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राहुल गांधी को बड़ी राहत, नहीं सील होगा हेराल्ड हाउस

हेराल्ड हाउस की लीज रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिया है. इसका अर्थ यह है कि 22 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई से पहले अब एलएनडीओ हेराल्ड हाउस को सील नहीं कर सकेगा.

इसे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एलएनडीओ के अधिकारियों को निर्देश दिए जाए कि वो सीलिंग की कार्रवाई अभी शुरू न करें.

हेराल्ड हाउस की लीज को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में एसोसिएटड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) का बचाव करते हुए कहा कि हेराल्ड हाउस की लीज एलएनडीओ ने सिर्फ इसलिए रद्द कर दी कि वहां से न्यूज पेपर को प्रिंट नहीं किया जा रहा है. हम कोई टॉय शॉप नहीं चला रहे हैं, न्यूज पेपर अगर किसी और जगह से प्रिंट हो रहा है तो किसी को क्या आपत्ति हो सकती है.

आर्थिक तंगी से बंद हुआ था प्रेस

सिंघवी ने कहा कि आर्थिक तंगी के चलते कुछ वक्त के लिए प्रेस को बंद करना पड़ा था, लेकिन अब हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में तीन अखबार एजेएल निकाल रहा है. लीज रद्द करने का फैसला पूरी तरह गलत और मनमाना है और सत्ता पक्ष कांग्रेस पर दवाब डालने के लिए कर रहा है. यह पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है.

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अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को कहा कि 1957 में अखबार शुरू हुआ था, हमें बिल्डिंग खाली कराने का नोटिस दिया गया है और जो आरोप लगाए गए हैं वो गलत हैं. जज ने सुनवाई के दौरान सिंघवी से पूछा कि क्या सभी हिंदी, उर्दू सब नेशनल हेराल्ड का है, सिंघवी ने कहा कि सब कुछ नेशनल हेराल्ड के बैनर तले होता है, सबका लाइसेंस भी है. हम बेसमेंट और चौथी फ्लोर पर हैं. हम बाहर से प्रिंटिंग आउटसोर्स करते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालय का कहना है कि हम बिल्डिंग में पब्लिश नहीं करते, आज के युग में सब बदल गया है. पब्लिशिंग का मतलब बदल गया है. सब कोई इंटरनेट पर पढ़ते है. 12 जून 2017 बंगलुरु में भी हमने पेपर शुरू किया. ये रीलॉन्चिंग था. पिछले साल 1 जुलाई को हमने इसे रिलॉन्च किया था.

अभिषेक मनु सिंघवी ने तो अपनी बहस पूरी की जबकि एलएनडीओ की तरफ से पेश हुए तुषार मेहता ने कोर्ट से बहस के लिए कुछ वक्त मांगा. हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को मांगने की जरूरत पड़ सकती है इसलिए उसकी तैयारी रखी जाए. गुरुवार को हेराल्ड हाउस की लीज रद्द हो रही है, लेकिन जब तक कोर्ट का इस मामले में आदेश नहीं आता तब तक हेराल्ड हाउस सील नहीं किया जा सकता.

नेशनल हेराल्ड में सोनिया-राहुल की हिस्सेदारी

नेशनल हेराल्ड में यंग इंडिया, राहुल गांधी और सोनिया गांधी की हिस्सेदारी है. एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिकाना कंपनी है. कांग्रेस ने 26 फरवरी 2011 को इसकी 90 करोड़ रुपये की देनदारियों को अपने जिम्मे ले लिया था.

इसका अर्थ ये हुआ कि पार्टी ने इसे 90 करोड़ का लोन दे दिया. इसके बाद 5 लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया और राहुल की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी है. बाकी की 24 फीसदी हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के पास है.

इसके बाद टीएजेएल के 10-10 रुपये के नौ करोड़ शेयर ‘यंग इंडियन ‘ को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडियन को कांग्रेस का लोन चुकाना था. 9 करोड़ शेयर के साथ यंग इंडियन को इस कंपनी के 99 फीसदी शेयर हासिल हो गए. इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का लोन भी माफ कर दिया. यानी ‘यंग इंडियन’ को मुफ्त में टीएजेएल का स्वामित्व मिल गया.

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