सावन के शनिवार में रुद्रावतार भैरव करेंगे आपके जीवन को बाधाओं से मुक्त…

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शनिवार दिनांक 04.08.18 को श्रावण कृष्ण अष्टमी को कालाष्टमी पर्व मनाया जाएगा। शिवपुराण के अनुसार इसी दिन मध्यान्ह में रुद्रावतार भैरव उत्पन्न हुए थे। इसी कारण इसे कलाष्टमी कहते हैं। पौराणिक मतानुसार अंधकासुर ने अधर्म की सीमा पार लांघ ली थी। घमंड में चूर अंधकासुर ने महादेव पर आक्रमण करने का दुस्साहस कर दिया। अंधकासुर के संहार हेतु रुद्र के रुधिर से भैरव की उत्पत्ति हुई। एक प्रचलित किंवदंती के अनुसार पूर्व में ब्रह्मा पंचमुखी थे व ब्रह्मा पंचम वेद की रचना भी कर रहे थे। इसी विषय पर महादेव ने ब्रह्मा से वार्तालाप की परंतु न समझने पर महाकाल से उग्र, प्रचंड भैरव प्रकट हुए व उन्होंने नाखून के प्रहार से ब्रह्मा का पांचवा मुख काट दिया, इस पर भैरव को ब्रह्महत्या का पाप लगा।सावन के शनिवार में रुद्रावतार भैरव करेंगे आपके जीवन को बाधाओं से मुक्त...

एक और किंवदंती के अनुसार कालांतर में ब्रह्मा ने महादेव की वेशभूषा पर उनका उपहास किया। उसी समय रुद्र के शरीर से क्रोध में लिप्त प्रचण्ड दण्डधारी भैरव प्रकट होकर ब्रह्मा के संहार हेतु आगे बढ़ा। यह देख कर ब्रह्मा भय से चीख पड़े। महादेव ने उन्हें शांत कर महाभैरव का नाम दिया। महादेव ने भैरव को काशी का नगरपाल बनाया। भैरव ने इसी तिथि पर ब्रह्मा के अहंकार को नष्ट किया था। लोग इस दिन मृत्यु भय से मुक्ति हेतु भैरव पूजन करते हैं।

शनिवार श्रावण कलाष्टमी पर दंडपाणी भैरव का पूजन किया जाता है। स्कन्दपुराण के काशी खंड के अनुसार यक्ष पूर्णाभद्र व उसकी पत्नी कनाका कुंडल ने संतान प्राप्ति हेतु शिव तपस्या की। महादेव की कृपा से उन्हें हरीकेश नामक सुंदर पुत्र प्राप्त हुआ। परम शिव भक्त हरिकेश अन्न त्यागकर शिव भक्ति में लीन था। महादेव के काशी आगमन पर हरीकेश को उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर सोंटा देकर दंडपाणी घोषित कर भैरव की उपाधि प्रदान की। महादेव ने सम-प्राप व उत्तराम नामक दो शिव गणों को यक्ष हरीकेश का रक्षक बनाया। महादेव ने हरीकेश को यक्षराज पद प्रदान कर वरदान दिया जो काशी में भैरव दंडपाणी का पूजन नहीं करेंगे उन्हें मुक्ति नहीं मिलेगी। दण्डपाणि भैरव के विशेष पूजन व उपाय से जीवन बाधा मुक्त बनता है, शत्रुता समाप्त होती है व आपदा का निवारण होता है।

स्पेशल पूजन विधि: संध्या के समय घर की पश्चिम दिशा में काले रंग का कपड़ा बिछाकर भैरव जी का चित्र या यंत्र स्थापित कर विधिवत पूजन करें। सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं, लोहबान से धूप करें, नीले कनेर के फूल चढ़ाएं। काजल चढ़ाएं, नारियल चढ़ाएं व गुड़ तिल से बनी रेवड़ियों का भोग लगाएं तथा मीठी रोटी का भोग लगाएं। किसी माला से इस विशेष मंत्र का यथासंभव जाप करें। जाप पूरा होने के बाद भोग सभी में बांटें और मीठी रोटी कुत्ते को खिलाएं।

स्पेशल मंत्र: ह्रीं नील वर्णों दण्ड पाणि: भैरव नमः॥
स्पेशल मुहूर्त: शाम 16:20 से शाम 17:20 तक।

शुभ मुहूर्त:
अगर आज आप किसी को प्रपोज़ कर रहे हैं या किसी खास से अपने दिल का हाल बयां करना चाहते हैं तो इसके लिये बेस्ट टाइम है- 12:27-14:07

अगर आज आप कोई टू व्हीलर या फोर व्हीलर गाड़ी खरीदना चाहते हैं, तो वाहन खरीदने के लिए बेस्ट टाइम रहेगा- 15:47-17:26

आज आप कोई नया कंस्ट्रक्शन करवा रहे हैं या कोई नींव रखना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे बेस्ट टाइम है- 07:28-09:08

अगर आज आप बेबी की डिलीवरी के लिए सीजेरियन करवाने की सोच रहे हैं तो इसके लिये अच्छा समय रहेगा- 15:47-17:26

अगर आज आप कोई प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने की सोच रहें हैं तो बयाना लेने और देने के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा- 10:47-12:27

अगर आज आप शेयर बाजार या कमोडिटी मार्केट में इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं तो इसके लिए लकी टाइम रहेगा- 12:27-14:07

अगर आज कोर्ट-कचहरी में किसी मामले में दरख्वास्त देने की सोच रहे हैं तो इसके लिये शुभ मुहूर्त रहेगा- 10:47-12:27

अगर आज आप सोने या चांदी की ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं तो इसके लिए बेस्ट टाइम रहेगा- 15:47- 17:26

आज अगर कोई नया बिजनेस शुरु करने की सोच रहे हैं तो इसके लिए अच्छा टाइम रहेगा- 07:28- 09:08

अगर आज आप फाइनेंशियल लेन-देन करना चाहते हैं तो इसके लिए बेस्ट टाइम रहेगा- 10:47- 12:27

उपाय चमत्कार:
गुड हैल्थ के लिए: नारियल सिर से वारकर भैरव जी पर चढ़ाएं।

गुडलक के लिए: भैरव जी पर चढ़ी बड़ी इलायची जेब में रखें।

विवाद टालने के लिए: भैरव जी पर 1 मूंगफली तेल व 1 सरसों के तेल का दीपक करें।

नुकसान से बचने के लिए: भैरव जी पर चढ़े उड़द जल प्रवाह करें।

प्रॉफेश्नल सक्सेस के लिए: कागज़ पर काले पेन से “वं” लिखकर जेब में रखें।

एजुकेशन में सक्सेस के लिए: भैरव जी पर चढ़े नीले पेन का इस्तेमाल करें।

बिज़नेस में सफलता के लिए: भैरव जी पर चढ़े सिक्के वर्कप्लेस के गल्ले में रखें।

पारिवारिक खुशहाली के लिए: पानी में नील मिलाकर घर में पोछा करें।

लव लाइफ में सक्सेस के लिए: भैरव जी पर चढ़ा कस्तूरी का इत्र प्रयोग में लें।

मैरिड लाइफ में सक्सेस के लिए: पति-पत्नी भैरव जी पर तेल के 2 चौमुखी दीपक जलाएं।

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