शेयर बाजार में जारी रहेगा गिरावट का दौर

market_web_2016521_194752_21_05_2016पिछले हफ्ते बाजार कमजोर रहा। सरकारी बैंकों के घाटे को बाजार ने डिस्काउंट कर लिया था। हफ्ते के मध्य में बाजार में थोड़ी तेजी देखी गई थी लेकिन आखिर में फिर मुनाफावसूली के चलते गिरकर बंद हुआ। डॉलर की मजबूती ने दुनिया के कमोडिटी और शेयर बाजारों को झटका दिया। डॉलर ने रुपए के मुकाबले 67 पर मजबूत ब्रेकआउट था। रुपए में ये हलचल अमेरिकी फेडरल रिजर्व के जनू में ब्याज दरें बढ़ाने की चिंता के चलते आई। इसका असर शेयर बाजार पर भी पड़ा।

कंपनियों के नतीजे मिले जुले थे। पंजाब नेशनल बैंक ने चौथी तिमाही में 5,370 करोड़ रुपए का घाटा दिखाया। ये घाटा बैंकिंग इतिहास में सबसे बड़ा घाटा था। पीएनबी ने इसके जरिए अपनी बैलेंसशीट साफ की। सिंडिकेट बैंक को चौथी तिमाही में 2160 करोड़ का घाटा हुआ। भारत फोर्ज का भी मुनाफा 19 फीसदी गिरा। दूसरी तरफ पीरामल एंटरप्राइजेस का चौथी तिमाही में मुनाफा 88 फीसदी, मदरसन सुमी का 18 फीसदी, एडलवाइज का 26 फीसदी और ल्युपिन को मुनाफा 48 फीसदी बढ़ा।

पीएसयू बैंकों के नतीजे खराब आए लेकिन शेयरों ने मजबूती दिखाई। ये निवेश के लिए सबसे सही समय है जब बैंकरप्सी कोर्ड और बैकिंग बोर्ड को मजबूत बनाया जा रहा है। अगली कुछ तिमाही में बैंक बोर्ड के चलते बैंकों की स्थिति सुधरेगी। पहले मॉरिशस करार और अब सेबी की तरफ से पी-नोट्स पर सख्ती शेयर बाजार की मजबूती के संकेत देते हैं।

हफ्ते की घटनाएं

स्टेट बैंक ने आखिरकार अपने सहयोगी बैंकों को विलय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इससे बैंक की पूंजी कंसोलिडेट होगी और लागत का दोहरीकरण खत्म होगा। इससे सरकारी बैंकों की रिस्ट्रक्चरिंग का रास्ता साफ होगा। ये कदम ऐसा ही है जैसा कुछ साल पहले बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। आइडिया ने डेटा टैरिफ 50 फीसदी घटाकर टैरिफ वार को फिर से हवा दे दी है। राज्यों के चुनावों के नतीजों से साफ हो गया कि मोदी का जादू अभी भी बरकरार है। सरकार को अब क्षेत्रीय पार्टियों से सहयोग लेकर संसद में महत्वपूर्ण बिल पास करवाने होंगे।

टेक्नीकल आउटलुक

बाजार में गिरावट जारी है। हफ्ते के दौरान बाजार ने शूटिंग स्टार और मंदी के पेटर्न दिखाए। इससे संकेत मिलता है कि छोटे समय में बाजार में गिरावट जारी रहेगी। बाजार में निचले स्तर पर कई टॉप बन रहे हैं। इसके चलते बाजार में करेक्शन जारी रहेगा। निफ्टी 50 को करेक्शन के लिए समय चाहिए। निफ्टी ने 6,825 से 7991 की यात्रा 36 सेशन में। मौजूदा करेक्शन सिर्फ 16 दिन तक चला है। बाजार को 7500 के आसपास मजबूत सपोर्ट मिलेगा। जहां ट्रेडर लंबे सयम की पोजीशन ले सकते हैं।

हफ्ते से उम्मीद

पिछले हफ्ते हमने कहा था कि बाजार में कमजोरी कुछ और दिन तक जारी रहेगी। कमजोरी का दबाव अब मेटल और कमोडिटी आधारित शेयरों पर रहेगा। डॉलर की कीमत बढ़ने से प्राथमिक कमोडिटी के दाम घटेंगे। डॉलर में मजबूत आना शुरू हो गई है जिससे शेयरों में तेजी पर ब्रेक लगेगा। पराग मिल्क के आईपीओ ने शुरुआती दिन 15 फीसदी की तेजी दिखाई। ये तेजी आश्चर्यजनक है क्योंकि कंपनी का आईपीओ सिर्फ 1.8 गुना ही सब्सक्राइब हुआ था। इस तरह के वैल्युएशन अगर कुछ और दिन टिक गए तो पूरी डेयरी इंडस्ट्री को रीरेट होगी। निवेशकों को अच्छी क्वालिटी के शेयरों में निवेश करना चाहिए। जो ट्रेडर्स लंबे समय के लिए जाना चाहते उनको कुछ और समय के लिए इंतजार करना चाहिए।

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