मध्यप्रदेश पटवारी के 9300 पदों के लिए आए थे 10 लाख से ज्यादा आवेदन

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भोपाल। मध्यप्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा के परिणाम सोमवार रात जारी कर दिए गए। आपको बता दें कि पटवारी के 9300 पदों पर भर्ती के लिए 10 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे। इसमें से 3 लाख से ज्यादा उम्मीदवार ऐसे थे, जिनके पास पीएचडी, एमई, एमटेक और एमबीए की डिग्री है। इसके पहले 12वीं स्तर पर भी सीमित आवेदन आते थे, लेकिन अब पटवारी जैसी परीक्षा जिसमें ग्रेजुएशन कर चुके उम्मीदवारों से आवेदन मंगाए जाने पर हायर डिग्री प्राप्त कर चुके उम्मीदवार भी सामने आए। हालांकि परीक्षा में केवल जिसमें 8 लाख 70 हजार 597 अभ्यार्थी शामिल हुए थे।

बड़ी-बड़ी डिग्री वाले उम्मीदवार

20 हजार से ज्यादा आवेदन पीएचडी कर चुके उम्मीदवारों के आए थे। बीई, एमई और एमटेक करने वालों की संख्या 1.5 लाख से ज्यादा रही। एमबीए के भी एक लाख से ज्यादा उम्मीदवार, वहीं एमकॉम और एमएससी वालों की संख्या भी 30 हजार से ज्यादा थी। बाकी बीए, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीएससी और अन्य डिग्री धारकों के आवेदन आए।

परीक्षा के पहले ही दिन सामने आई थी बड़ी गड़बड़

पटवारी भर्ती परीक्षा के पहले ही दिन बड़ी गड़बड़ सामने आई थी। दरअसल आधार नंबर से वैरिफिकेशन कराने के लिए अभ्यर्थी घंटों लाइन में खड़े रहे। प्रोफेशनल एक्जामिशन बोर्ड ने इसमें सुधार किया। तीन हजार अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट के निशान नहीं मिले, जिसके बाद इनकी परीक्षा बाद में आयोजित की गई थी।

बेरोजगारों से 50 करोड़ की वसूली पर लगी याचिका

सरकारी नौकरी के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं की फीस को लेकर इंदौर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा है कि बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर सरकार उनसे परीक्षा फीस के रूप में करोड़ों रुपए वसूल रही है। पटवारी भर्ती परीक्षा के नाम पर आवेदकों से 50 करोड़ रुपए वसूल लिए, जबकि रोजगार के अवसर पैदा करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया।

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