राष्ट्रपति चुनाव पर पीएम की चाल से विपक्ष हुआ परेशान, 17 पार्टियां भी नहीं टिकेंगी सामने!

नई दिल्‍ली। देश में दो महीने बाद जुलाई में होने वाले राष्‍ट्रपति चुनाव को लेकर अब तक कई नाम सामने आ चुके हैं। इसमें से कई नाम तो ऐसे भी रहे जिन पर दोनों पक्ष सहमत दिखे। लेकिन इसी बीच एक ऐसी खबर आई जिससे पूरे विपक्ष को कड़ा झटका लगा है।

राष्ट्रपति चुनाव पर पीएम की चाल से विपक्ष हुआ परेशान, 17 पार्टियां भी नहीं टिकेंगी सामने!

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के भोज में हिस्सा नहीं लेने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी के आयोजित भोज में शामिल होने की उम्मीद है। ये विपक्ष के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उम्‍मीद जताई जा रही है कि अगर नीतीश के साथ पीएम मोदी ने किसी नेता को राष्‍ट्रपति पद का उम्‍मीदवार घोषित कर दिया तो उनकी जीत पक्‍की है।

सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर शुक्रवार दोपहर विपक्षी दलों के लिए भोज का आयोजन किया था, जिसमें जदयू का प्रतिनिधित्व शरद यादव और के सी त्यागी ने किया। इसके साथ ही तमाम विपक्षी दलों के नेताओं ने वहां शिरकत की थी। लेकिन बिहार के सीएम नीतीश कुमार नहीं आए थे।

वहीं, प्रधानमंत्री भारत यात्रा पर आए मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के सम्मान में आज दोपहर के भोज का आयोजन कर रहे हैं। खबर है कि नीतीश मोदी के भोज में शामिल हो सकते हैं।  हालांकि इससे पहले राष्‍ट्रपति चुनावों की सुगबुगाहट शुरू होने के बाद नीतीश कांग्रेस अध्‍यक्ष से मुलाकात करने वाले सबसे पहले नेताओं में शुमार थे। उसके बाद जदयू की तरफ से शरद यादव ने भी कांग्रेस अध्‍यक्ष से मुलाकात की थी।

इन सबके बाद राष्‍ट्रपति चुनाव की चर्चाओं और 2019 के आम चुनावों के मद्देनजर नरेंद्र मोदी के खिलाफ किलेबंदी के लिहाज से जब सोनिया गांधी के लंच के बुलावे पर विपक्षी दलों का सियासी जमावड़ा हुआ तो नीतीश कुमार कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके।

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इस पर सफाई देते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि शुक्रवार के भोज में शामिल न होने का लोग अनावश्‍यक ही गलत अर्थ लगा रहे हैं जबकि कांग्रेस महासचिव अहमद पटेल को उन्होंने पांच दिन पहले ही बता दिया था कि उनकी पार्टी की तरफ से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव शामिल होंगे और कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी द्वारा आयोजित बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उसपर उन्होंने अपनी राय बता दी थी।

वहीं, शनिवार को प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि ‘उन्होंने यह निमंत्रण बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर स्वीकार किया है। मॉरिशस के लंबे समय से बिहार से भावनात्मक संबंध रहे हैं। मॉरिशस की 52 फीसदी से ज्यादा आबादी मूल रुप से बिहारी हैं।

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