यहाँ पर महिलाओं को अपने बाल बांधे रखने की सलाह दी जाती है

- in ज़रा-हटके

शास्त्र मानव जीवन के ऐसे कई रहस्य से पर्दा उठाता है, जिसके बारे में आम तौर पर सभी लोग अनभिज्ञ रहते हैं। ऐसे बहुत से रहस्य है, जो इंसान के आस-पास मौजूद हैं लेकिन जिनका वह अर्थ नहीं समझ पाता। ऐसे ही अगर महिलाओं के बाल की बात करें, तो इसे लेकर भी शास्त्र में कई सारी बातों का जिक्र मिलता है। आज हम आपसे कुछ इसी सिलसिले पर चर्चा करने वाले हैं, यहां पर हम महिलाओं के बालों से सम्बन्धित कुछ ऐसी ही जानकारी के बारे में बताएंगे जो कि मानव जीवन में बहुत जरूरी होती है।यहाँ पर महिलाओं को अपने बाल बांधे रखने की सलाह दी जाती है

शास्त्रों में महिलाओं के बालों से जुड़ी अनेक मान्यताएं हैं। माना जाता है महिलाओं को बाल बांधकर रखना चाहिए, इनको खोलकर रखना अशुभ होता है।  केश महिलाओं का श्रृंगार होता है, जो उनकी खूबसूरती प्रदान करते हैं। पहले महिलाएं किसी खास अवसर पर ही बाल खोलती थीं, अधिकतर उन्हें बांध कर रखा जाता था क्योंकि खुले बाल रखना शोक की निशानी माना जाता है।आज भी हिंदू धर्म में शुभ कार्यों के दौरान महिलाएं अपने बालों को बांधकर रखती हैं। मंदिर में भी खुले बाल रखना अशुभ माना जाता है। 

शास्त्रों के मुताबिक बाल में कंघी करते समय कंघी का गिरना कुछ बुरा होने का संकेत होता है। इससे कुछ अनिष्ट होने का भय रहता है। इसके साथ ही टूटे बालों के गुच्छे घर में बिखरे रहना परिवार में कलह पैदा करता है। इसके साथ ही महिलाओं को बाल बांधकर रखने चाहिए। माना जाता है बंधे बाल बंधन में रहना सिखाते हैं। केवल एकांत में होने पर इनको खोल सकते हैं। पुराणों में रात को सोने से पहले बाल खोलना दुर्भाग्य को बुलावा देने के समान माना जाता है। कहा जाता है खुले बाल रखने से नेगेटिव एनर्जी सक्रिय हो जाती है और कुछ बुरा होने का डर बना रहता है।

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