सावन में इस तरीके से चढ़ाएं शिव जी को बेल पत्र, भरेगी खाली तिजोरी…

सावन में इस तरीके से चढ़ाएं बेल पत्र, भरेगी खाली तिजोरी

शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव को खुश करने के लिए सोमवार का दिन सबसे उत्तम है। इस दिन कुछ खास उपाय करने से जीवन में आ रही बाधाओं को सदा के लिए शांत किया जा सकता है। जन्मकुंडली में जैसे भी दोष हों, शिव पूजा से उनका हल सदा के लिए हो जाता है। आईए जानें वो विशेष उपाय, जो सोमवार के दिन किए जा सकते हैं। भगवान शिव को बेल पत्र बहुत प्रिय हैं, ये तो सभी जानते हैं। तभी तो शिवलिंग पर बिल्व चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यदि उन्हें खास विधि से बिल्व अर्पित किया जाए तो शुभ परिणाम मिलते हैं। 11 ताजे बेल पत्र लें, उन्हें गंगा जल से साफ करके उन पर चंदन से ॐ नम: शिवाय लिखें। फिर भोले भंडारी पर अर्पित करें। इस उपाय से कुछ ही दिनों में भरने लगेगी आपकी खाली तिजोरी।सावन में इस तरीके से चढ़ाएं बेल पत्र, भरेगी खाली तिजोरी

शिवलिंग पर चढ़ाए गए बिल्वपत्रों को कई दिनों तक धोकर पुन: भगवान शिव पर अर्पित किया जा सकता है।

अष्टमी, चतुर्दशी और अमावस्या, पूर्णिमा तिथ‍ियों को, सं‍क्रांति के समय और सोमवार को बिल्वपत्र न तोड़ें। एक दिन पूर्व तोड़े हुए बिल्व पत्र पूजा में उपयोग किए जाने चाहिए।

रविवार अौर द्वादशी एक साथ होने पर बिल्वपत्र की विशेष पूजा करनी चाहिए। इस दिन पूजा करने से महापाप अौर दरिद्रता से मुक्ति मिलती है।

शिवपुराण में बताया गया है कि घर पर बिल्व वृक्ष लगाना चाहिए। इससे घर के सभी सदस्यों को कई प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही पारिवारिक सदस्य यशस्वी होते हैं अौर समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों के अनुसार जिस स्थान पर बिल्ववृक्ष होता है, वह जगह काशी की भांति पूजनीय व पवित्र होती है। ऐसे स्थान पर जाने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति है।

बिल्ववृक्ष लगाते समय दिशा का भी ध्यान रखना चाहिए। बिल्ववृक्ष को घर के उत्तर-पश्चिम में लगाने से यश की प्राप्ति होती है। वहीं उत्तर-दक्षिण में बिल्ववृक्ष हो तो सुख-शांति में वृद्धि होती है अौर मध्य में हो तो जीवन मधुर बनता है।

किसी भी दिन या तिथि को खरीदकर लाया हुआ बिल्वपत्र सदैव पूजा में शामिल किया जा सकता है।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *