ओवैसी और दिग्विजय ने मोहन भागवत के ‘लिंचिंग’ वाले बयान पर साधा निशाना, कहा…

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा। दिग्विजय ने कहा कि मोहन भागवत जी एकजुटता का संदेश देकर उसका पालन करने लगेंगे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का रास्ता अपना लेंगे उस दिन देश की भीड़ हत्या एवं नफरत जैसी सारी समस्या समाप्त हो जाएगी।

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वहीं एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भीड़ हत्या के पीड़ित भारतीय हैं और आरोप लगाया कि भागवत भीड़ हत्या रोकने के लिए नहीं कह रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि गांधी और तबरेज अंसारी की हत्या जिस विचारधारा ने की उसकी तुलना में भारत की बड़ी बदनामी और कोई कुछ नहीं हो सकती। भागवत भीड़ हत्या रोकने के लिए नहीं कह रहे हैं। वह कह रहे हैं कि इसे वो (लिंचिंग) मत कहो।

कांग्रेस ने पूछा सवाल- लिचिंग का समर्थन करते हैं या निंदा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व प्रवक्ता आनंद शर्मा ने ट्वीट कर पूछा, ‘मेरा सरसंघचालक मोहन भागवत जी से सीधा सवाल है- क्या वह और उनका संगठन घृणा और हिंसा का इस्तेमाल कर निर्दोष और असहाय लोगों की हत्या का अनुमोदन करते हैं या ऐसी घटनाओं की भर्त्सना करते हैं? देश जानना चाहता है कि आपको समस्या इन घटनाओं से है या सिर्फ शब्दावली से?’

क्या कहा था मोहन भागवत ने

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयदशमी कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ‘लिंचिंग’ शब्द को लेकर आपत्ति जताई। भागवत ने कहा कि देश में ऐसी कुछ घटनाएं देखने को मिलती है और हर तरफ से देखने को मिलती हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि घटना होती नहीं है लेकिन उसे बनाने की कोशिश की जाती है। संघ का नाम भीड़ हिंसा की घटनाओं से जोड़ा गया, जबकि संघ के स्वयंसेवकों का ऐसी घटनाओं से कोई संबंध नहीं होता। भीड़ हिंसा जैसा शब्द भारत का है ही नहीं क्योंकि भारत में ऐसा कुछ होता ही नहीं था।
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