मोदी सरकार ने उठाया अबतक का सबसे बड़ा कदम, जो अबतक कांग्रेस नहीं कर पाई

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही देश में एक बार फिर से क्रांति आ गई है, हर किसी को उम्मीद है कि अब देश की हालात बदलेगी, अब देश सुधरेगा , अब भ्रष्टाचार ख़त्म होगा और ये सभी उमीदें मोदी जी से है जो वो दिन-रात एक करके पूरा भी कर रहे है. मोदी जी ने पहले नोट-बंदी कर भ्रष्टाचार को खत्म किया फिर GST बिल और अब एक ऐसा बिल लोकसभा में लेकर आए है जो 131 निरर्थक कानूनों को रद्द कर देगा.
 
मोदी सरकार ने उठाया अबतक का सबसे बड़ा कदम, जो अबतक कांग्रेस नहीं कर पाई
बता दें कि मोदी जी ने ठान ली है कि वो देश को किसी भी हाल में बदल कर रहेंगे. इसी सिलसिले में लोकसभा में आज निरसन और संशोधन (दूसरा) विधेयक 2017 पेश किया गया जिसके माध्यम से 131 पुराने और अप्रचलित कानूनों को समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया है. इस बिल को सदन में विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पेश किया है.
 
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले तीन वर्षो के दौरान 1200 पुराने और अप्रचलित कानूनों को समाप्त कर दिया है. विधेयक के उद्देश्यों और कारणों में कहा गया है कि यह विधेयक इसलिए लाया गया है क्योंकि पुराने पड़ गये और अप्रचलित अधिनियमों को खत्म करना आवश्यक हो गया था ताकि औपचारिक त्रुटियों को ठीक किया जा सके.

आखिर कौन से 131 निरर्थक कानून होंगे रद्द !!

बता दें कि इनमें सरकारी मुद्रा अधिनियम, 1862, पश्चिमोत्तर प्रांत ग्राम और सड़क पुलिस अधिनियम 1873, नाट्य प्रदर्शन अधिनियम 1876, राजद्रोहात्मक सभाओं का निवारण अधिनियम 1911, बंगाल आतंकवादी हिंसा दमन अनुपूरक अधिनियम 1932, पुलिस अधिनियम 1888, फोर्ट विलियम अधिनियम 1881, हावड़ा अपराध अधिनियम 1857, सप्ताहिक अवकाश दिन अधिनियम 1942, युद्ध क्षति प्रतिकर बीमा अधिनियम 1943 जैसे अंग्रेजों के समय के पुराने और अप्रचलित कानूनों को समाप्त करने का प्रस्ताव किया गया है. 

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मुख्यतौर पर इस बिल में शत्रु के साथ व्यापार चालू रखना अधिनियम 1947, कपास उपकर संशोधन अधिनियम 1956, दिल्ली किरायेदार अस्थायी उपबंध अधिनियम 1956, विधान परिषद अधिनियम 1957, आपदा संकट माल बीमा अधिनियम 1962, खतरनाक मशीन विनियमन अधिनियम 1983 सीमा शुल्क संशोधन अधिनियम 1985 शामिल है.

 
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