सुरेन्द्र की हत्या, स्मृति ईरानी ने अर्थी को खुद जाकर दिया कंधा

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लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी के प्रचार की जिम्मेदारी निभाने वाले भाजपा नेता व बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह की शनिवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनके शव का पोस्टमार्टम केजीएमयू लखनऊ में किया गया। जिसके बाद उनका शव अंतिम दर्शन के लिए बरौलिया गांव लाया गया है। जहां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया जाएगा

गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। वारदात के बाद छापेमारी करते हुए पुलिस ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ग्रामीणों के अनुसार, देर रात दो बाइक सवार बदमाश आए और उन्हें घर से बाहर बुलाया। सुरेंद्र जैसे ही बाहर आए बदमाशों ने उनके सिर में गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। घायल अवस्था में ग्रामीण उन्हें पीएचसी ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर बताते हुए लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते वक्त रास्ते में ही सुरेंद्र ने दम तोड़ दिया।

हत्या का कारण चुनावी रंजिश बताया जा रहा है। इलाके में सुरेंद्र का काफी प्रभाव था जिसका लाभ स्मृति ईरानी को मिला। करीबी बताते हैं कि लोकसभा चुनाव में स्मृति की जीत के बाद उनका कद काफी बढ़ गया था जिसे कुछ लोग पसंद नहीं करते थे। वह स्मृति ईरानी के काफी करीबी थे।

पूर्व प्रधान के पुत्र ने कहा कि मेरे पिता भाजपा नेता स्मृति ईरानी के करीबी थे और लोकसभा चुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी निभा रहे थे। जीत के लिए विजय यात्रा निकाली जा रही थी। ये बात कांग्रेस नेताओं को अच्छी नहीं लगी। शायद इसीलिए उनकी हत्या कर दी गई।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत के बाद बदमाशों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी। सुरेंद्र सिंह के शव का पोस्टमार्टम लखनऊ के केजीएमयू में तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया। जिसके बाद परिजन शव लेकर अमेठी रवाना हो गए।

सपा में शामिल होने के बाद फिर बने थे भाजपाई

पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह के चचेरे भाई राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सुरेंद्र की हत्या राजनीतिक रंजिश में की गई। इलाके में उनका काफी प्रभाव था।

सुरेंद्र सिंह 2017 तक भाजपा के जिला उपाध्यक्ष पद पर थे लेकिन यूपी के विधानसभा चुनाव 2017 में नंदमहर में अखिलेश यादव की सभा के बाद सपा में शामिल हो गए लेकिन चुनाव के बाद फिर से भाजपा में वापस आ गए।

सुरेंद्र ने 2005 में पहला पंचायत चुनाव लड़ा था। 2015 में बैकवर्ड के लिए सीट आरक्षित होने के बाद उन्होंने अपने करीबी राम प्रकाश वर्मा को चुनाव लड़ाया था। वारदात के बाद इलाके में पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई है।

हाईप्रोफाइल मामला होने से जिले के प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा अमेठी पहुंच रहे हैं। वहीं, स्मृति ईरानी भी करीब दो बजे पहुंचेंगी।

लखनऊ के केजीएमयू में सुरेंद्र सिंह के शव का पोस्टमार्टम हो रहा है। सुरेंद्र का शव लेने के लिए उनके बड़े भाई नरेंद्र सिंह मौजूद हैं। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है।

कुछ लोगों को रास नहीं आ रही थी उनकी लोकप्रियता

गांव में मौजूद पुलिसकर्मी।

सुरेंद्र सिंह के करीबी मुन्ना सिंह ने कहा कि इन चुनाव के बाद राजनीतिक रूप से उनका कद काफी बढ़ गया था। कुछ लोगों को उनकी तरक्की पसंद नहीं आ रही थी। उन्होंने आशंका जताई कि लोकप्रियता के कारण उनकी हत्या की गई। उन्होंने अपील की कि मामले का खुलासा नहीं हुआ तो बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

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