शास्त्रों के अनुसार कभी नहीं करना चाहिए इन चीजों का दान, जानिए क्या है इसके पीछे का राज

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हिंदू धर्म में शास्त्रों के बहुत ज्यादा मायने होते हैं. ज्यादातर लोग शास्त्रों के अनुसार ही अपने सारे काम करते हैं, फिर वो कैसे भी हो करना उनके लिए जरूरी हो जाता है. दान-पुण्य करना हर धर्म में जरूरी होता है फिर उसके नाम अलग-अलग हो तो क्या फर्क पड़ता है. खास मुद्दा होता है दान-पुण्य यानि किसी इंसान की मदद करना जो बहुत जरूरी होता है और ऐसा भी माना जाता है कि अगर कोई इंसान पाप भी करता है और साथ ही पुण्य भी करता है तो उन्हें उनके बुरे कर्मों की सजा मिलती तो है लेकिन जो मिलनी होती है वो थो़ड़ी कम हो जाती है. इसलिए पुन्य और दान इंसान को जरूर करना चाहिए. मगर दान देने के लिए भी शास्त्रों में कुछ नियम बनाए गए हैं और शास्त्रों के अनुसार नहीं करना चाहिए इन चीजों का दान. अगर किया तो उठाना पड़ सकता है ये नुकसान.शास्त्रों के अनुसार कभी नहीं करना चाहिए इन चीजों का दान, जानिए क्या है इसके पीछे का राज

शास्त्रों के अनुसार नहीं करना चाहिए इन चीजों का दान

जैसा कि हमने आपको बताया कि हिंदू धर्म में शास्त्रों का बहुत सम्मान किया जाता है बिल्कुल उसी तरह इनमें दान-पुण्य को भी महत्वता दी जाती है. ये मात्र रीत-रिवाज के लिए ही नहीं किया जाता बल्कि दान करने के पीछे कई सारे धार्मिक उद्देश्य बताए गए हैं. हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, दान से इंद्रिय भोगों के प्रति आशक्ति छूटती है. मन की ग्रंथियां खुलती है जिसमें मृत्युकाल में लाभ मिलता है. लेकिन धार्मिक ग्रंथ में कुछ चीजों का दान कभी नहीं करना चाहिए.

1. हिंदू धर्म में झाड़ू को लक्ष्मी माना जाता है और इसे पैरों से भी नहीं लगाया जाता क्योंकि झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, झाड़ू का दान भी नहीं देना चाहिए वरना ऐसा करने से धन की देवी महालक्ष्मी नाराज हो जाती है और हमसे दूर हो जाती हैं. इसके अलावा लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

2. शास्त्रों के अनुसार हमें अपने पहने हुए कपड़े किसी जरूरतमंद को देने चाहिए लेकिन अगर वो कपड़े आपने किसी और दिए तो इससे महालक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं. उसी तरह किसी को तेल का दाने देना अच्छी बात है लेकिन उन्हें उपयोग किया हुआ तेल दान में देना आपको शनिदेव के दंड का भागीदारी बना सकता है.

3. भोजन हर इंसान को बहुत ही नसीब से मिलता है और ताज़ा खाना तो हर किसी के नसीब में नहीं होता, इसे दैवीय कृपा कहा जाता है. इस दैवीय कृपा को आप एक बार किसी को दान करने के बारे में सोच भी सकते हैं लेकिन बांसी खाना का दान देना अशुभता का संचार बढ़ाता है और इससे घर में विवाद भी शुरु हो सकता है.

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