विलुप्त होती ये जनजाति करती है आत्‍माओं की पूजा क्‍योंकि…

- in ज़रा-हटके

कुछ आदिवासी खाना बदोश है, तो कुछ आज भी मछली पकड़ने की पूरानी तनकनीक अपना कर गुजर बसर कर रहें है। वहीं कुछ ऐसी अजीबों गरीब जनजातियां है, जिन्हें आज भी आत्माओं में विश्वास है और उनकी पूजा भी की जाती है। दुनिया के हर कौने में रहने वाली यह आदिवासी जनजातियां आज के इस आधुनिक वातावरण में विलप्ती के कगार पर है और अपने अस्तिव के लिए लड़ रही है। आइए जानते है दुनिया भर की कुछ विचित्र जनजातियों के कल्चर को और करीब से…आत्‍माओं की पूजा क्‍योंकि

1. असारो ट्राइब न्यु गुएना के पापुआ इलाके की यह जनजाति, लगभग विलुप्ति के कगार पर है। लेकिन इस जनजाति के लोग आज भी सुबह सुबह चहरें पर मड मास्क लगाकर दूसरे गांव से आए लोगों को डराते है।

2. चाइनिज फिशिंग ट्राइब चाइना के सुदूर इलाके की यह ट्राइब अभी तक मछली पकड़ने के लिए कोरमोरोन्ट तकनीक काम में लेती है। इस तकनीक में कोरमोरोन्ट (जगकाग) पक्षी के गले में धागा बांध दिया जाता है और फिर उसे मछली पकड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है। धागा इसलिए बांधा जाता है, ताकि वह किसी बड़ी मछली को निगल ना सके। एक बार मछली पकड़ने के ​बाद उसके मुंह से मछली निकाल ली जाती है और उसे फिर से मछली पकड़ने के​ लिए छोड़ दिया जाता है।

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3. मसाई ट्राइब तंजानिया की यह जनजाति, दुनिया की सबसे पूरानी, वॉरियर कल्चर का हिस्सा है। इस जनजाति में समुह का सबसे जवान मर्द को वॉरियर बनने और जिम्मेदारी निभाने की ट्रेनिंग भी दी जाती है।

4. नीनेट्स ट्राइब पेनेसुवेला की यमाल इलाके में रहने वाली नीनेट्स ट्राइब पूरी तरह खानाबदोश जनजाति है। हाजारों सालों से यह जनजाति, सर्दियों में -50 डिग्री सेलसियस तापमान और गर्मियों में +35 डिग्री सेलसियस तापमान में रहने की आदि है।

5. माओरी ट्राइब न्यूजिलैंड की यह जनजाति बहुत से देवी और देवताओं के साथ आत्माओं की भी पूजा करती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनका मानना है कि उनके पूर्वोजों की आत्मा उनके आस पास ही रहती है और जरुरत पड़ने पर उनकी मदद करती है।

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