावा, 812 AGM-114L-3 हेलफायर लॉन्गबो मिसाइल, 542 AGM-114R-3 हेलफायर-II मिसाइल, 245 स्ट्रिंगर ब्लॉक I-92H मिसाइल और 12 AN/APG-78 फायर-कंट्रोल राडार भी मिलेंगे। सेना का मानना है कि हमलावर दस्तों के साथ-साथ ‘सामरिक हवाई संपत्तियों’ की त्वरित तैनाती के लिए इन पर उसका पूर्ण नियंत्रण हो, जबकि एयर फोर्स बड़ी सामरिक भूमिकाओं पर ध्यान दे।

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