शनि से कहीं ज्यादा प्रकोपकारी है यह ग्रह, भूलकर भी ना करे दिन के इस समय कोई भी शुभ कार्य

शनि के बारे में हम सभी को बहुत सारी बातें पता होगी जैसे कि जिस किसी की कुंडली में अगर शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढय्या चल रही होती है तो उसको तमाम तरह की परेशानियां आने लगती हैं और सारे काम असफल होने लगते हैं। लेकिन शनि से ज्यादा बुरा प्रभाव देने वाला छाया ग्रह है राहू। अगर यह किसी की कुंडली में बैठ जाता है तो उस व्यक्ति का बुद्धि और विवेक का नाश कर देता है।शनि से कहीं ज्यादा प्रकोपकारी है यह ग्रह, भूलकर भी ना करे दिन के इस समय कोई भी शुभ कार्य

जिसकी भी महादशा, अंतर्दशा राहु की चलती है या फिर कुंडली के किसी स्थान को प्रभावित करता है तो उसके अपने ही दुश्मन बन जाते है। यहां तक कि राहु के गलत भाव में होने पर जेल भी पंहुचा सकता है। अगर कुण्डली में राहु बुरे भावों में बैठा हो साथ ही कमज़ोर व पीड़ित हो और व्यक्ति पर साढ़े साती चल रही हो तब व्यक्ति को भंयकर परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

ज्योतिष शास्त्र में राहु को शनि को बराबर का दर्जा प्राप्त है। राहु की बुरी दशा चलने पर शनि से कहीं ज्यादा बुरा परिणाम देखने को मिलता है। ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक दिन राहुकाल होता है जिसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। 

क्या होता है राहुकाल
 
हर दिन लगभग 90 मिनट का समय राहु के असर का दिन होता है। इस 90 मिनट में राहु सबसे ज्यादा प्रभावी होता है। सप्ताह के सातो दिन अलग-अलग समय पर राहु काल का असर होता है।

सोमवार को सुबह 7:30 बजे से लेकर 9.00 बजे तक
मंगलवार को दोपहर 3:00 बजे से 04:30 बजे तक
बुधवार को दोपहर 12:00 बजे से लेकर 01:30 बजे तक
गुरुवार को दोपहर 01:30 बजे से लेकर 03:00 बजे तक
शुक्रवार को प्रात: 10:30 से 12:00 बजे तक
शनिवार को प्रात: 09:00 से 10:30 बजे तक
रविवार को राहु काल शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तक 

इस विशेष समय पर कभी भी कोई शुभ कार्य नहीं करना चाहिए नहीं तो अनिष्टकारी प्रभाव देखने को मिलाता है।

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