सुबह उठकर सबसे पहले करें ये काम चमक जाएगी आपकी सोयी हुई किस्मत…

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घर के बड़े और बुजुर्ग अक्सर हमें कुछ न कुछ सिखाते रहते हैं क्योंकि हमारे देश और समाज में संस्कारों का विशेष महत्व है। ये सभी कार्य और संस्कार हमारी ही भलाई के लिए होते हैं और हमारी तरक्की को प्रभावित करते हैं। इन्हीं में से कुछ बातें ऐसी हैं जिन्हें हमें सुबह सबसे पहले करने के लिए कहा जाता है। जैसे, धरती को प्रणाम करना। अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा करने के लिए कहा क्यों जाता है? साथ ही ऐसा करने से लाभ क्या होंगे?सुबह उठकर सबसे पहले करें ये काम चमक जाएगी आपकी सोयी हुई किस्मत...

क्यों करें धरती को प्रणाम?
हिंदू धर्म या सनातन धर्म में सुबह उठने के बाद धरती पर पर रखने से पहले उसे प्रणाम करने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि धरती हमारी पालनकर्ता है। हमारे जीवन के लिए सभी आवश्यक पदार्थ धरती ही हमें उपलब्ध कराती है। फिर चाहे पानी हो या भोजन। धरती को प्रणाम करने और उसके प्रति आभार जताकर हम अपना सौभाग्य बढ़ा सकते हैं क्योंकि धरती को भी देवी मां का स्थान प्राप्त है।

सामाजिक महत्व
धरती को प्रणाम करने से अपनी मातृभूमि और धरती के प्रति हमारा लगाव बढ़ता है। हमारे अंदर अपने देश, अपनी भूमि के प्रति जिम्मेदारी का भाव पैदा होता है। कह सकते हैं कि बुजुर्ग हमारे अंदर जिम्मेदारी का भाव जगाने के लिए भी यह संस्कार हमें देते हैं।

यह है प्रणाम करने का तरीका
पांव जमीन पर रखने से पहले बिस्तर पर बैठे हुए ही हाथ से धरती पर स्पर्श कर प्रणाम करना चाहिए। इसके बाद अपनी नाक के सुरों को चेक करिए कि कौन-सा सुर अधिक चल रहा है। चेक करने के लिए नाक के आगे हथेली को उलटा करके रखें और तेजी से सांस छोड़े, जिस सुर से तेज सांस आए, उसी तरफ के पांव को सबसे पहले जमीन पर रखें। रातभर लेटे रहने से शरीर अकड़ जाता है। सुबह जब आप उठकर जब धरती का स्पर्श करते हैं तो पूरा शरीर झुकता है, जिससे रीढ़ की हड्डी और शरीर के जोड़ों की अकड़न दूर होती है और रक्त संचार सुचारू होता है।

सुबह किस दिशा में चलना होता है शुभ?
उत्तर दिशा की तरफ चलें कुछ कदम। धन के देवता कुबेर की होती है यह दिशा। ऐसा करने से उन्नति का मार्ग खुलता है। धन की वर्षा होती है

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