शुक्रवार को माँ लक्ष्मी के साथ करें इनकी भी पूजा, बन सकते हैं धनवान

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कलयुग में आपकी सफलता को तय करने का पैमाना आपकी संपत्ति को माना जाता है। आपके पास जितनी अधिक संपत्ति होगी आपको जीवन में उतना ही सफल व्‍यक्ति समझा जाएगा। शास्‍त्रों में बताया गया है कि धन समृद्धि की प्राप्ति के लिए आपको केवल देवी लक्ष्मी ही नहीं कुबेर देवता की भी उपासना करनी चाहिए। ऐसा करने से कुबेर देवता प्रसन्‍न होते हैं और आपके घर में भी धन वर्षा होने लगती है। कुबेर देवता को खुश करने के लिए आपको क्‍या करना चाहिए यह जानने से पहले आइए जानते हैं कुबेर देवता का अस्तित्‍व…शुक्रवार को माँ लक्ष्मी के साथ करें इनकी भी पूजा, बन सकते हैं धनवान

भगवान शिव ने प्रसन्‍न होकर कुबेर को सौंपा यह जिम्‍मा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, पहले कुबेर एक सामान्‍य मनुष्‍य थे, जो भगवान शिव की कठोर तपस्‍या किया करते थे। शिव ने प्रसन्‍न होकर पूरे संसार की संपत्ति का अधिपति उन्‍हें नियुक्‍त कर दिया। कुबेर की प्रसन्‍नता का ठिकाना नहीं था और एक दिन उनके मन में लालच आ गया। तब भगवान शिव ने कुबेर को सबक सिखाने के लिए अपने पुत्र गणेश को भेजा।

गणेशजी ने ऐसे सिखाया सबक
एक बार कुबेर देवता ने सभी देवताओं के लिए भोज का आयोजन रखा। भगवान गणेश ने वहां सबसे पहले पहुंचकर सारा भोजन चट कर लिया। उनको भूख इतनी तेज लगी थी कि जब वह कुबेर को खाने चले तो तब कुबेर को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्‍हें समझ आया कि हमें अपनी शक्तियों का गलत इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिए। बस इसी अहसास के बाद वह धन के देवता कुबेर के रूप स्‍थापित हो गए। इसलिए लोग धन का आहृवान करने के लिए उनकी पूजा करते हैं।

कुबेर यंत्र
कुबेर यंत्र तांबे की बनी एक प्‍लेट के समान होती है, जिस पर कुबेर देवता का यंत्र बना रहता है। इस यंत्र में 72 कतार और 72 वर्ग होते हैं। जीवन में सुख, संपन्‍नता और ऐश्‍वर्य की प्राप्ति के लिए 72 के अंक को शुभ माना जाता है। इस यंत्र को आप अपने घर, ऑफिस या फिर अपनी दुकान पर भी रख सकते हैं। बेहतर परिणाम के लिए आपको इस यंत्र की रोजाना पूजा करना अनिवार्य है।

इन बातों का रखें विशेष ख्‍याल
-कुबेर यंत्र को सदैव एक फ्लैट सत‍ह पर ही रखें। यदि आप इसे लटकाना चाहते हैं तो इसका मुख उत्‍तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए। ध्‍यान रहे कि यह आपकी आंखों के सामने रहना चाहिए।
-रोजाना पूजा-पाठ शुरू करने से पहले कुबेर देवता के सामने सुगंधिम अगरबत्तियां जलाएं। इससे सकारात्‍मक ऊर्जा घर के अंदर प्रवेश करती है और नकारात्‍मक ऊर्जा घर से बाहर चली जाती है।

इस मंत्र का करें उच्‍चारण
कुबेर यंत्र के मध्‍य में ध्‍यान केंद्रित करते हुए अब कुबेर मंत्र का जप शुरू करें।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥
इस मंत्र का रोजाना कम से कम 21 या 108 बार बार जप करें।

पूजा सामग्री
धन के अधिपति कुबेर देवता की पूजा के लिए आपको हल्‍दी, जल, लकड़ी, कुबेर यंत्र, पीत वस्‍त्र, कलश, आम का पल्‍लो, पुष्‍प, अक्षत, चंदन, कुमकुम, पीपल के पत्‍ते, सुपारी, दीप, घी, तेल, दूध, शहद, दही, धूप गेहूं की आवश्‍यकता होती है।

इस प्रकार करें पूजा
शुक्ल पक्ष के किसी भी शुक्रवार को रात्रि में कुबेर देवता की पूजा का शुभारंभ करना चाहिए। प्रात: रोजाना काम पर जाने से पहले आपको कुबेर देवता का आशीर्वाद लेकर निकलना चाहिए। आप अपने जीवन में जल्‍द ही बदलाव महसूस करने लगेंगे और आपके काम में भी बरकत होगी।

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