आज विष्णु पूजन करने से जागेगी सोई हुई किस्मत

‘भाद्रपद’ के चंद्र महीने के दौरान शुक्ला पक्ष की ‘इकदाशी’ को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। चार मास के श्रवण के पश्चात इस दिन श्रीरसागर में भगवान विष्णु करवट बदलते है और शास्त्रों के अनुसार व्रत पूजन करने से जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। तो चलिए जानते है इस दिन कैसे व्रत पूजन से फल मिलता है –

व्रत पूजन विधि – 

इस व्रत काे करने के लिए पहले दिन हाथ में जल का पात्र भरकर व्रत का सच्चे मन से संकल्प करना हाेता है। 
प्रातः सूर्य निकलने से पूर्व उठकर स्नानादि क्रियाआें से निवृत हाेकर भगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा करने का विधान है। 
धूप, दीप, नेवैद्य, पुष्प मिष्ठान एवं फलाें से विष्णु भगवान का पूजन करने के पश्चात अपना अधिक समय हरिनाम संकीर्तन एवं प्रभु भक्ति में बिताना चाहिए। 

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कमलनयन भगवान का कमल पुष्पाें से पूजन करें, एक समय फलाहार करें आैर रात्रि काे भगवान का जागरण करें। 
मंदिर में जाकर दीपदान करने से भगवान अति प्रसन्न हाे जाते हैं आैर अपने भक्ताें पर अत्यधिक कृपा करते है। 

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