विभिन्न संस्कृतियों व विचारों का संगम ही विश्व एकता की धुरी -स्वामी प्रसाद मौर्य

सीएमएस की मेजबानी में अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिवि का ‘ओपन डे समारोह’

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लखनऊ : सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ की मेजबानी में चल रहे ‘26वें अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ के प्रतिभागी 14 देशों के बच्चों ने आज बड़े उल्लास व उमंग से नृत्य एवं संगीत के साँस्कृतिक महोत्सव ‘ओपेन डे समारोह’ मनाया। इस भव्य समारोह में ब्राजील, कोस्टारिका, डेनमार्क, फ्राँस, जर्मनी, इटली, जापान, मैक्सिको, मंगोलिया, नार्वे, स्पेन, स्वीडन, थाईलैण्ड एवं भारत से पधारे बाल प्रतिभागियों ने अपने-अपने देशों के लोकनृत्यों व लोकगीतों का ऐसा सुन्दर समाँ बाँधा कि दर्शक झूम उठे। इससे पहले, मुख्य अतिथि के रूप में पधारे प्रदेश के श्रम एवं रोजगार मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने दीप प्रज्वलित कर ओपेन डे समारोह का विधिवत् उद्घाटन किया और विभिन्न देशों से पधारे बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें मानवता की सेवा हेतु प्रेरित किया।

इससे पहले, ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ की निदेशिका एवं सी.एम.एस. इन्दिरा नगर कैम्पस की शिक्षिका सुश्री ऐरम फातिमा ने देश-विदेश से पधारे बच्चों व अन्य गणमान्य अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि विभिन्न संस्कृतियों व विचारों का संगम ही विश्व एकता की धुरी है। इस ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ में विभिन्न देशों के बच्चों का साथ-साथ रहना बड़ा ही सुखद है। भारत ने सारे विश्व को प्रेम, शान्ति एवं अहिंसा का संदेश दिया है और इस अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर के माध्यम से यही संदेश प्रसारित हो रहा है। इस प्रकार के बाल शिविर बच्चों में एकता, सहिष्णुता, प्रेम, शान्ति व सौहार्द की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

‘ओपेन डे समारोह’ का शुभारम्भ सर्व-धर्म व विश्व शान्ति प्रार्थना से हुआ तथापि विभिन्न देशों के बाल प्रतिनिधियों ने समस्त मानव जाति के कल्याण के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर ब्राजील, कोस्टारिका, डेनमार्क, फ्राँस, जर्मनी, इटली, जापान, मैक्सिको, मंगोलिया, नार्वे, स्पेन, स्वीडन, थाईलैण्ड एवं भारत से पधारे बाल प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक शानदार शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपने-अपने देशों की साँस्कृतिक विविधता को दर्शाया तो वहीं दूसरी ओर अपने-अपने देशों के लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अलावा, बाल शिविर के 15 से 17 साल उम्र के जूनियर काउन्सलरों ने अपने सरप्राइज प्रजेन्टेशन से सभी को लुभाया। इस अवसर पर लखनऊ के उन मेजबान परिवारों को भी सम्मानित किया गया, जहाँ विभिन्न देशों से पधारे इन बाल प्रतिनिधियों ने दो दिन बिताए एवं अपने देश की सुसंगठित व संयुक्त पारिवारिक प्रथा से अवगत हुए।

‘ओपेन डे समारोह’ के उपरान्त आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में बाल शिविर के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी पत्रकारों को देते हुए सी.आई.एस.वी. इण्डिया के प्रेसीडेन्ट, सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि भाषा व संस्कृति की भिन्नता के बावजूद इन बच्चों ने एकता का अभूतपूर्व वातावरण निर्मित किया है। यही बच्चे आगे चलकर एक नये विश्व का निर्माण करेंगे जो एकता, भाईचारे और शान्ति की नींव पर टिका होगा। डा. गाँधी ने कहा कि यह अन्तर्राष्ट्रीय शिविर वास्तव में सारी दुनिया के लिए एक उदाहरण है जो भावी पीढ़ी को मानव मात्र से प्रेम करने की प्रेरणा देता है। अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर की सचिव सुस्मिता बासु, हेड, सी.एम.एस. क्वालिटी अश्योरेन्स एवं इनोवेशन डिपार्टमेन्ट, ने कहा कि विभिन्न संस्कृति, भाषा, सभ्यता, रीति-रिवाज में पले-बढ़े नन्हें-मुन्हें बच्चों को एक स्थान पर साथ-साथ इकट्ठे रखे जाने का उद्देश्य उनके कोमल हृदयों में आपसी भाईचारा, विश्व शांति तथा विश्व बन्धुत्व की भावना का समावेश करना है।

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