वाद-विवाद एवं साइन्स ड्रामा प्रतियोगिताओं में छात्रों ने दिखाई अपनी बहुमुखी प्रतिभा

- in उत्तरप्रदेश, लखनऊ

अन्तर्राष्ट्रीय गणित एवं कम्प्यूटर फेयर ‘मैकफेयर इन्टरनेशनल-2018’ का समापन

लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, महानगर कैम्पस द्वारा आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय गणित एवं कम्प्यूटर प्रतियोगिता ‘मैकफेयर इण्टरनेशनल-2018’ के चौथे व अन्तिम दिन आज नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादश व देश के विभिन्न राज्यों से पधारे छात्रों ने वाद-विवाद एवं साइन्स ड्रामा प्रतियोगिताओं में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का जोरदार प्रदर्शन किया। सी.एम.एस. महानगर कैम्पस द्वारा सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित चार-दिवसीय ‘मैकफेयर इण्टरनेशनल-2018’ आज सम्पन्न हो गया। चार-दिनों तक चली प्रतियोगिताओं में देश-विदेश से पधारे लगभग 700 छात्रों ने प्रतिभाग किया। समापन समारोह में मेधावी छात्रों को सम्बोधित करते हुए सी.एम.एस. संस्थापक  डा. जगदीश गाँधी ने देश-विदेश से पधारे सभी बाल वैज्ञानिकों को विश्व एकता के लिए कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया। मैकफेयर इण्टरनेशनल-2018 की संयोजिका एवं सी.एम.एस. महानगर कैम्पस की प्रधानाचार्या डा. कल्पना त्रिपाठी ने कहा कि इस महोत्सव में देश-विदेश के छात्रों ने अपने ज्ञान-विज्ञान का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया व विश्व एकता का पाठ पढ़ा। छात्रों में इतनी प्रतिभा दिखाई दी है कि हमें पूर्ण विश्वास है कि यह छात्र एक नये समाज की रचना करेंगे।

मैकफेयर इण्टरनेशनल-2018 के चौथे व अन्तिम दिन आज साइन्स ड्रामा एवं वाद-विवाद प्रतियोगितायें आयोजित हुई। सीनियर वर्ग की ‘वाद-विवाद प्रतियोगिता’ का आयोजन बेहद दिलचस्प अंदाज में हुआ, जिसमें देश-विदेश के प्रतिभागी छात्रों ने ‘रोबोट विद आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स विल क्रिएट अनइम्प्लायमेन्ट’ विषय पर बेहद सूझबूझ भरे तर्क प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया एवं अपनी बौद्विक क्षमता, कुशलता व मानसिक संतुलन का उत्कृष्ट नमूना प्रस्तुत किया। भवन्स बी पी विद्या मंदिर, नागपुर के छात्र अर्नब ने विषय के पक्ष में बोलते हुए कहा कि कई देशों में रोबोटों का काम पर लगा दिया गया है। क्या आप माँ के हाथ की बनी रोटी के बजाय मशीन से बनी रोटी खाना पसन्द करेंगे अथवा कौन सी मशीन महात्मा गाँधी व सुभाष चन्द्र बोस का कार्य कर सकती है। बास्को पब्लिक स्कूल, नई दिल्ली की मानवी निलया ने कहा कि रोबोट्स के कारण आज युवाओं का नौकरी नहीं मिल रही, जिससे गरीबी बढ़ रही है। द आर्यन इण्टरनेशनल स्कूल, वाराणसी के अभिषेक मिश्रा ने विपक्ष में बोलते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स और नौकरियां उपलब्ध करायेगा, साथ ही मात्रा व गुणवत्ता भी बढ़ेगी क्योंकि रोबोट्स में लालच नहीं होगा, अतः भ्रष्टाचार भी नहीं होगा। जेसीज पब्लिक स्कूल, रूद्रपुर की मान्या अरोड़ा ने कहा कि मशीनों की वजह से बेरोजगारी बढ़ने की संभावना नहीं है क्योंकि मशीने इंसान की स्थानापन्न नहीं हो सकती। इसी प्रकार, कई अन्य छात्रों ने अपने सारगर्भित विचारों से दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके उपरान्त, साइन्स ड्रामा प्रतियोगिता में प्रतिभागी छात्रों के कला कौशल को जांचा परखा गया। इस प्रतियोगिता के अन्तर्गत प्रतिभागी छात्रों ने ‘इनोवेशन एण्ड डिस्कवरीज इन साइन्स / मैथ / कम्प्यूटर’ विषय पर प्रस्तुति दी। इस प्रतियोगिता में शामिल छात्र टीमों ने अपनी रचनात्मक व कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए दिखा दिया कि वे सिर्फ किताब कलम में ही पारगंत नहीं हैं अपितु क्षमता प्रदर्शन में भी अव्वल हैं। रंग-बिरंगे कपड़ों एवं साज-सज्जा से युक्त इन प्रतिभागी छात्रों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर दर्शकों को उनकी सीट से बांधे रखा। सायंकालीन सत्र में ‘मैकफेयर इण्टरनेशनल-2018’ का समापन रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर देश-विदेश के प्रतिभागी विजयी छात्रों को शील्ड, मैडल व सार्टिफिकेट प्रदान कर पुरष्कृत कर सम्मानित किया। इस अवसर पर देश-विदेश के प्रतिभागी छात्र टीमों के सम्मान में सी.एम.एस. छात्रों ने रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। भारतीय संस्कृति से हुए इस भव्य स्वागत से विदेशी मेहमान गद्गद व प्रफुल्लित दिखाई दिये और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा ऑडीटोरियम गूँज उठा।

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